स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने फहराया तिरंगा, लोकतांत्रिक मूल्यों का लिया संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 15 अगस्त 2026 को अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक आदर्शों तथा राष्ट्रीय विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सार्वजनिक रूप से दोहराया। 80वें स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर आयोजित समारोह में सुरक्षाकर्मियों द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा के बीच तिरंगा आसमान में लहराया।
मुख्य समारोह का घटनाक्रम
जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज ऊंचाई पर फहराया गया, अध्यक्ष गुप्ता ने राष्ट्र की संप्रभुता, गौरव और एकता के प्रतीक तिरंगे को प्रणाम किया और सलामी दी। समारोह देशभक्ति की भावना और गरिमा से परिपूर्ण रहा। गुप्ता ने इस अवसर पर देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
अध्यक्ष गुप्ता ने उन स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रीय नायकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके असाधारण बलिदानों ने भारत की आज़ादी का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा देश की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है। उनके अनुसार, यह दिन संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्रीय राजधानी के विकास के लिए सामूहिक संकल्प को नवीनीकृत करने का अवसर है।
विधानसभा परिसर में नागरिकों का उत्साह
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार शाम 5 से 8 बजे तक 115 वर्ष पुराने दिल्ली विधानसभा परिसर को आम नागरिकों के लिए खोला गया। परिवार, युवा और आगंतुक बड़ी संख्या में इस ऐतिहासिक इमारत की स्थापत्य भव्यता और समृद्ध विरासत का अवलोकन करने पहुंचे। परिसर की विशेष रोशनी ने देशभक्ति के माहौल को और जीवंत बना दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के बैंडों ने जोशीली प्रस्तुतियां दीं, जिन पर उपस्थित नागरिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साह जताया। विधानसभा परिसर में दो दिनों तक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे यह प्रतिष्ठित परिसर देशभक्ति की ऊर्जा से सराबोर रहा।
आगे की राह
अध्यक्ष गुप्ता ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता के करीब लाना उनकी प्राथमिकता है और इसी दिशा में विधानसभा परिसर को नागरिकों के लिए खुला रखने की पहल की गई। यह आयोजन आने वाले वर्षों में भी जारी रखे जाने की उम्मीद है।