29 सितंबर 2026
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नागांव उपचुनाव: हिमंता बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर वार — 'पहले नौकरी के बदले पैसे क्यों लिए?'

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नागांव उपचुनाव: हिमंता बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर वार — 'पहले नौकरी के बदले पैसे क्यों लिए?'

सारांश

नागांव उपचुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस को सीधे घेरा — 'हमारे दौर में नौकरी मुफ्त, तुम्हारे दौर में क्यों नहीं?' 6 अक्टूबर के मतदान से पहले यह सवाल निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति का केंद्रबिंदु बन गया है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 29 सितंबर 2026 को नागांव उपचुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस पर हमला बोला।
उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के शासनकाल में सरकारी नौकरियाँ बिना पैसे के क्यों नहीं दी गईं।
BJP उम्मीदवार देवाशीष शर्मा (पूर्व नौकरशाह) के मुकाबले कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा और AIUDF ने बदरुद्दीन अजमल को उतारा है।
नागांव सीट प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और BJP में शामिल होने के बाद रिक्त हुई थी।
कांग्रेस नेताओं ने समागुरी में काफिले पर हमले का आरोप लगाया; देवाशीष शर्मा ने इसे पार्टी के आंतरिक कलह बताया।
मतदान 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 29 सितंबर 2026 को नागांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य सरकार के निःशुल्क भर्ती अभियान का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस के शासनकाल में सरकारी नौकरियाँ बिना पैसे के क्यों नहीं दी जाती थीं।

मुख्यमंत्री का सीधा सवाल

पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने कहा कि अब आम जनता स्वयं कांग्रेस से जवाब माँग रही है। उनके शब्दों में — 'लोग पूछ रहे हैं कि अगर हिमंता बिस्वा सरमा के कार्यकाल में बिना पैसे लिए नौकरियाँ मिल रही हैं, तो कांग्रेस के समय ऐसा क्यों नहीं हुआ?' यह बयान गुवाहाटी में प्रचार के दौरान आया, जो भाजपा के उम्मीदवार देवाशीष शर्मा के समर्थन में जनसभाओं की शृंखला का हिस्सा था।

नागांव उपचुनाव की पृष्ठभूमि

नागांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। यह सीट पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद रिक्त हुई थी। BJP नेतृत्व वाले गठबंधन ने पूर्व नौकरशाह देवाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने सिबामोनी बोरा को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी इस चुनाव में प्रतिस्पर्धा में हैं।

अल्पसंख्यक क्षेत्रों में कांग्रेस को 'असामान्य प्रतिक्रिया' का दावा

सरमा ने यह भी दावा किया कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं को असामान्य जन-प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा — 'जब कांग्रेस नेता अल्पसंख्यक क्षेत्रों में जाते हैं, तो लोग उनका पीछा करते हैं। ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा।' यह बयान कथित तौर पर जनाधार में बदलाव की ओर इशारा करने के लिए दिया गया, हालाँकि कांग्रेस ने इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

प्रचार में तनाव और आरोप-प्रत्यारोप

चुनाव अभियान के दौरान राजनीतिक तनाव भी सतह पर आया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि समागुरी में प्रचार के दौरान उनके काफिले पर हमला किया गया। हालाँकि, देवाशीष शर्मा ने इस घटना का कारण कांग्रेस के भीतरी मतभेदों को बताया। सरमा ने राहा और समागुरी सहित पूरे निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक रैलियाँ कर शर्मा के लिए जोरदार प्रचार किया है।

मुख्य चुनावी मुद्दे

मतदान की तारीख नज़दीक आने के साथ रोज़गार, विकास, शासन और विभिन्न समुदायों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे प्रमुखता से उभरे हैं। गौरतलब है कि नागांव निर्वाचन क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की उल्लेखनीय उपस्थिति है, जिससे यह उपचुनाव असम की राजनीति में एक महत्त्वपूर्ण बैरोमीटर बन गया है। 6 अक्टूबर को मतदान के बाद यह स्पष्ट होगा कि सरमा की 'निःशुल्क भर्ती' की राजनीति मतदाताओं पर कितना असर डालती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि BJP सरकार को सुशासन के रूप में प्रस्तुत करता है। लेकिन असली जाँच यह है कि इस भर्ती अभियान के आँकड़े कितने पारदर्शी हैं और क्या वे स्वतंत्र सत्यापन की कसौटी पर खरे उतरते हैं। नागांव की मिश्रित जनसांख्यिकी में AIUDF की उपस्थिति इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाती है, और अल्पसंख्यक मतों का विभाजन ही अंतिम परिणाम तय कर सकता है — जिसे सरमा का 'असामान्य प्रतिक्रिया' वाला दावा संकेत दे रहा है, पर जिसकी पुष्टि मतपेटी ही करेगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागांव लोकसभा उपचुनाव 2026 कब है और यह क्यों हो रहा है?
नागांव लोकसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होगा। यह सीट पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और BJP में शामिल होने के बाद रिक्त हुई थी।
नागांव उपचुनाव में मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?
BJP नेतृत्व वाले गठबंधन ने पूर्व नौकरशाह देवाशीष शर्मा को, कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को और AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
सरमा ने दावा किया कि BJP सरकार के तहत राज्य में सरकारी नौकरियाँ बिना किसी शुल्क के दी जा रही हैं, और उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के शासनकाल में ऐसा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में जनता कांग्रेस नेताओं को असामान्य प्रतिक्रियाएँ दे रही है।
समागुरी में कांग्रेस काफिले पर हमले का मामला क्या है?
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि समागुरी में उनके प्रचार काफिले पर हमला हुआ। BJP उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने इस घटना का कारण कांग्रेस के भीतरी मतभेदों को बताया; मामले की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
नागांव उपचुनाव में मुख्य चुनावी मुद्दे क्या हैं?
रोज़गार, विकास, शासन की गुणवत्ता और विभिन्न समुदायों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व इस चुनाव के केंद्रीय मुद्दे हैं। निर्वाचन क्षेत्र की मिश्रित जनसांख्यिकी के कारण अल्पसंख्यक मतों का रुझान भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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