नगांव लोकसभा उपचुनाव: कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को उम्मीदवार घोषित किया, 6 अक्टूबर को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 14 सितंबर 2026 को असम की नगांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा को पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया। इस सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। नगांव उपचुनाव को असम की राजनीति में एक निर्णायक मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
नगांव सीट पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई थी। बोरदोलोई ने लोकसभा सदस्यता और कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इसके बाद उन्होंने असम विधानसभा चुनाव में BJP के टिकट पर दिसपुर सीट से जीत दर्ज की, जिससे नगांव लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव अनिवार्य हो गया। गौरतलब है कि नगांव कांग्रेस का परंपरागत गढ़ रहा है — पार्टी ने 2019 और 2024 दोनों लोकसभा चुनावों में यहाँ जीत हासिल की थी।
कांग्रेस का दाँव: सिबामोनी बोरा
कांग्रेस ने उम्मीदवारी के लिए पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा पर भरोसा जताया है। पार्टी का मानना है कि बोरा नगांव में स्थानीय स्तर पर मज़बूत पकड़ रखती हैं और कांग्रेस के पारंपरिक समर्थन आधार को एकजुट करने में सक्षम होंगी। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी असम में अपनी ज़मीन वापस पाने के लिए प्रयासरत है।
BJP का उम्मीदवार: देवाशीष शर्मा
दूसरी ओर, भाजपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी और नगांव के पूर्व उपायुक्त देवाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है। शर्मा ने 3 सितंबर को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली, 8 सितंबर को BJP में शामिल हुए और कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। उनकी इस त्वरित राजनीतिक पारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने उनके प्रशासनिक कार्यकाल और अचानक राजनीति में प्रवेश को लेकर आलोचना की है।
राजनीतिक समीकरण और गोगोई का बयान
असम कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद गौरव गोगोई ने नगांव उपचुनाव को BJP और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर बताया है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव इस बात की परीक्षा है कि क्या BJP की 'डर की राजनीति' जीतती है या जनता अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज़ उठाती है। उनके अनुसार, नगांव की जनता दबाव और भय की राजनीति को खारिज करेगी। BJP, वहीं, प्रद्युत बोरदोलोई के दल-परिवर्तन और देवाशीष शर्मा की स्थानीय पहचान को चुनावी लाभ में तब्दील करने की रणनीति पर काम कर रही है।
आगे क्या होगा
6 अक्टूबर को होने वाला मतदान और 9 अक्टूबर की मतगणना न केवल नगांव का प्रतिनिधित्व तय करेगी, बल्कि असम में दोनों प्रमुख दलों की रणनीतिक ताकत का भी अंदाज़ा देगी। यह नतीजा राज्य में भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल सकता है।