असम विधानसभा चुनाव: भाजपा को बहुमत, कांग्रेस को बड़ा झटका
सारांश
Key Takeaways
- असम चुनाव की तिथियाँ: 9 अप्रैल मतदान और 4 मई परिणाम।
- भाजपा को 96-98 सीटें मिलने का अनुमान।
- कांग्रेस को 26-28 सीटें मिलने की संभावना।
- असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता।
- मतदाता शेयर: एनडीए को 43-44%25 और कांग्रेस को 39-40%25।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को असम सहित चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तिथियों की घोषणा की है। असम की 126 विधानसभा सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को होगा, और चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव की घोषणा के साथ ही इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
असम विधानसभा चुनाव की तिथि के साथ ही राष्ट्र प्रेस-मैटराइज का एक ओपिनियन पोल भी सामने आया है। इस पोल का उद्देश्य जानना है कि आखिर प्रदेश की सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाएगी?
राष्ट्र प्रेस-मैटराइज के ओपिनियन पोल के अनुसार, असम में एक बार फिर से भाजपा के कमल खिलने की संभावना है, जबकि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को प्रदेश की जनता का भरोसा नहीं मिल रहा है। इस पोल के अनुसार, असम में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने की संभावना है।
ओपिनियन पोल के अनुसार, असम की 126 विधानसभा सीटों में से भाजपा गठबंधन को 96-98 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, कांग्रेस को 26 से 28 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के लिए 2 से 8 सीटें आ सकती हैं।
मतदाता शेयर पर नजर डालें तो, राष्ट्र प्रेस-मैटराइज के ओपिनियन पोल के अनुसार, एनडीए को 43 से 44 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस को 39-40 प्रतिशत और अन्य को 18-20 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान लगाया गया है।
15वीं असम विधानसभा का कार्यकाल 20 मई 2026 को समाप्त होगा, इसलिए चुनाव समय पर संपन्न कराना आवश्यक है। असम में कुल 2.5 करोड़ वोटर्स हैं, जिनमें 1.25 करोड़ पुरुष और 1.25 करोड़ महिला मतदाता शामिल हैं। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 343 है। पहले बार वोट डालने वालों (18-19 वर्ष) की संख्या 5.75 लाख है।