टिंगखोंग में BJP की हैट्रिक: बिमल बोरा ने बिपुल गोगोई को 49,026 वोटों से हराया, असम चुनाव 2026
सारांश
मुख्य बातें
असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में डिब्रूगढ़ जिले की टिंगखोंग सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है। BJP उम्मीदवार बिमल बोरा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रत्याशी बिपुल गोगोई को 49,026 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। बोरा को कुल 88,912 वोट मिले, जबकि गोगोई 39,886 मतों पर सिमट गए।
जीत का क्रमिक विस्तार
टिंगखोंग में बिमल बोरा की यह तीसरी लगातार विधानसभा जीत है और हर बार उनकी बढ़त का अंतर बढ़ता गया है। 2016 में उन्होंने कांग्रेस के अतुवा मुंडा को 18,338 वोटों से हराया था। 2021 में यह अंतर बढ़कर 28,394 वोट हो गया। अब 2026 में यह अंतर और बढ़कर 49,026 वोट पर पहुँच गया है, जो क्षेत्र में BJP की गहरी होती पकड़ को रेखांकित करता है।
सीट का राजनीतिक इतिहास
1967 में अस्तित्व में आई टिंगखोंग विधानसभा सीट अब तक 12 चुनाव देख चुकी है। कांग्रेस ने यहाँ पाँच बार जीत हासिल की, जिनमें 1996 से 2006 के बीच लगातार तीन जीत शामिल हैं। इसके अलावा संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी, असम गण परिषद (AGP) और एक निर्दलीय उम्मीदवार भी यहाँ से विजयी रहे हैं। 2011 में कांग्रेस के अतुवा मुंडा ने AGP के अनूप फुकन को हराकर इस सीट पर कांग्रेस की आखिरी जीत दर्ज की थी। यह ऐसे समय में आया है जब ऊपरी असम में कांग्रेस का आधार लगातार सिकुड़ रहा है।
मतदाता संरचना और भागीदारी
2026 की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार टिंगखोंग में 1,77,658 मतदाता हैं, जो 2024 की तुलना में 9,111 अधिक हैं। 2023 के परिसीमन के बाद भी मतदाता संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले 2021 में 1,44,548, 2019 में 1,36,088, 2016 में 1,21,571 और 2011 में 1,15,860 मतदाता थे। मतदान प्रतिशत भी ऊँचा रहा है — 2011 में 73.75%, 2016 में 85.23%, 2019 में 77.15% और 2021 में 82.46%। सामाजिक संरचना में अनुसूचित जनजाति के मतदाता लगभग 12.46% और अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 1.51% हैं। यह सीट पूरी तरह ग्रामीण है और यहाँ कोई शहरी मतदाता नहीं है।
भौगोलिक और आर्थिक परिदृश्य
टिंगखोंग ब्रह्मपुत्र घाटी के उपजाऊ मैदानी क्षेत्र में स्थित है, जहाँ चाय बागान और धान की खेती आजीविका का मुख्य आधार हैं। दिहिंग नदी और उसकी सहायक नदियाँ कृषि को सींचती हैं। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक संबंध अहोम साम्राज्य से जोड़ा जाता है। स्थानीय अर्थव्यवस्था मुख्यतः चाय बागानों, कृषि और छोटे व्यवसायों पर टिकी है। नेशनल हाईवे-15 और राज्य मार्ग सड़क संपर्क उपलब्ध कराते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन नाहरकटिया (लगभग 20 किमी) है, जबकि डिब्रूगढ़ का मोहनबाड़ी हवाई अड्डा लगभग 80 किमी दूर है।
लोकसभा चुनावों में BJP का प्रभाव
लोकसभा चुनावों में भी टिंगखोंग क्षेत्र में BJP का प्रभाव लगातार बढ़ा है। 2009 में कांग्रेस ने मामूली बढ़त बनाई थी, लेकिन 2014 और 2019 में BJP ने स्पष्ट बढ़त हासिल की। 2024 में अंतर कुछ कम हुआ, फिर भी पार्टी ने अपनी बढ़त बनाए रखी। विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तरों पर BJP की यह निरंतरता टिंगखोंग को पार्टी के भरोसेमंद गढ़ों में शामिल करती है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में यह रुझान और स्पष्ट होगा।