तामुलपुर सीट पर भाजपा की ऐतिहासिक जीत: बिस्वजीत दैमारी ने 26,743 वोटों से यूपीपीएल को हराया

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तामुलपुर सीट पर भाजपा की ऐतिहासिक जीत: बिस्वजीत दैमारी ने 26,743 वोटों से यूपीपीएल को हराया

सारांश

तामुलपुर में भाजपा की पहली जीत बोडोलैंड की राजनीति का नया अध्याय है। बिस्वजीत दैमारी ने 26,743 वोटों के बड़े अंतर से UPPL को पराजित किया। यह सीट दशकों से निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों का गढ़ रही है — भाजपा का यहाँ पहुँचना 2024 की लोकसभा बढ़त की स्वाभाविक परिणति है।

मुख्य बातें

बिस्वजीत दैमारी ने तामुलपुर विधानसभा सीट पर 26,743 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की; उन्हें कुल 89,308 मत मिले।
2026 में भाजपा ने इस सीट पर पहली बार जीत हासिल की — यह सीट 1978 से अस्तित्व में है।
इस सीट पर स्वतंत्र उम्मीदवारों ने सर्वाधिक पाँच बार जीत दर्ज की है; BPF और UPPL ने दो-दो बार जीता।
2026 में कुल 2,13,846 मतदाता पंजीकृत; मतदान प्रतिशत लगातार 76-77% के बीच मज़बूत।
सीट पूरी तरह ग्रामीण; अनुसूचित जनजातियाँ कुल मतदाताओं का 28.60% ।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार बिस्वजीत दैमारी ने 4 मई 2026 को असम के बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) की तामुलपुर विधानसभा सीट पर 26,743 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 89,308 मत प्राप्त हुए, जबकि यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के प्रत्याशी को पराजय का सामना करना पड़ा। यह 2026 के असम विधानसभा चुनाव में भाजपा की तामुलपुर सीट पर पहली ऐतिहासिक जीत है।

तामुलपुर सीट का चुनावी इतिहास

1978 में अस्तित्व में आई यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है और बोडोलैंड की राजनीति का एक अहम केंद्र रही है। अब तक इस सीट पर 12 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 2021 का उपचुनाव भी शामिल है। इस सीट की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि यहाँ के मतदाताओं ने किसी एक दल को स्थायी समर्थन नहीं दिया — स्वतंत्र उम्मीदवारों ने सबसे अधिक पाँच बार जीत दर्ज की है।

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) ने दो-दो बार जीत हासिल की है। राष्ट्रीय दलों में जनता पार्टी ने 1978 में और कांग्रेस ने 1983 में यहाँ जीत दर्ज की थी। 2026 में भाजपा ने इस सीट पर पहली बार विजय पताका फहराई।

पिछले दशक के प्रमुख चुनावी समीकरण

बीते दशक में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के नेता इमैनुएल मोशाहारी का वर्चस्व रहा, जिन्होंने 2011 और 2016 में लगातार जीत हासिल की। 2011 में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 4,608 वोटों से हराया, जबकि 2016 में जीत का अंतर बढ़कर लगभग 20,000 तक पहुँच गया।

2021 में राजनीतिक समीकरण पलटे, जब UPPL के केलेहो राम बोरो ने BPF उम्मीदवार को 32,183 वोटों से हराया। कोविड-19 के दौरान उनके निधन के कारण उपचुनाव हुआ, जिसमें UPPL की जोलेन डाइमरी ने भारी मतों से जीत दर्ज की।

लोकसभा चुनावों में मतदान पैटर्न

लोकसभा चुनावों में भी तामुलपुर का मतदान पैटर्न अलग रहा है। 2014 और 2019 में निर्दलीय उम्मीदवार नबा कुमार सरानिया ने प्रमुख दलों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की। 2024 में भाजपा ने अपनी उपस्थिति मजबूत करते हुए BPF पर बढ़त बनाई, जो 2026 की ऐतिहासिक जीत की पृष्ठभूमि बनी।

मतदाता संख्या और जनसांख्यिकीय स्वरूप

2026 के विधानसभा चुनाव में तामुलपुर में कुल 2,13,846 मतदाता पंजीकृत थे, जो 2024 के आँकड़े से मामूली कम है। इसके बावजूद मतदान प्रतिशत लगातार मज़बूत बना रहा — 2011 में 76.86% से 2024 में 77.41% तक।

जनसांख्यिकीय दृष्टि से यह सीट पूरी तरह ग्रामीण है, जहाँ अनुसूचित जनजातियाँ कुल मतदाताओं का लगभग 28.60% और अनुसूचित जातियाँ 12.06% हैं। कृषि यहाँ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है — धान प्रमुख फसल है, इसके अलावा जूट, सब्जियाँ और मधुमक्खी पालन स्थानीय आजीविका के प्रमुख स्रोत हैं।

आगे क्या

तामुलपुर में भाजपा की यह पहली जीत बोडोलैंड की राजनीति में एक नए समीकरण की शुरुआत का संकेत देती है। यह ऐसे समय में आई है जब बीटीआर में क्षेत्रीय दलों की पकड़ पारंपरिक रूप से मज़बूत रही है। अब देखना होगा कि भाजपा इस जनादेश को ज़मीनी विकास में किस तरह बदलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बोडोलैंड की क्षेत्रीय राजनीति में राष्ट्रीय दलों की बढ़ती पैठ का संकेत है। दशकों तक निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों का गढ़ रही इस सीट पर भाजपा का पहुँचना 2024 की लोकसभा रणनीति का सीधा विस्तार है। सवाल यह है कि क्या यह जीत बीटीआर में भाजपा की स्थायी उपस्थिति की नींव है या केवल क्षेत्रीय गठबंधनों के बिखराव का लाभ। जब तक ज़मीनी विकास और जनजातीय आकांक्षाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता, यह जनादेश अगले चुनाव में उतना ही अप्रत्याशित साबित हो सकता है जितना यह सीट अब तक रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तामुलपुर विधानसभा सीट पर 2026 में कौन जीता?
भाजपा उम्मीदवार बिस्वजीत दैमारी ने 2026 के असम विधानसभा चुनाव में तामुलपुर सीट पर UPPL प्रत्याशी को 26,743 वोटों से हराया। उन्हें कुल 89,308 मत प्राप्त हुए।
तामुलपुर सीट पर भाजपा ने पहले कभी जीत दर्ज की थी?
नहीं, 2026 में भाजपा ने तामुलपुर सीट पर पहली बार जीत दर्ज की। यह सीट 1978 से अस्तित्व में है और इससे पहले यहाँ स्वतंत्र उम्मीदवार, BPF, UPPL, जनता पार्टी और कांग्रेस जीत चुके हैं।
तामुलपुर सीट का चुनावी इतिहास कैसा रहा है?
1978 में अस्तित्व में आई इस सीट पर अब तक 12 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। स्वतंत्र उम्मीदवारों ने सर्वाधिक पाँच बार जीत दर्ज की है, जबकि BPF और UPPL ने दो-दो बार जीता है। जनता पार्टी (1978) और कांग्रेस (1983) ने एक-एक बार जीत हासिल की थी।
तामुलपुर सीट पर 2021 में उपचुनाव क्यों हुआ?
2021 के विधानसभा चुनाव में UPPL के केलेहो राम बोरो ने जीत दर्ज की थी, लेकिन कोविड-19 के दौरान उनके निधन के कारण उपचुनाव कराना पड़ा। उपचुनाव में UPPL की जोलेन डाइमरी ने भारी मतों से जीत हासिल की।
तामुलपुर सीट पर मतदाताओं की संख्या और जनसांख्यिकी कैसी है?
2026 में तामुलपुर में 2,13,846 मतदाता पंजीकृत हैं। यह सीट पूरी तरह ग्रामीण है; अनुसूचित जनजातियाँ कुल मतदाताओं का 28.60% और अनुसूचित जातियाँ 12.06% हैं। मतदान प्रतिशत 2011 से 2024 के बीच 76-77% के बीच मज़बूत रहा है।
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