धेमाजी (एसटी) सीट पर BJP के रानोज पेगु की हैट्रिक, कांग्रेस के सैलेन सोनोवाल को 32,229 वोटों से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक रानोज पेगु ने 4 मई 2026 को असम की धेमाजी (एसटी) विधानसभा सीट पर लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर ऐतिहासिक हैट्रिक लगाई। पेगु ने कांग्रेस प्रत्याशी सैलेन सोनोवाल को 32,229 मतों के अंतर से पराजित किया, जो इस सीट पर BJP की मजबूत होती पकड़ का प्रमाण है।
मतगणना के प्रमुख आँकड़े
मतगणना में रानोज पेगु को 83,649 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के सैलेन सोनोवाल को 51,420 वोट प्राप्त हुए। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रत्याशी नरेंद्र कुमार पाव को 3,550 वोट और निर्दलीय प्रत्याशी बाबुल सोनोवाल को 1,675 वोट मिले। असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान हुआ था और 4 मई 2026 को मतगणना संपन्न हुई।
सीट का राजनीतिक इतिहास
1967 में स्थापित धेमाजी विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है और लखीमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। इस सीट पर समय-समय पर असम गण परिषद (एजीपी), कांग्रेस, BJP और स्वतंत्र उम्मीदवारों का प्रभाव रहा है। 2016 में BJP ने प्रधान बरुआ के नेतृत्व में यह सीट जीती, और 2017 के उपचुनाव में रानोज पेगु ने कांग्रेस के बाबुल सोनोवाल को हराकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की।
2021 के विधानसभा चुनाव में पेगु ने 87,681 वोट हासिल कर असम जातीय परिषद के चित्तरंजन बसुमतारी को 30,792 वोटों से हराया था। उस जीत के बाद पेगु राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री भी बने। गौरतलब है कि 2009 में एजीपी ने कांग्रेस को हराया था, लेकिन 2014 से BJP ने इस क्षेत्र में निरंतर बढ़त बनाए रखी है।
क्षेत्र की भौगोलिक और विकास संबंधी चुनौतियाँ
धेमाजी निर्वाचन क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण और आदिवासी बहुल है। ब्रह्मपुत्र और सुबनसिरी नदी के कारण हर वर्ष आने वाली बाढ़ यहाँ के लोगों के जीवन और कृषि को बुरी तरह प्रभावित करती है। तटबंधों की मरम्मत, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे मतदाताओं के लिए सदैव प्रमुख रहे हैं। यह क्षेत्र धेमाजी नगर क्षेत्र, धेमाजी विकास ब्लॉक, बोरडोलोनी और माछखोवा ब्लॉकों के हिस्सों से मिलकर बना है।
मतदाता आँकड़े और विवाद
2026 के चुनाव के लिए कुल 1,78,319 मतदाता पंजीकृत थे, जो 2024 की तुलना में लगभग 7,200 अधिक हैं। हालाँकि 2024 में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान 77,304 नाम हटाए गए थे, जिससे कुल मतदाता संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि यह अभियान पक्षपातपूर्ण था और BJP-विरोधी मतदाताओं को निशाना बनाया गया। हालाँकि धेमाजी में आदिवासी बहुलता और कम अल्पसंख्यक आबादी के कारण इस मुद्दे पर व्यापक विरोध नहीं हुआ।
आगे क्या
रानोज पेगु की यह तीसरी जीत इस बात का संकेत है कि BJP ने आदिवासी बहुल इस सीट पर अपनी जड़ें और गहरी कर ली हैं। यह ऐसे समय में आई है जब बाढ़, बुनियादी ढाँचे की कमी और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे अभी भी हल होने की प्रतीक्षा में हैं — और अब इन्हें पूरा करने की ज़िम्मेदारी एक बार फिर पेगु के कंधों पर होगी।