असम चुनाव 2026: जागीरोड (एससी) से भाजपा के पीयूष हजारिका ने 93,584 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार पीयूष हजारिका ने असम विधानसभा चुनाव 2026 में मारीगांव जिले की जागीरोड (एससी) विधानसभा सीट पर शानदार जीत हासिल की है। हजारिका ने 1,55,129 मत प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं कांग्रेस उम्मीदवार बुलबुल दास को 93,584 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। बुलबुल दास को कुल 61,545 मत ही मिल सके। यह पीयूष हजारिका की इस सीट पर लगातार तीसरी जीत है।
मुख्य चुनाव परिणाम
जागीरोड विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित है और असम की कुल 126 विधानसभा सीटों में शामिल है। यह सीट नौगोंग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण, दोनों प्रकार के मतदाताओं का मिश्रण है, जो इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
मतदाता आँकड़े और मतदान प्रतिशत
इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या करीब 2.23 लाख है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान यहाँ 2,22,110 मतदाता पंजीकृत थे और 316 मतदान केंद्र थे, जबकि उस चुनाव में 81.69 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था। इससे पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में यहाँ 85.29 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो मतदाताओं की उच्च भागीदारी को दर्शाता है।
पीयूष हजारिका की जीत का इतिहास
भाजपा नेता पीयूष हजारिका को जागीरोड सीट पर पहली जीत 2016 में मिली थी। इसके बाद 2021 में वे दूसरी बार इस सीट से विधायक बने और अब 2026 में उन्होंने लगातार तीसरी बार यहाँ से जीत दर्ज कर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। गौरतलब है कि जागीरोड विधानसभा सीट पर पहली बार 1978 में विधानसभा चुनाव हुआ था, जिसमें कांग्रेस के उम्मीदवार प्रकाश चंद्र दलाई ने जीत हासिल की थी। तब से अब तक इस सीट पर कुल 11 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।
असम में भाजपा की व्यापक स्थिति
जागीरोड सीट पर भाजपा की यह जीत राज्यव्यापी रुझान के अनुरूप है। आँकड़ों के अनुसार, असम में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनने जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी ने राज्य की अनेक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर भी अपना दबदबा बनाए रखा है, जो उसके व्यापक सामाजिक आधार को दर्शाता है।
आगे क्या
चुनाव परिणामों के बाद असम में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। पीयूष हजारिका की लगातार तीसरी जीत उन्हें जागीरोड क्षेत्र में भाजपा का सबसे मजबूत चेहरा बनाती है और आने वाले वर्षों में उनकी राजनीतिक भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।