असम विधानसभा चुनाव 2026: सोमवार को मतगणना, हिमंता बिस्वा सरमा और गौरव गोगोई समेत दिग्गजों की किस्मत का होगा फैसला
सारांश
Key Takeaways
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और कई अन्य दिग्गज नेताओं की राजनीतिक किस्मत का फैसला सोमवार, 5 मई 2026 को होगा, जब असम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना राज्यभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू होगी। यह नतीजे तय करेंगे कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगा या विपक्षी गठबंधन कोई बड़ी सफलता हासिल करेगा।
मतगणना की व्यवस्था
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, असम के 35 जिलों में फैले 40 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी। सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) मतगणना से पहले कड़ी सुरक्षा और 24 घंटे की निगरानी में स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई हैं। बड़े विधानसभा क्षेत्रों वाले जिलों में विशेष इंतजाम किए गए हैं — नगांव में तीन अलग-अलग स्थानों पर, जबकि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में दो-दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र लागू किया गया है। मतगणना केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 25 कंपनियाँ तैनात की गई हैं। इसके अलावा करीब 800 पुलिसकर्मियों को स्ट्रॉन्ग रूम से मतगणना हॉल तक EVM पहुँचाने के काम में लगाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने बताया था कि CAPF की दो अतिरिक्त कंपनियाँ रिजर्व ड्यूटी पर रहेंगी। राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियाँ पहले से विभिन्न जिलों में तैनात हैं, और किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटने के लिए 85 विशेष असॉल्ट टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
चुनाव के प्रमुख आँकड़े
असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल 2026 को मतदान हुआ था, जिसमें 2.50 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 85.96 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चुनाव में 59 महिला उम्मीदवारों सहित कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस ने सर्वाधिक 99 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि BJP ने 90 उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
गौरतलब है कि NDA सहयोगियों में असम गण परिषद 26 सीटों पर और बोडो पीपुल्स फ्रंट 11 सीटों पर मैदान में है। विपक्षी गठबंधन में रायजोर दल 13, असम जातीय परिषद 10, माकपा 3 और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) 30 सीटों पर किस्मत आजमा रही है। अन्य दलों में आम आदमी पार्टी (AAP) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल 18-18 सीटों पर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) 22 सीटों पर और झारखंड मुक्ति मोर्चा 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।
प्रमुख उम्मीदवार जिनकी किस्मत दाँव पर
इस बार के चुनाव में कई बड़े नाम दाँव पर हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, सांसद अखिल गोगोई और एजेपी प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई की जीत-हार पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब असम में राजनीतिक ध्रुवीकरण अपने चरम पर है और हर सीट के नतीजे राज्य की भावी राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
आगे क्या
मतगणना के नतीजे आते ही स्पष्ट हो जाएगा कि NDA तीसरी बार सत्ता में वापसी करता है या विपक्ष का गठबंधन इस बार बाज़ी पलटने में सफल रहता है। राज्य के राजनीतिक भविष्य की यह तस्वीर अगले कुछ घंटों में साफ हो जाएगी।