10 अगस्त 2026
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असम चुनाव 2026: गोलाघाट सीट पर भाजपा की अजंता नियोग ने कांग्रेस को 43,000 वोटों से हराया

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असम चुनाव 2026: गोलाघाट सीट पर भाजपा की अजंता नियोग ने कांग्रेस को 43,000 वोटों से हराया

सारांश

जो सीट कभी कांग्रेस का अभेद्य गढ़ थी, वहाँ भाजपा की अजंता नियोग ने 43,759 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की। 2021 में 9,325 वोट से शुरू हुआ सफर 2026 में पाँच गुना बड़े अंतर में बदल गया — यह असम की राजनीति में एक गहरे बदलाव का प्रमाण है।

मुख्य बातें

अजंता नियोग (BJP) ने गोलाघाट विधानसभा सीट पर 1,02,212 वोट पाकर कांग्रेस के बिटुपन सैकिया ( 58,453 वोट) को 43,759 वोटों से हराया।
2021 में जीत का अंतर 9,325 वोट था, जो 2026 में बढ़कर 43,759 हो गया — लगभग पाँच गुना वृद्धि।
गोलाघाट में 2,01,387 पंजीकृत मतदाता हैं; लगभग 84% ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं।
कांग्रेस ने इस सीट पर अब तक नौ बार जीत दर्ज की थी; अजंता नियोग ने 2001–2016 तक चार बार कांग्रेस के लिए यह सीट जीती थी।
2021 में भाजपा में शामिल होने के बाद नियोग को असम की पहली महिला वित्त मंत्री बनाया गया था।

असम की गोलाघाट विधानसभा सीट पर 4 मई 2026 को घोषित चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार अजंता नियोग ने कांग्रेस के प्रत्याशी बिटुपन सैकिया को 43,759 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। नियोग को 1,02,212 मत मिले, जबकि सैकिया 58,453 वोटों पर सिमट गए — जो कभी कांग्रेस का अभेद्य गढ़ मानी जाती थी, उस सीट पर भगवे का यह दूसरा लहराना असम की बदलती राजनीतिक तस्वीर को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।

मुख्य चुनावी आँकड़े

गोलाघाट में 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए कुल 2,01,387 मतदाता पंजीकृत थे। मतदान प्रतिशत लगातार उच्च बना रहा है, जो इस ग्रामीण-बहुल क्षेत्र की राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है। यह सीट अब काजीरंगा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। क्षेत्र की सामाजिक संरचना संतुलित है — अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी सीमित लेकिन निर्णायक मानी जाती है। लगभग 84 प्रतिशत मतदाता ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, फिर भी गोलाघाट नगर क्षेत्र के शहरी मतदाताओं की भूमिका परिणाम में अहम रही।

गोलाघाट सीट का राजनीतिक इतिहास

1951 में स्थापित गोलाघाट विधानसभा क्षेत्र अब तक 15 चुनाव देख चुका है। कांग्रेस ने यहाँ सर्वाधिक नौ बार जीत दर्ज की है, जबकि असम गण परिषद, समाजवादी दल और भाजपा को सीमित सफलता मिली थी। इस सीट की राजनीतिक विरासत की शुरुआत 1952 में राजेंद्रनाथ बरुआ ने कांग्रेस के टिकट पर दो बार जीत के साथ की थी। दांडेश्वर हजारिका ने 1962 में जीत दर्ज की। इसके बाद स्वयं अजंता नियोग ने 2001 से 2016 तक लगातार चार बार कांग्रेस के लिए यह सीट जीती और क्षेत्र में अपनी अटूट पकड़ स्थापित की।

2021 का टर्निंग पॉइंट और भाजपा में आगमन

2021 का विधानसभा चुनाव इस सीट के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुआ। चुनाव से ठीक पहले अजंता नियोग ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इस एक फैसले ने गोलाघाट की राजनीति का समीकरण पूरी तरह बदल दिया। 2021 में नियोग ने भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के बिटुपन सैकिया को 9,325 वोटों से हराया था। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें असम की पहली महिला वित्त मंत्री बनाया गया — जिससे पार्टी को संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ एक प्रभावशाली नेतृत्व चेहरा भी मिला। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा पूर्वोत्तर भारत में अपनी पकड़ को और सुदृढ़ कर रही है।

2026 में जीत का अंतर और संदेश

2021 में 9,325 वोटों से मिली जीत की तुलना में 2026 में 43,759 वोटों का अंतर यह संकेत देता है कि नियोग का जनाधार न केवल बरकरार है, बल्कि काफी विस्तृत हुआ है। गौरतलब है कि यह वही सीट है जहाँ कांग्रेस ने सात दशकों में नौ बार जीत दर्ज की थी। अब कांग्रेस के लिए यह सीट पुनः हासिल करना कठिन चुनौती बन चुकी है। 2024 की तुलना में मतदाता संख्या में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है।

आगे क्या

इस जीत के साथ असम में भाजपा की स्थिति और मजबूत होती दिख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, गोलाघाट जैसी परंपरागत कांग्रेस सीटों पर भाजपा की बढ़ती पकड़ पूर्वोत्तर में व्यापक राजनीतिक पुनर्गठन का संकेत है। अजंता नियोग की भूमिका राज्य मंत्रिमंडल में आगे भी महत्वपूर्ण बनी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

325 से 2026 में 43,759 वोटों का अंतर यह भी बताता है कि विपक्ष का प्रतिरोध कमज़ोर पड़ रहा है, न कि भाजपा का जनाधार असाधारण रूप से बढ़ रहा है — और इस अंतर को समझना पूर्वोत्तर की राजनीति के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम चुनाव 2026 में गोलाघाट सीट से कौन जीता?
भाजपा की उम्मीदवार अजंता नियोग ने गोलाघाट विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। उन्होंने 1,02,212 वोट पाकर कांग्रेस के बिटुपन सैकिया को 43,759 वोटों के अंतर से पराजित किया।
अजंता नियोग ने कांग्रेस क्यों छोड़ी और भाजपा में क्यों शामिल हुईं?
2021 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अजंता नियोग ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इस फैसले के बाद उन्हें असम की पहली महिला वित्त मंत्री बनाया गया, जो उनके राजनीतिक करियर का एक बड़ा मोड़ साबित हुआ।
गोलाघाट विधानसभा सीट का इतिहास क्या है?
1951 में स्थापित गोलाघाट विधानसभा सीट 15 चुनाव देख चुकी है। कांग्रेस ने यहाँ सर्वाधिक नौ बार जीत दर्ज की है, जबकि अजंता नियोग ने 2001 से 2016 तक लगातार चार बार कांग्रेस के लिए यह सीट जीती थी।
2021 और 2026 के गोलाघाट चुनाव परिणाम में क्या अंतर है?
2021 में अजंता नियोग ने भाजपा के टिकट पर 9,325 वोटों से जीत हासिल की थी, जबकि 2026 में यह अंतर बढ़कर 43,759 वोट हो गया — लगभग पाँच गुना अधिक। यह भाजपा के बढ़ते जनाधार और कांग्रेस के कमज़ोर होते प्रतिरोध का संकेत है।
गोलाघाट विधानसभा क्षेत्र में कितने मतदाता हैं?
2026 के विधानसभा चुनाव के लिए गोलाघाट में कुल 2,01,387 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से लगभग 84 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, हालाँकि गोलाघाट नगर क्षेत्र के शहरी मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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