खोवांग विधानसभा में भाजपा की पहली जीत: चक्रधर गोगोई ने 9,984 मतों से लहराया परचम

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खोवांग विधानसभा में भाजपा की पहली जीत: चक्रधर गोगोई ने 9,984 मतों से लहराया परचम

सारांश

परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई खोवांग विधानसभा सीट पर पहले ही चुनाव में भाजपा ने 9,984 मतों की निर्णायक जीत दर्ज की। चक्रधर गोगोई की यह तीसरी लगातार जीत है — पहले मोरान नाम से, अब खोवांग के रूप में — और यह ऊपरी असम में भाजपा की गहरी होती पकड़ की कहानी कहती है।

मुख्य बातें

भाजपा के चक्रधर गोगोई ने खोवांग विधानसभा के पहले चुनाव में 9,984 मतों से जीत दर्ज की।
गोगोई को 67,038 और प्रतिद्वंद्वी लुरिनज्योति गोगोई को 57,054 मत मिले।
खोवांग सीट 2023 के परिसीमन के बाद मोरान विधानसभा का नया रूप है, जहाँ पहले 1951 से चुनाव होते थे।
गोगोई ने 2016 और 2021 में भी मोरान सीट जीती थी — 2021 में 22,341 मतों के अंतर से।
खोवांग में 2025 SIR के बाद कुल 1,57,363 पंजीकृत मतदाता हैं।
क्षेत्र के 95.54% मतदाता ग्रामीण हैं; ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत 75% से 83% के बीच रहा है।

खोवांग विधानसभा क्षेत्र में 4 मई 2026 को घोषित चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार चक्रधर गोगोई ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी लुरिनज्योति गोगोई को 9,984 मतों के अंतर से पराजित किया। यह परिसीमन के बाद 2023 में अस्तित्व में आई खोवांग सीट का पहला विधानसभा चुनाव था, और भाजपा ने इसमें निर्णायक बढ़त के साथ जीत दर्ज की।

मतगणना के प्रमुख आँकड़े

चक्रधर गोगोई को कुल 67,038 मत प्राप्त हुए, जबकि लुरिनज्योति गोगोई को 57,054 मत मिले। यह जीत का अंतर इस नवगठित सीट पर भाजपा की मज़बूत पकड़ को दर्शाता है। 2025 के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के बाद खोवांग विधानसभा क्षेत्र में 1,57,363 पात्र मतदाता पंजीकृत थे, जो 2024 के 1,53,928 मतदाताओं की तुलना में 3,435 की वृद्धि है।

खोवांग सीट का इतिहास और परिसीमन

2023 से पहले इस क्षेत्र को मोरान विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था, जिसकी स्थापना 1951 में हुई थी। परिसीमन केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं था — जनसंख्या प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया गया और पूर्व मोरान निर्वाचन क्षेत्र के कुछ गाँवों को शामिल या स्थानांतरित किया गया।

खोवांग, डिब्रूगढ़ जिले का एक छोटा शहर है और डिब्रूगढ़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के 10 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह ऊपरी असम की ब्रह्मपुत्र घाटी के मैदानी इलाकों में बुरही दिहिंग नदी बेसिन के किनारे बसा है, जिसका भूभाग दक्षिण में बराइल पहाड़ियों की तलहटी तक फैला है।

मोरान सीट का राजनीतिक इतिहास

दशकों तक मोरान विधानसभा कांग्रेस का अभेद्य गढ़ रही। 2004 के उपचुनाव सहित कुल 16 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 11 बार यह सीट जीती। 1985 में निर्दलीय उम्मीदवार किरोन कुमार गोगोई ने कांग्रेस की जीत का सिलसिला पहली बार तोड़ा।

गौरतलब है कि 2001 में असम गण परिषद (AGP) के टिकट पर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने यह सीट जीती थी। कांग्रेस के जिबनतारा घाटोबार ने 2011 में AGP के सुनील राजकोंवर को 29,493 मतों से हराया था — यह उनकी लगातार तीसरी जीत थी, जिसमें 2004 का उपचुनाव और 2006 का चुनाव भी शामिल थे।

भाजपा का उभार और चक्रधर गोगोई की भूमिका

भाजपा, जो 2006 और 2011 के चुनावों में तीसरे स्थान पर रही थी, ने 2016 में चक्रधर गोगोई को उम्मीदवार बनाकर पहली बार मोरान सीट जीती। गोगोई ने कांग्रेस के पाबन सिंह घाटोवार को 16,231 मतों से पराजित किया था। 2021 में उन्होंने प्रांजल घाटोवार को 22,341 मतों के बड़े अंतर से हराकर यह सीट बरकरार रखी। अब 2026 में खोवांग के नाम से पहली बार हुए चुनाव में गोगोई की जीत ने इस क्षेत्र में भाजपा की निरंतर मज़बूती को रेखांकित किया है।

मतदाता संरचना और मतदान प्रतिशत

मोरान/खोवांग क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है — 95.54 प्रतिशत मतदाता गाँवों में निवास करते हैं, जबकि केवल 4.46 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में हैं। मतदाता संरचना में अनुसूचित जनजातियाँ 10.66 प्रतिशत, अनुसूचित जातियाँ 4.41 प्रतिशत और मुसलमान 5.10 प्रतिशत हैं। ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रूप से ऊँचा रहा है — 2011 में 78.34%, 2016 में 83.25%, 2019 में 75.92% और 2021 में 81.53%। यह प्रवृत्ति इस क्षेत्र के मतदाताओं की राजनीतिक सक्रियता को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

231, 2021 में 22,341, अब 2026 में 9,984) यह दिखाते हैं कि परिसीमन के बाद नई सीमाओं ने प्रतिस्पर्धा को कुछ हद तक पुनर्जीवित किया, लेकिन भाजपा की पकड़ नहीं तोड़ी। ध्यान देने योग्य है कि जीत का अंतर पिछली बार से घटा है — यह संकेत है कि नई मतदाता संरचना और सीमाएँ राजनीतिक समीकरण को धीरे-धीरे बदल सकती हैं। विपक्ष के लिए यह आत्ममंथन का अवसर है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खोवांग विधानसभा सीट क्या है और यह कहाँ है?
खोवांग, डिब्रूगढ़ जिले में स्थित एक विधानसभा क्षेत्र है जो 2023 के परिसीमन के बाद मोरान विधानसभा के पुनर्गठन से बना। यह डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र के 10 विधानसभा खंडों में से एक है और बुरही दिहिंग नदी बेसिन के किनारे बसा है।
2026 के खोवांग चुनाव में किसने जीत दर्ज की?
भाजपा के चक्रधर गोगोई ने 67,038 मत प्राप्त कर लुरिनज्योति गोगोई को 9,984 मतों के अंतर से हराया। यह खोवांग नाम से आयोजित पहला विधानसभा चुनाव था।
मोरान सीट का इतिहास क्या रहा है?
1951 में स्थापित मोरान सीट पर 16 चुनावों में से 11 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की। 2016 में भाजपा ने पहली बार यह सीट जीती और 2021 में भी इसे बरकरार रखा।
खोवांग में कितने पंजीकृत मतदाता हैं?
2025 के विशेष सारांश पुनरीक्षण के अनुसार खोवांग में 1,57,363 पंजीकृत मतदाता हैं, जो 2024 के 1,53,928 मतदाताओं से 3,435 अधिक हैं।
चक्रधर गोगोई ने पहले कितनी बार यह सीट जीती है?
चक्रधर गोगोई ने 2016 में पाबन सिंह घाटोवार को 16,231 और 2021 में प्रांजल घाटोवार को 22,341 मतों से हराया था। 2026 में खोवांग सीट पर जीत उनकी इस क्षेत्र से लगातार तीसरी जीत है।
राष्ट्र प्रेस
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