खोवांग विधानसभा में भाजपा की पहली जीत: चक्रधर गोगोई ने 9,984 मतों से लहराया परचम
सारांश
मुख्य बातें
खोवांग विधानसभा क्षेत्र में 4 मई 2026 को घोषित चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार चक्रधर गोगोई ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी लुरिनज्योति गोगोई को 9,984 मतों के अंतर से पराजित किया। यह परिसीमन के बाद 2023 में अस्तित्व में आई खोवांग सीट का पहला विधानसभा चुनाव था, और भाजपा ने इसमें निर्णायक बढ़त के साथ जीत दर्ज की।
मतगणना के प्रमुख आँकड़े
चक्रधर गोगोई को कुल 67,038 मत प्राप्त हुए, जबकि लुरिनज्योति गोगोई को 57,054 मत मिले। यह जीत का अंतर इस नवगठित सीट पर भाजपा की मज़बूत पकड़ को दर्शाता है। 2025 के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के बाद खोवांग विधानसभा क्षेत्र में 1,57,363 पात्र मतदाता पंजीकृत थे, जो 2024 के 1,53,928 मतदाताओं की तुलना में 3,435 की वृद्धि है।
खोवांग सीट का इतिहास और परिसीमन
2023 से पहले इस क्षेत्र को मोरान विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था, जिसकी स्थापना 1951 में हुई थी। परिसीमन केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं था — जनसंख्या प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया गया और पूर्व मोरान निर्वाचन क्षेत्र के कुछ गाँवों को शामिल या स्थानांतरित किया गया।
खोवांग, डिब्रूगढ़ जिले का एक छोटा शहर है और डिब्रूगढ़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के 10 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह ऊपरी असम की ब्रह्मपुत्र घाटी के मैदानी इलाकों में बुरही दिहिंग नदी बेसिन के किनारे बसा है, जिसका भूभाग दक्षिण में बराइल पहाड़ियों की तलहटी तक फैला है।
मोरान सीट का राजनीतिक इतिहास
दशकों तक मोरान विधानसभा कांग्रेस का अभेद्य गढ़ रही। 2004 के उपचुनाव सहित कुल 16 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 11 बार यह सीट जीती। 1985 में निर्दलीय उम्मीदवार किरोन कुमार गोगोई ने कांग्रेस की जीत का सिलसिला पहली बार तोड़ा।
गौरतलब है कि 2001 में असम गण परिषद (AGP) के टिकट पर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने यह सीट जीती थी। कांग्रेस के जिबनतारा घाटोबार ने 2011 में AGP के सुनील राजकोंवर को 29,493 मतों से हराया था — यह उनकी लगातार तीसरी जीत थी, जिसमें 2004 का उपचुनाव और 2006 का चुनाव भी शामिल थे।
भाजपा का उभार और चक्रधर गोगोई की भूमिका
भाजपा, जो 2006 और 2011 के चुनावों में तीसरे स्थान पर रही थी, ने 2016 में चक्रधर गोगोई को उम्मीदवार बनाकर पहली बार मोरान सीट जीती। गोगोई ने कांग्रेस के पाबन सिंह घाटोवार को 16,231 मतों से पराजित किया था। 2021 में उन्होंने प्रांजल घाटोवार को 22,341 मतों के बड़े अंतर से हराकर यह सीट बरकरार रखी। अब 2026 में खोवांग के नाम से पहली बार हुए चुनाव में गोगोई की जीत ने इस क्षेत्र में भाजपा की निरंतर मज़बूती को रेखांकित किया है।
मतदाता संरचना और मतदान प्रतिशत
मोरान/खोवांग क्षेत्र मुख्यतः ग्रामीण है — 95.54 प्रतिशत मतदाता गाँवों में निवास करते हैं, जबकि केवल 4.46 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में हैं। मतदाता संरचना में अनुसूचित जनजातियाँ 10.66 प्रतिशत, अनुसूचित जातियाँ 4.41 प्रतिशत और मुसलमान 5.10 प्रतिशत हैं। ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रूप से ऊँचा रहा है — 2011 में 78.34%, 2016 में 83.25%, 2019 में 75.92% और 2021 में 81.53%। यह प्रवृत्ति इस क्षेत्र के मतदाताओं की राजनीतिक सक्रियता को दर्शाती है।