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डिब्रूगढ़ विधानसभा 2026: भाजपा के प्रशांत फूकन ने 72,043 वोटों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत

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डिब्रूगढ़ विधानसभा 2026: भाजपा के प्रशांत फूकन ने 72,043 वोटों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत

सारांश

डिब्रूगढ़ में भाजपा के प्रशांत फूकन की 72,043 वोटों की जीत महज एक चुनावी नतीजा नहीं — यह 2006 से चली आ रही अटूट राजनीतिक पकड़ की पुष्टि है। कांग्रेस की अनुपस्थिति और असम जातीय परिषद की कमज़ोर चुनौती के बीच, डिब्रूगढ़ अब भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

प्रशांत फूकन (भाजपा) ने डिब्रूगढ़ विधानसभा 2026 में 1,06,803 वोट पाकर 72,043 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
असम जातीय परिषद के माणिक पात्रा को केवल 34,760 वोट मिले; कांग्रेस ने इस सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारा।
9 अप्रैल 2026 को हुए मतदान में 79.07% मतदान दर्ज, कुल मतदाता 1,97,752 — जिनमें 1,03,771 महिला मतदाता।
फूकन की यह 2006 से लगातार चौथी जीत है; उनके पास ₹6.3 करोड़ की संपत्ति, कोई आपराधिक मामला नहीं।
1957 में स्थापित इस सीट पर कांग्रेस ने 10 बार और भाजपा ने 2006 से अब तक 4 बार जीत हासिल की है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री प्रशांत फूकन ने असम के डिब्रूगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 72,043 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। 4 मई 2026 को घोषित परिणामों के अनुसार, फूकन को कुल 1,06,803 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी असम जातीय परिषद के माणिक पात्रा को मात्र 34,760 वोट ही हासिल हो सके। यह डिब्रूगढ़ में भाजपा की लगातार चौथी जीत है।

मतदान और मतदाता आँकड़े

डिब्रूगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 9 अप्रैल 2026 को मतदान संपन्न हुआ। इस बार मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप 79.07 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,97,752 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 93,979 पुरुष और 1,03,771 महिला मतदाता शामिल हैं। गौरतलब है कि महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है, जो इस क्षेत्र की चुनावी राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित करती है।

मुख्य प्रतिद्वंद्वी और चुनावी मैदान

इस बार डिब्रूगढ़ में कुल 3 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा ने प्रशांत फूकन को अपना प्रत्याशी बनाया, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने इस सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। असम जातीय परिषद से माणिक पात्रा और विकास इंडिया पार्टी से कमल हजारिका ने भी अपनी किस्मत आज़माई। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस की अनुपस्थिति ने विपक्षी वोटों को बिखेर दिया, जिसका सीधा लाभ भाजपा को मिला।

प्रशांत फूकन: राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि

वर्तमान कैबिनेट मंत्री प्रशांत फूकन ने 2006 से अब तक भाजपा के टिकट पर चारों विधानसभा चुनाव जीते हैं। 2021 में उन्होंने कांग्रेस के राजकुमार नीलनेत्र नियोग को और 2016 में कांग्रेस की चंद्रकांत बरुआ को पराजित किया था। चुनावी हलफनामे के अनुसार, फूकन की शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है और उनके पास कुल ₹6.3 करोड़ की संपत्ति है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है।

डिब्रूगढ़ सीट का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

1957 में स्थापित डिब्रूगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अब तक 16 बार चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 1961 और 2001 में हुए दो उपचुनाव भी शामिल हैं। कांग्रेस ने यहाँ 10 बार जीत हासिल की है, लेकिन 2006 से 2026 तक भाजपा ने लगातार चार बार इस सीट पर कब्जा बनाए रखा है। यह सीट डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और सामान्य श्रेणी की निर्वाचन क्षेत्र है। इस जीत के साथ भाजपा ने डिब्रूगढ़ में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

043 वोटों का अंतर केवल एक संख्या नहीं — यह उस राजनीतिक शून्य का संकेत है जो कांग्रेस की अनुपस्थिति ने पैदा किया। जब मुख्य विपक्षी दल मैदान से बाहर हो, तो जीत का आँकड़ा ज़मीनी लोकप्रियता से ज़्यादा रणनीतिक चूक को दर्शाता है। असम जातीय परिषद अभी तक एक विश्वसनीय विकल्प नहीं बन पाई है। असली सवाल यह है कि क्या 2031 तक कोई एकजुट विपक्ष डिब्रूगढ़ में भाजपा को वास्तविक चुनौती दे पाएगा।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिब्रूगढ़ विधानसभा 2026 में कौन जीता?
भाजपा के प्रशांत फूकन ने डिब्रूगढ़ विधानसभा सीट 2026 में 72,043 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें 1,06,803 वोट मिले जबकि असम जातीय परिषद के माणिक पात्रा को 34,760 वोट मिले।
डिब्रूगढ़ में 2026 में कितने प्रतिशत मतदान हुआ?
डिब्रूगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 9 अप्रैल 2026 को 79.07 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुल 1,97,752 पंजीकृत मतदाताओं में से महिला मतदाताओं की संख्या 1,03,771 रही।
प्रशांत फूकन ने डिब्रूगढ़ से कितनी बार चुनाव जीता है?
प्रशांत फूकन ने 2006 से अब तक डिब्रूगढ़ से लगातार चार विधानसभा चुनाव जीते हैं। वे वर्तमान में असम सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं।
डिब्रूगढ़ सीट पर कांग्रेस ने उम्मीदवार क्यों नहीं उतारा?
स्रोत के अनुसार, 2026 के डिब्रूगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। इस कारण मुख्य मुकाबला भाजपा और असम जातीय परिषद के बीच सीमित रहा।
डिब्रूगढ़ विधानसभा क्षेत्र का इतिहास क्या है?
1957 में स्थापित इस निर्वाचन क्षेत्र में अब तक 16 बार चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 1961 और 2001 के उपचुनाव शामिल हैं। कांग्रेस ने यहाँ 10 बार जीत हासिल की है, जबकि 2006 से भाजपा ने लगातार चार बार इस सीट पर जीत दर्ज की है।
राष्ट्र प्रेस
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