तिनसुकिया सीट पर भाजपा के पुलोक गोहेन की बड़ी जीत, 48,497 वोटों से हराया कांग्रेस के डेविड फुकन को
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार पुलोक गोहेन ने असम विधानसभा की तिनसुकिया सीट पर 48,497 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 85,184 वोट मिले, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रत्याशी डेविड फुकन केवल 36,687 वोट ही हासिल कर सके। यह जीत इस बात का संकेत है कि ऊपरी असम का यह प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र अब पूरी तरह भाजपा के प्रभाव क्षेत्र में समा चुका है।
मुख्य चुनाव परिणाम
तिनसुकिया विधानसभा सीट पर पुलोक गोहेन ने 85,184 वोट प्राप्त कर शानदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस उम्मीदवार डेविड फुकन को 36,687 वोट मिले और वे 48,497 मतों के भारी अंतर से चुनाव हार गए। 10 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार इस सीट पर कुल 1,72,351 पंजीकृत मतदाता हैं, जो 2024 के 1,71,603 मतदाताओं से 748 अधिक हैं।
तिनसुकिया सीट का राजनीतिक इतिहास
1957 में गठन के बाद से तिनसुकिया सीट पर अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। लंबे समय तक यहाँ कांग्रेस का वर्चस्व रहा और पार्टी ने कुल 11 बार जीत दर्ज की। कांग्रेस की विजय-श्रृंखला पहली बार 1978 में टूटी, जब जनता पार्टी ने यहाँ जीत हासिल की। 2016 में भाजपा उम्मीदवार संजय किशन ने राजेंद्र प्रसाद सिंह को 35,069 वोटों से हराकर इस सीट पर पहली बार भाजपा का परचम लहराया। 2021 में संजय किशन ने असम जातीय परिषद के शमशेर सिंह को 70,797 वोटों के विशाल अंतर से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
लोकसभा चुनावों में भाजपा की बढ़त
तिनसुकिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की पकड़ 2014 के लोकसभा चुनाव से ही स्पष्ट होने लगी थी। 2009 में कांग्रेस ने एजीपी पर 6,362 वोटों की बढ़त बनाई थी, लेकिन 2014 में भाजपा ने कांग्रेस पर 31,577 वोटों की बढ़त हासिल की। 2019 में यह अंतर और बढ़कर 67,550 वोट हो गया और 2024 में भी भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ा। गौरतलब है कि यह सीट डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।
तिनसुकिया का आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य
असम के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित तिनसुकिया ऊपरी असम का प्रमुख कारोबारी केंद्र है। यहाँ की अर्थव्यवस्था चाय बागानों, तेल एवं प्राकृतिक गैस उत्पादन, कोयला खनन और चाय प्रसंस्करण पर टिकी है। डिगबोई रिफाइनरी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों का प्रभाव भी यहाँ स्पष्ट रूप से दिखता है। इस सीट पर 51.14 प्रतिशत मतदाता शहरी क्षेत्रों में और 48.86 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में रहते हैं। मुस्लिम मतदाता लगभग 6.60 प्रतिशत, अनुसूचित जाति 3.25 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति 1.84 प्रतिशत हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तिनसुकिया शहर का पुराना नाम बेंगमारा या चांगमाई पठार बताया जाता है। 18वीं सदी में यह मटक साम्राज्य की राजधानी रहा, जिसे स्वर्गदेव सर्बानंद सिंहा ने विकसित किया था। आज यह असम के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है। इस नतीजे के साथ स्पष्ट हो गया है कि एक समय कांग्रेस का गढ़ रहा तिनसुकिया अब भाजपा की मज़बूत पकड़ वाली सीट बन चुका है।