12 अगस्त 2026
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अमेरिकी हेलीकॉप्टर ने पनामा जहाज 'वेला नोवा' पर दागीं हेलफायर मिसाइलें, ईरान नाकाबंदी उल्लंघन का आरोप

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अमेरिकी हेलीकॉप्टर ने पनामा जहाज 'वेला नोवा' पर दागीं हेलफायर मिसाइलें, ईरान नाकाबंदी उल्लंघन का आरोप

सारांश

अमेरिकी नौसेना के एमएच-60 हेलीकॉप्टर ने ओमान की खाड़ी में पनामा जहाज वेला नोवा पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं — यह ईरान नाकाबंदी को लागू करने की अब तक की सबसे तीखी सैन्य कार्रवाई है। 11 अगस्त तक 55 जहाजों का मार्ग बदला जा चुका है और तीन को निष्क्रिय किया गया है।

मुख्य बातें

अमेरिकी नौसेना के एमएच-60 हेलीकॉप्टर ने 12 अगस्त 2026 को पनामा जहाज एम/वी वेला नोवा के इंजन रूम पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं।
जहाज ओमान की खाड़ी से ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था, जो अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन था।
11 अगस्त 2026 तक 55 जहाजों का मार्ग परिवर्तित, 3 निष्क्रिय और 2 अमेरिकी नियंत्रण में लिए गए।
समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड के अनुसार मिसाइल से जहाज में आग लगी, जिसे बाद में बुझाया गया।
मेजर जनरल केविन लैम्बर्ट ने सीजेटीएफ-ओआईआर की कमान रियर एडमिरल लियाम हुलिन को सौंपी।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने 12 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि उसके बलों ने पनामा के झंडे वाले मालवाहक जहाज एम/वी वेला नोवा की स्टीयरिंग गियर को निष्क्रिय कर दिया। सेंटकॉम के अनुसार, यह जहाज ओमान की खाड़ी से होकर ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था, जो अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई नाकाबंदी का उल्लंघन था।

मिसाइल हमले का घटनाक्रम

सेंटकॉम के आधिकारिक बयान के अनुसार, चालक दल ने अमेरिकी बलों की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया। इसके बाद अमेरिकी नौसेना के एमएच-60 हेलीकॉप्टर ने वेला नोवा के इंजन रूम पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं, जिससे जहाज की स्टीयरिंग प्रणाली ध्वस्त हो गई।

समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल की चपेट में आने से जहाज में आग लग गई, हालाँकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया। जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई।

नाकाबंदी की स्थिति और आँकड़े

सेंटकॉम ने बताया कि 11 अगस्त 2026 तक नाकाबंदी उल्लंघन के प्रयास में लगे 55 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग परिवर्तित कराया जा चुका है। इसके अलावा तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया है और दो जहाजों को अमेरिकी नियंत्रण में ले लिया गया है। कमांड के अनुसार, "अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह लागू है।"

गौरतलब है कि यह वेला नोवा की घटना उन तीन जहाजों में से एक है जिन्हें अब तक निष्क्रिय किया गया है — यह संख्या संकेत देती है कि नाकाबंदी तोड़ने के प्रयास बढ़ रहे हैं और अमेरिकी बल सक्रिय सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हट रहे।

मध्य पूर्व में नेतृत्व परिवर्तन

इसी बीच, 11 अगस्त 2026 को कंबाइंड जॉइंट टास्क फोर्स – ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व (सीजेटीएफ-ओआईआर) में औपचारिक नेतृत्व परिवर्तन हुआ। मेजर जनरल केविन लैम्बर्ट ने कमान रियर एडमिरल लियाम हुलिन को सौंपी।

सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस समारोह की अध्यक्षता की। सेंटकॉम की एक्स पोस्ट के अनुसार, कूपर ने कहा कि यह टास्क फोर्स 'आतंकवाद का मुकाबला करने, साझेदारियों को मजबूत बनाने और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता को बढ़ावा देने' में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने लैम्बर्ट के नेतृत्व और प्रतिबद्धता की भी सराहना की।

सीजेटीएफ-ओआईआर की पृष्ठभूमि

सीजेटीएफ-ओआईआर की स्थापना 2014 में अमेरिकी सेंटकॉम ने की थी। यह बल इराक और सीरिया में आईएसआईएस के विरुद्ध अभियानों में साझेदार बलों को सलाह, सहायता और सहयोग प्रदान करता है।

यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हुआ जब टास्क फोर्स क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर आईएसआईएस से उत्पन्न खतरों का सामना करने और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयास जारी रखे हुए है।

आगे क्या

वेला नोवा पर हुई कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि अमेरिका ईरान नाकाबंदी के मामले में सैन्य बल प्रयोग से नहीं हिचकेगा। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में ऐसी और घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि नाकाबंदी उल्लंघन के प्रयासों का सिलसिला जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह संकेत है कि अमेरिका ईरान नाकाबंदी को 'कागजी आदेश' नहीं रहने देना चाहता। 55 जहाजों का मार्ग परिवर्तन और तीन को निष्क्रिय करने के आँकड़े बताते हैं कि टकराव की आवृत्ति बढ़ रही है। सवाल यह है कि जब कोई जहाज तीसरे देश के झंडे तले चलता है, तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत इस कार्रवाई की वैधता पर बहस अवश्यंभावी है — और यह मुद्दा मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने वेला नोवा जहाज पर मिसाइल क्यों दागी?
सेंटकॉम के अनुसार, पनामा जहाज एम/वी वेला नोवा ओमान की खाड़ी से ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था, जो अमेरिका की ईरान नाकाबंदी का उल्लंघन था। चालक दल द्वारा बार-बार की गई चेतावनियाँ नजरअंदाज किए जाने के बाद अमेरिकी नौसेना के एमएच-60 हेलीकॉप्टर ने दो हेलफायर मिसाइलें दागीं।
वेला नोवा पर मिसाइल हमले में क्या हुआ?
मिसाइलें जहाज के इंजन रूम पर दागी गईं, जिससे स्टीयरिंग गियर निष्क्रिय हो गई। समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड की रिपोर्ट के अनुसार जहाज में आग लग गई, जिसे बाद में बुझा लिया गया। जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
अमेरिकी ईरान नाकाबंदी में अब तक कितने जहाजों पर कार्रवाई हुई है?
सेंटकॉम के अनुसार 11 अगस्त 2026 तक 55 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग परिवर्तित कराया गया, तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो जहाजों को अमेरिकी नियंत्रण में लिया गया। वेला नोवा उन तीन निष्क्रिय जहाजों में से एक है।
सीजेटीएफ-ओआईआर में नेतृत्व परिवर्तन क्यों हुआ और नए प्रमुख कौन हैं?
11 अगस्त 2026 को मेजर जनरल केविन लैम्बर्ट ने कंबाइंड जॉइंट टास्क फोर्स – ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व की कमान रियर एडमिरल लियाम हुलिन को सौंपी। यह नियमित नेतृत्व हस्तांतरण था, जिसकी अध्यक्षता सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने की।
सीजेटीएफ-ओआईआर क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
कंबाइंड जॉइंट टास्क फोर्स – ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व की स्थापना 2014 में अमेरिकी सेंटकॉम ने की थी। यह बल इराक और सीरिया में आईएसआईएस के विरुद्ध अभियानों में साझेदार देशों के बलों को सलाह, सहायता और सहयोग प्रदान करता है।
राष्ट्र प्रेस
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