अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी: तीन कमर्शियल जहाज रोके, एम/टी बेल्मा पर हेलफायर मिसाइल दागी
सारांश
मुख्य बातें
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 17 जुलाई को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान के विरुद्ध लागू नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों को रोक लिया है। इनमें से एक जहाज को निष्क्रिय कर दिया गया और एक अन्य पर अमेरिकी सैनिक सवार हुए। यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में तेज़ होते अमेरिकी सैन्य अभियान की कड़ी है।
मुख्य घटनाक्रम
CENTCOM ने बताया कि 16 जुलाई को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी मरीन की 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट ने एम/टी वेन याओ नामक टैंकर पर सत्यापन बोर्डिंग अभियान चलाया। इसके अलावा, कुराकाओ के झंडे वाले टैंकर एम/टी बेल्मा ने कई चेतावनियों को नज़रअंदाज़ कर नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की। एक अमेरिकी विमान ने जहाज के स्मोकस्टैक में हेलफायर मिसाइलें दागकर खार्ग आइलैंड की ओर जा रहे इस टैंकर को निष्क्रिय कर दिया, जिसके बाद जहाज ईरान की ओर नहीं गया।
नाकाबंदी का दायरा और नियम
CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी बलों ने मंगलवार से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले समुद्री यातायात को रोकने की कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है। कमांड ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास का समुद्री क्षेत्र पूरी तरह खुला और सुरक्षित है — केवल वे जहाज प्रतिबंधित हैं जो अमेरिका द्वारा लागू 'स्टील वॉल ब्लॉकेड' का उल्लंघन करने की कोशिश करते हैं।
व्यापक सैन्य अभियान
CENTCOM के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अप्रैल में हुए सीजफायर को समाप्त करने की घोषणा के बाद अमेरिकी सेना ने लगातार छह दिनों तक ईरानी ठिकानों पर हमले किए। बुधवार दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) अमेरिकी सेना ने ईरान के विरुद्ध हमलों की दूसरी लहर शुरू की, जो ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रही थी — विशेष रूप से उन क्षमताओं को जिनका उपयोग होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जाता है।
आम जनता और वैश्विक व्यापार पर असर
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जिससे दुनिया का लगभग एक-पाँचवाँ कच्चा तेल गुज़रता है। इस नाकाबंदी और सैन्य कार्रवाइयों के चलते वैश्विक तेल बाज़ारों और शिपिंग बीमा दरों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। भारत समेत कई देश ईरान से या होर्मुज मार्ग से ऊर्जा आयात करते हैं, इसलिए यह घटनाक्रम भारतीय ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी निगरानी योग्य है।
आगे क्या
CENTCOM ने संकेत दिया है कि नाकाबंदी अनिश्चित काल तक जारी रहेगी जब तक ईरान अमेरिकी शर्तों का अनुपालन नहीं करता। समुद्री विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में तनाव के और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।