स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का नियंत्रण, 10 करोड़ बैरल तेल सुरक्षित: पीट हेगसेथ
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 11 जून 2025 को घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर लिया है और ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच इस जलमार्ग से 10 करोड़ बैरल से अधिक तेल की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की है। फ्लोरिडा स्थित अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) मुख्यालय में दिए गए इस बयान ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से एक नई बहस छेड़ दी है।
मुख्य घटनाक्रम
हेगसेथ ने बुधवार को सेंटकॉम मुख्यालय में एक ऐसे समुद्री अभियान की जानकारी साझा की जिसे 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नाम दिया गया है। उनके अनुसार यह अभियान लगातार जारी था, केवल सार्वजनिक दृष्टि से ओझल था। उन्होंने कहा, "प्रोजेक्ट फ्रीडम यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित रूप से गुजरने देना कभी बंद नहीं हुआ। यह बस सार्वजनिक नजरों से दूर चला गया था।"
हेगसेथ ने दावा किया, "हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा कर रहे हैं। अब तक सौ मिलियन से ज्यादा बैरल तेल इस मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर चुका है और रात के समय भी यह प्रक्रिया जारी रहती है। अमेरिका ऐसी सुरक्षा दे रहा है जिसे ईरान न तो रोक सकता है और न ही देख सकता है।"
नाकेबंदी के आँकड़े
सेंटकॉम के अनुसार, अप्रैल 2025 में शुरू हुई नाकेबंदी के बाद से अमेरिकी बलों ने निर्देशों का पालन न करने वाले 8 जहाजों को निष्क्रिय किया है। इसके अलावा 134 जहाजों का मार्ग परिवर्तित किया गया, जबकि मानवीय सहायता सामग्री ले जा रहे 42 जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।
बुधवार को ही सेंटकॉम ने बताया कि अमेरिकी बलों ने पालाऊ के झंडे वाले टैंकर एम/टी सेट्टेबेल्लो को निष्क्रिय कर दिया, जो कथित तौर पर ईरानी तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था। ओमान की खाड़ी से गुजरते समय उसके चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों को बार-बार अनदेखा किया।
अमेरिकी रणनीति का व्यापक संदर्भ
हेगसेथ के अनुसार यह मिशन ईरानी तेल निर्यात को सीमित करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने की व्यापक अमेरिकी रणनीति का अंग है। उन्होंने कहा, "अगर हमारी नाकेबंदी पूरी तरह मजबूत है, और हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित रूप से अंदर-बाहर ला सकते हैं, तो फिर इस जलमार्ग पर नियंत्रण किसका है? इसका जवाब है संयुक्त राज्य अमेरिका का।"
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता और क्षेत्रीय सैन्य तनाव एक साथ चल रहे हैं। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, जिससे यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की धुरी माना जाता है।
सैन्य क्षमताओं पर प्रहार का दावा
हेगसेथ ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने समुद्री अभियानों के साथ-साथ ईरान की सैन्य क्षमताओं को भी नुकसान पहुँचाया है। उनके अनुसार खाड़ी क्षेत्र में शक्ति संतुलन पूरी तरह बदल गया है। ईरान की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ईरान इस दबाव के बीच परमाणु वार्ता की मेज पर किस रुख के साथ आता है और क्षेत्रीय देश इस अमेरिकी दावे पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।