होर्मुज स्ट्रेट में 14 जहाज एक दिन में गुजरे, ईरान के तीन तेल टैंकरों ने अमेरिकी नाकेबंदी पार की
सारांश
मुख्य बातें
शांति समझौते के ऐलान के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। मैरीटाइम एनालिसिस फर्म विंडवर्ड के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार, 17 जून को 14 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे — जो इस महीने का अब तक का सबसे बड़ा एकल-दिवसीय आंकड़ा है। विशेषज्ञ इसे शिपिंग उद्योग में धीरे-धीरे लौटते भरोसे का संकेत मान रहे हैं।
तीन ईरानी टैंकर निकले, करोड़ों बैरल तेल बाहर
समुद्री गतिविधियों पर नज़र रखने वाली संस्था टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक, शांति समझौते की घोषणा के बाद से ईरान का तीसरा तेल टैंकर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को पार कर गया है। नेशनल ईरानियन टैंकर कंपनी (NITC) का टैंकर सोनिया-1 करीब 10 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ। इससे पहले इसी सप्ताह NITC के दो अन्य टैंकर — डायोना और हीरो-2 — भी नाकेबंदी पार कर निकल चुके थे, जिनमें कुल मिलाकर 38 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल लदा था।
प्रतिबंधित जहाज 'सोफिया 1' भी स्ट्रेट से गुजरा
विंडवर्ड की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत सूचीबद्ध जहाज 'सोफिया 1' ने भी होर्मुज स्ट्रेट को पार किया। इसे पहले अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा ईरान के तेल परिवहन नेटवर्क से जुड़े जहाजों में शामिल किया गया था और इस पर द्वितीयक प्रतिबंध भी लगाए गए थे। इस जहाज का गुज़रना तकनीकी रूप से अमेरिकी प्रतिबंध व्यवस्था के लिए एक जटिल स्थिति पैदा करता है।
युद्ध-पूर्व स्तर से अभी भी काफी नीचे
हालांकि, मौजूदा यातायात अभी भी संघर्ष से पहले के स्तर से काफी नीचे है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने से पहले होर्मुज से औसतन करीब 130 जहाज प्रतिदिन गुजरते थे। विंडवर्ड ने बताया कि कई शिपिंग कंपनियां अभी भी पूरा भरोसा नहीं जुटा पाई हैं और इंतज़ार की मुद्रा में हैं। जहाज मालिकों का कहना है कि वे तब तक होर्मुज से जहाज नहीं भेजेंगे, जब तक हमले का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।
ट्रंप का शांति ऐलान और जिनेवा में हस्ताक्षर की तैयारी
रविवार को अपने 80वें जन्मदिन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शांति समझौते का ऐलान करते हुए 'समुद्री जहाजों को अपने इंजन शुरू करने और तेल की आपूर्ति निर्बाध रूप से बहने देने' का संदेश दिया था। ईरान ने भी समझौता ज्ञापन (MoU) पर बयान दिया और दोनों पक्षों के बीच ई-साइन की प्रक्रिया भी पूरी हुई। दोनों देश मध्यस्थों की उपस्थिति में जिनेवा में 19 जून को औपचारिक दस्तखत करेंगे।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार होर्मुज की स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं — क्योंकि इस जलडमरूमध्य से दुनिया की लगभग एक-पाँचवीं तेल आपूर्ति गुजरती है। 19 जून को जिनेवा में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर से यातायात में और तेज़ी आने की उम्मीद है, लेकिन शिपिंग उद्योग के विश्लेषकों का कहना है कि जब तक ज़मीनी सुरक्षा गारंटी नहीं मिलती, पूर्ण पुनरुद्धार में समय लगेगा।