होर्मुज जलडमरूमध्य: आईआरजीसी का दावा, 24 घंटों में 25 जहाजों को दी अनुमति
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया है कि शुक्रवार से शनिवार के बीच 24 घंटों में 25 जहाजों ने आईआरजीसी की अनुमति और समन्वय के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को पार किया। ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से यह जानकारी दी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री तनाव अपने चरम पर है।
आईआरजीसी का बयान
गार्ड कॉर्प्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'पिछले 24 घंटों में तेल टैंकरों, कंटेनर जहाजों और अन्य वाणिज्यिक पोतों सहित 25 जहाजों ने आईआरजीसी नौसेना के समन्वय और अनुमति प्राप्त करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया।' इससे पहले गुरुवार से शुक्रवार के बीच 35 जहाजों के यहाँ से गुजरने की बात आईआरजीसी ने कही थी — अर्थात एक दिन में आँकड़ा घटा है, जो क्षेत्रीय अनिश्चितता को दर्शाता है।
अमेरिका-ईरान टकराव की पृष्ठभूमि
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने हैं। ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है, जिसके तहत यहाँ से गुजरने वाले प्रत्येक जहाज से शुल्क वसूलने की योजना बताई गई है। जवाब में अमेरिका ने इस फैसले के विरुद्ध नाकेबंदी का ऐलान किया। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के तेहरान समेत कई शहरों पर संयुक्त हवाई हमले के बाद स्थिति गंभीर रूप से तनावपूर्ण हो गई थी। यह संघर्ष 40 दिन तक चला।
संघर्ष विराम और जारी वार्ता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष के बाद अस्थायी संघर्ष विराम का ऐलान किया। स्थायी समाधान के लिए मध्यस्थों के जरिए बातचीत अभी भी जारी बताई जा रही है। वर्तमान स्थिति तनावग्रस्त बनी हुई है और किसी भी पक्ष की ओर से निर्णायक कदम नहीं उठाया गया है।
सोकोत्रा के पास संदिग्ध घटना
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने शनिवार को यमन के सोकोत्रा आइलैंड से करीब 370 किलोमीटर पश्चिम में एक संदिग्ध घटना की सूचना दी। एजेंसी के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पाद ले जा रहे एक टैंकर के करीब 100 मीटर तक एक छोटी नाव पहुँच गई, जिसमें पाँच लोग सवार थे। टैंकर पर मौजूद हथियारबंद सुरक्षा टीम के सक्रिय होते ही नाव ने अपना रास्ता बदल लिया।
होर्मुज और सोकोत्रा का सामरिक महत्व
सोकोत्रा आइलैंड अरब सागर और अदन की खाड़ी के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है, जहाँ से दुनिया के कई बड़े तेल और व्यापारिक जहाज गुजरते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है और इस पर किसी भी प्रतिबंध का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आईआरजीसी द्वारा जहाजों की 'अनुमति' का दावा करना ईरान की ओर से इस जलमार्ग पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश का हिस्सा प्रतीत होता है।