लोहिया ट्रस्ट विवाद पर संजय निषाद का अखिलेश यादव पर हमला: 'खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं तो दूसरों का क्या'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 16 सितंबर को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला — लोहिया ट्रस्ट के नेतृत्व परिवर्तन और समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध को लेकर। निषाद ने अखिलेश को 'अहंकारी' करार देते हुए कहा कि जो नेता अपने खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं कर सकता, वह जनता का भरोसा क्या खाकर जीतेगा।
लोहिया ट्रस्ट विवाद: शिवपाल की विदाई और अखिलेश का अध्यक्ष बनना
शिवपाल सिंह यादव को लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष पद से हटाकर अखिलेश यादव के खुद अध्यक्ष बन जाने पर संजय निषाद ने कहा, 'यह आज के दिन में अहंकार है। ट्रस्ट का नाम ही न्यास है और न्यास का मतलब भरोसा या विश्वास होता है। अगर आपको अपने ही खून के रिश्तों पर भरोसा नहीं है, तो आप दूसरों के साथ क्या करेंगे?' गौरतलब है कि शिवपाल यादव अखिलेश के चाचा हैं और दोनों के बीच राजनीतिक तनाव लंबे समय से चला आ रहा है।
निषाद ने आगे कहा कि राजनीति भी भरोसे का ही एक रूप है — लोग अपने नेता, अपनी पार्टी, अपने चुनाव क्षेत्र और अपने साथियों पर भरोसा करके ही वोट देते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब शीर्ष स्तर पर ही विश्वास की कमी हो, तो पार्टी की नींव खोखली हो जाती है।
UCC विरोध पर निषाद की आलोचना
समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध पर संजय निषाद ने कहा, 'उनके पास जैसे सलाहकार हैं, उसी वजह से वे आज सत्ता से बाहर हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान सामाजिक न्याय की बात करता है और सामाजिक न्याय तभी मिलेगा जब समान नागरिक संहिता और समान अधिकार होंगे।
निषाद ने सवाल उठाया कि क्या मुस्लिम महिलाएँ मतदाता नहीं हैं? क्या वे इस देश की महिलाएँ नहीं हैं? उन्होंने कहा कि संविधान में धर्म की जगह नहीं है — धर्म जीने का आधार हो सकता है, लेकिन समानता, सम्मान, सुरक्षा, समृद्धि और स्वावलंबन का अधिकार सबको समान रूप से मिलना चाहिए। जाति, धर्म और लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव अस्वीकार्य है।
यह ऐसे समय में आया है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज है। निषाद ने कहा कि UCC पहले ही उत्तराखंड, असम और गुजरात में लागू हो चुका है और वहाँ के लोग खुश हैं, इसलिए इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए।
स्मार्ट स्कूल योजना पर संजय निषाद का रुख
उत्तर प्रदेश में 14,429 प्राइमरी स्कूलों को 'स्मार्ट' स्कूल बनाने के सरकारी फैसले पर निषाद ने कहा कि यह कदम सामाजिक समानता की दिशा में उठाया गया है। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 'अंत्योदय' की अवधारणा का हवाला देते हुए कहा, 'समाज में सबसे निचले पायदान पर रहने वाले व्यक्ति को भी विकास का मौका मिलना चाहिए। गरीब परिवार में पैदा हुए बच्चे को भी स्मार्ट क्लासरूम में पढ़ना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।'
राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा
संजय निषाद का यह हमला ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो गई हैं और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच वर्चस्व की लड़ाई तेज हो रही है। निषाद पार्टी, जो निषाद समुदाय के वोटों पर महत्वपूर्ण प्रभाव रखती है, BJP गठबंधन की अहम सहयोगी है। अखिलेश यादव की ओर से इस हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।