यूसीसी विरोध पर NDA का पलटवार: 'अखिलेश तुष्टिकरण की राजनीति चाहते हैं' — राजभर, निषाद, कदम
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' बताने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने 16 सितंबर 2026 को तीखा पलटवार किया। नेताओं का एकजुट संदेश रहा कि अखिलेश यादव तुष्टिकरण की राजनीति के लिए UCC का विरोध कर रहे हैं और उनके शब्दों के पीछे उनकी असली सोच झलकती है।
राजभर का तंज: 'मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान करें'
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, 'अखिलेश यादव को हम क्या कहें। वे मुसलमान भाई को लेकर और मुसलमान भाई अखिलेश यादव को लेकर परेशान हैं। दोनों लोगों में तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। यूसीसी से पहले अखिलेश यादव को तो ये ऐलान कर देना चाहिए कि अगर सपा सरकार बनेगी तो मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाएंगे।'
राजभर ने आगे कहा कि चार बार मुसलमान मतदाताओं ने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया, इसलिए अब उनका कर्तव्य है कि वे भी उन्हें एक बार मौका दें। उन्होंने इसे वोट बैंक की राजनीति का स्पष्ट उदाहरण बताया।
निषाद बोले: 'यूसीसी सामाजिक न्याय की गारंटी'
संजय निषाद ने UCC के विरोध पर कहा कि अखिलेश यादव के सलाहकारों की गलत सोच की वजह से वे आज सत्ता से बाहर हैं। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान हमेशा सामाजिक न्याय की बात करता है और समान नागरिक संहिता तथा समान अधिकार इसी का विस्तार हैं।
निषाद ने सवाल उठाया कि क्या मुस्लिम महिलाएं इस देश की नागरिक नहीं हैं? क्या उन्हें समानता, सम्मान और सुरक्षा का अधिकार नहीं? उन्होंने यह भी कहा कि UCC पहले से उत्तराखंड, असम और गुजरात में लागू हो चुका है और वहाँ सभी लोग इससे संतुष्ट हैं, इसलिए इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए।
राम कदम का तंज: 'शब्द बदलने से सोच नहीं बदलती'
BJP की महाराष्ट्र इकाई के विधायक राम कदम ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अखिलेश यादव आजकल साहित्यकार हो गए हैं। वे खुद की अपनी एक नई डिक्शनरी बनाने का प्रयास करते हैं, उनको शुभकामनाएं, पर क्या शब्द बदलने से शब्दों के पीछे की सोच इंसान की नहीं बदलती।'
कदम ने आगे कहा कि एक ही देश में दो अलग-अलग कानून संविधान के तहत मंजूर नहीं हो सकते। उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र का हवाला देते हुए कहा कि UCC का विरोध सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति के लिए किया जा रहा है।
प्रतुल शाहदेव का आरोप: 'दंगे भड़काना चाहते हैं अखिलेश'
BJP की झारखंड इकाई के नेता प्रतुल शाहदेव ने सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा मुसलमानों के समर्थन में खड़े रहते हैं और उनकी पार्टी की सरकार ने कार सेवकों पर गोली चलाई थी। शाहदेव ने आरोप लगाया कि अखिलेश देश में फिर से सांप्रदायिक तनाव भड़काना चाहते हैं।
शाहदेव ने UCC को मुस्लिम महिलाओं के हित में बताते हुए कहा कि बहुविवाह और एकतरफा तलाक जैसी 'विसंगतियों' को दूर करना इस कानून का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि 'अखिलेश या राहुल चाहे कुछ भी करें, यूसीसी लागू होकर रहेगा।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने UCC लागू किया, जिसके बाद असम और गुजरात में भी इसकी प्रक्रिया शुरू हुई। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा BJP और सपा के बीच राजनीतिक लड़ाई का केंद्र बनता जा रहा है। विपक्षी दल UCC को धार्मिक पहचान पर हमला बता रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन इसे लैंगिक न्याय और संवैधानिक समानता का औजार बता रहा है।