यूसीसी विरोध पर एनडीए का पलटवार: 'अखिलेश यादव तुष्टिकरण की राजनीति चाहते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने 16 सितंबर को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया, जब उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' करार दिया था। NDA नेताओं ने एकस्वर में कहा कि यादव की भाषा उनकी तुष्टिकरण-केंद्रित राजनीति को उजागर करती है।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर का तंज
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, 'अखिलेश यादव को हम क्या कहें। वे मुसलमान भाई को लेकर और मुसलमान भाई अखिलेश यादव को लेकर परेशान हैं। दोनों लोगों में तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। यूसीसी से पहले अखिलेश यादव को तो ये ऐलान कर देना चाहिए कि अगर सपा सरकार बनेगी तो मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाएंगे।'
राजभर ने आगे कहा, 'अखिलेश यादव बहुत हमदर्द हैं मुसलमानों के लिए, क्योंकि चार बार मुसलमानों ने वोट दे करके यादव जी को मुख्यमंत्री बनाया। अब उनका कर्तव्य बनता है कि एक बार उनको भी मौका दें।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं।
संजय निषाद का संवैधानिक तर्क
NDA नेता संजय निषाद ने यूसीसी के विरोध को संविधान-विरुद्ध बताते हुए कहा, 'उनके पास जैसे सलाहकार हैं, उसी वजह से वे आज सत्ता से बाहर हैं। संविधान हमेशा सामाजिक न्याय की बात करता है। सामाजिक न्याय तभी मिलेगा जब समान नागरिक संहिता और समान अधिकार होंगे।'
निषाद ने सवाल उठाया कि क्या मुस्लिम महिलाएं इस देश की मतदाता और नागरिक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि उत्तराखंड, असम और गुजरात में यूसीसी लागू होने का हवाला देते हुए निषाद ने कहा कि वहाँ सब लोग संतुष्ट हैं, इसलिए इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए।
भाजपा विधायक राम कदम का तंज
BJP की महाराष्ट्र इकाई के विधायक राम कदम ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अखिलेश यादव आजकल साहित्यकार हो गए हैं। वे खुद की अपनी एक नई डिक्शनरी बनाने का प्रयास करते हैं — उनको शुभकामनाएं, पर क्या शब्द बदलने से शब्दों के पीछे की सोच इंसान की नहीं बदलती।'
कदम ने आगे कहा, 'यह देश इसके पहले तुष्टिकरण की राजनीति पर चलता था। एक ही देश में एक को एक कानून, दूसरे को दूसरा कानून — यह असमानता संविधान के तहत मंजूर नहीं हो सकती। सबका साथ और सबका विकास के मूल मंत्र के लिए सबके लिए समान कानून ज़रूरी है।'
झारखंड भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव के आरोप
BJP की झारखंड इकाई के नेता प्रतुल शाहदेव ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे उसी पार्टी से आते हैं जिसकी सरकार पर कार सेवकों पर गोली चलवाने का आरोप लगाया जाता है। शाहदेव ने दावा किया कि यूसीसी मुस्लिम महिलाओं के हित में है — बहुविवाह और एकतरफा तलाक जैसी विसंगतियों को दूर करने के लिए। उन्होंने कहा, 'अखिलेश या राहुल चाहे कुछ भी करें, यूसीसी लागू होकर रहेगा।'
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज़ हो रही है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने UCC लागू किया, और केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में काम कर रही है। आलोचकों का कहना है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की स्थिति उनके वोट-बैंक की गणना से तय होती है। आने वाले विधानसभा चुनावों में UCC एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बने रहने की संभावना है।