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यूसीसी विरोध पर एनडीए का पलटवार: 'अखिलेश यादव तुष्टिकरण की राजनीति चाहते हैं'

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यूसीसी विरोध पर एनडीए का पलटवार: 'अखिलेश यादव तुष्टिकरण की राजनीति चाहते हैं'

सारांश

अखिलेश यादव के यूसीसी को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' कहने पर NDA नेताओं ने एकजुट होकर पलटवार किया। राजभर, निषाद और कदम ने तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि UCC मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ज़रूरी है।

मुख्य बातें

16 सितंबर को NDA नेताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के UCC विरोध पर तीखा पलटवार किया।
UP मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को तुष्टिकरण से आगे बढ़कर मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान करना चाहिए।
संजय निषाद ने कहा कि उत्तराखंड , असम और गुजरात में UCC लागू होने के बाद लोग संतुष्ट हैं।
BJP विधायक राम कदम ने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि शब्द बदलने से सोच नहीं बदलती।
झारखंड BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि UCC मुस्लिम महिलाओं के हित में है और यह लागू होकर रहेगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने 16 सितंबर को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया, जब उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' करार दिया था। NDA नेताओं ने एकस्वर में कहा कि यादव की भाषा उनकी तुष्टिकरण-केंद्रित राजनीति को उजागर करती है।

मंत्री ओमप्रकाश राजभर का तंज

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, 'अखिलेश यादव को हम क्या कहें। वे मुसलमान भाई को लेकर और मुसलमान भाई अखिलेश यादव को लेकर परेशान हैं। दोनों लोगों में तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। यूसीसी से पहले अखिलेश यादव को तो ये ऐलान कर देना चाहिए कि अगर सपा सरकार बनेगी तो मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाएंगे।'

राजभर ने आगे कहा, 'अखिलेश यादव बहुत हमदर्द हैं मुसलमानों के लिए, क्योंकि चार बार मुसलमानों ने वोट दे करके यादव जी को मुख्यमंत्री बनाया। अब उनका कर्तव्य बनता है कि एक बार उनको भी मौका दें।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं।

संजय निषाद का संवैधानिक तर्क

NDA नेता संजय निषाद ने यूसीसी के विरोध को संविधान-विरुद्ध बताते हुए कहा, 'उनके पास जैसे सलाहकार हैं, उसी वजह से वे आज सत्ता से बाहर हैं। संविधान हमेशा सामाजिक न्याय की बात करता है। सामाजिक न्याय तभी मिलेगा जब समान नागरिक संहिता और समान अधिकार होंगे।'

निषाद ने सवाल उठाया कि क्या मुस्लिम महिलाएं इस देश की मतदाता और नागरिक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि उत्तराखंड, असम और गुजरात में यूसीसी लागू होने का हवाला देते हुए निषाद ने कहा कि वहाँ सब लोग संतुष्ट हैं, इसलिए इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए।

भाजपा विधायक राम कदम का तंज

BJP की महाराष्ट्र इकाई के विधायक राम कदम ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अखिलेश यादव आजकल साहित्यकार हो गए हैं। वे खुद की अपनी एक नई डिक्शनरी बनाने का प्रयास करते हैं — उनको शुभकामनाएं, पर क्या शब्द बदलने से शब्दों के पीछे की सोच इंसान की नहीं बदलती।'

कदम ने आगे कहा, 'यह देश इसके पहले तुष्टिकरण की राजनीति पर चलता था। एक ही देश में एक को एक कानून, दूसरे को दूसरा कानून — यह असमानता संविधान के तहत मंजूर नहीं हो सकती। सबका साथ और सबका विकास के मूल मंत्र के लिए सबके लिए समान कानून ज़रूरी है।'

झारखंड भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव के आरोप

BJP की झारखंड इकाई के नेता प्रतुल शाहदेव ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे उसी पार्टी से आते हैं जिसकी सरकार पर कार सेवकों पर गोली चलवाने का आरोप लगाया जाता है। शाहदेव ने दावा किया कि यूसीसी मुस्लिम महिलाओं के हित में है — बहुविवाह और एकतरफा तलाक जैसी विसंगतियों को दूर करने के लिए। उन्होंने कहा, 'अखिलेश या राहुल चाहे कुछ भी करें, यूसीसी लागू होकर रहेगा।'

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब UCC को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज़ हो रही है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने UCC लागू किया, और केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में काम कर रही है। आलोचकों का कहना है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की स्थिति उनके वोट-बैंक की गणना से तय होती है। आने वाले विधानसभा चुनावों में UCC एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बने रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चुनावी है — और दोनों पक्ष इसे जानते हैं। NDA नेताओं का 'तुष्टिकरण' वाला आरोप उतना ही गणनाबद्ध है जितना अखिलेश यादव का 'कम्युनल कांस्पीरेसी' वाला शब्द-प्रयोग। जो बात मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर छूट जाती है, वह यह है कि उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद ज़मीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन की समीक्षा अभी अधूरी है। मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का तर्क नैतिक रूप से बलशाली है, लेकिन जब तक इसे समुदाय के भीतर से समर्थन नहीं मिलता, यह राजनीतिक हथियार बना रहेगा — सुधार का साधन नहीं।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने यूसीसी को क्या कहा था जिस पर NDA ने पलटवार किया?
अखिलेश यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' बताया था। इसी बयान पर NDA नेताओं ने 16 सितंबर को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाया?
UP मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव मुसलमानों के वोट लेकर खुद मुख्यमंत्री बनते रहे हैं, इसलिए उन्हें ऐलान करना चाहिए कि सपा सरकार बनने पर किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यूसीसी का विरोध तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित है।
समान नागरिक संहिता (UCC) अभी किन राज्यों में लागू है?
संजय निषाद के अनुसार, UCC उत्तराखंड, असम और गुजरात में लागू हो चुकी है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य था जिसने UCC को विधिवत लागू किया।
BJP विधायक राम कदम ने UCC विरोध पर क्या कहा?
महाराष्ट्र BJP विधायक राम कदम ने कहा कि एक ही देश में दो अलग-अलग कानून संविधान के तहत स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर व्यंग्य करते हुए कहा कि शब्द बदलने से किसी की सोच नहीं बदलती।
प्रतुल शाहदेव ने UCC के बारे में क्या दावा किया?
झारखंड BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि UCC मुस्लिम महिलाओं के हित में है — यह बहुविवाह और एकतरफा तलाक जैसी विसंगतियों को दूर करेगा। उन्होंने कहा कि अखिलेश या राहुल गांधी के विरोध के बावजूद UCC लागू होकर रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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