सपा में अपराधियों को संरक्षण, अखिलेश दंगे का माहौल बनाना चाहते हैं: ओम प्रकाश राजभर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 14 जुलाई 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखे आरोप लगाए। राजभर ने दावा किया कि सपा अपराधियों को संरक्षण देती है और अखिलेश यादव प्रदेश में साम्प्रदायिक तनाव का वातावरण तैयार करना चाहते हैं।
बलिया दौरे पर हंगामे का आरोप
राजभर ने आरोप लगाया कि उनके बलिया दौरे के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उपद्रव किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ अपराधी सपा का झंडा थामे घूम रहे थे। राजभर ने कहा कि ऐसे तत्वों को यह समझना होगा कि प्रदेश में कानून का शासन स्थापित है और किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था पर आरोप
राजभर ने सपा के पिछले शासनकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस दौरान दंगे और कर्फ्यू की घटनाएँ हुई थीं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बदायूँ और बुलंदशहर की घटनाओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस काल में महिलाओं के विरुद्ध गंभीर अपराध हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक गिरोह चलती गाड़ियों पर अंडे फेंककर उन्हें रुकवाता था और फिर लूटपाट करता था।
मुस्लिम समुदाय और विपक्ष पर टिप्पणी
राजभर ने दावा किया कि वर्तमान में प्रदेश का मुस्लिम समुदाय शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है, अपनी आजीविका कमा रहा है और सामान्य दिनचर्या में है। उनके अनुसार विपक्ष इसी स्थिरता से असहज है और इसीलिए तनाव भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञानवापी और 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर रुख
ज्ञानवापी मामले में सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता पहल का स्वागत करते हुए राजभर ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान पहले संवाद के माध्यम से निकाला जाना चाहिए; यदि आपसी बातचीत विफल हो, तो न्यायालय का निर्णय अंतिम विकल्प होता है। 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उन्होंने इसे विकास के लिए अनिवार्य पहल बताया और कहा कि जब देश के सभी 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक एक समान मतदाता हैं, तो एकीकृत चुनाव प्रणाली पर विचार होना चाहिए।
मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष की आलोचना का जवाब
मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर विपक्ष की आलोचना पर राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग (ECI) का उद्देश्य मृत मतदाताओं के नाम हटाना, पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रही हैं क्योंकि उन्हें कथित अनियमितताओं से पहले राजनीतिक लाभ मिलता था। आगे देखना होगा कि सपा इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और उत्तर प्रदेश में राजनीतिक वातावरण किस दिशा में जाता है।