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आजमगढ़ में आतंकी पकड़े जाने पर राजभर का सपा पर हमला, अखिलेश यादव से माँगा जवाब

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आजमगढ़ में आतंकी पकड़े जाने पर राजभर का सपा पर हमला, अखिलेश यादव से माँगा जवाब

सारांश

आजमगढ़ में आतंकी पकड़े जाने के बाद सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को सीधे कठघरे में खड़ा कर दिया। ‘10 विधायक, 2 सांसद और अखिलेश का घर — फिर भी आतंकी कैसे?’ — इस सवाल ने सपा के सबसे मज़बूत गढ़ माने जाने वाले जिले की राजनीति को 2027 से पहले गरमा दिया है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 2 जून को लखनऊ में आजमगढ़ में आतंकी पकड़े जाने पर सपा पर निशाना साधा।
राजभर ने याद दिलाया कि आजमगढ़ में सपा के 10 विधायक और 2 सांसद हैं, और अखिलेश यादव का घर भी यहीं है।
मंत्री ने दावा किया कि सपा शासन में दंगे होते थे, जबकि योगी आदित्यनाथ सरकार में दंगों पर ‘पूर्ण विराम’ लगा है।
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा जिले को एक विश्वविद्यालय तक नहीं दे सकी।
सुभासपा प्रमुख ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को आगामी चुनावों में कमज़ोर बताया।

सुभासपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 2 जून को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजमगढ़ में आतंकवादी पकड़े जाने के मामले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को जवाब देना चाहिए। राजभर ने आजमगढ़ को सपा का ‘गढ़’ बताते हुए कानून-व्यवस्था, सीट बंटवारे के विवाद और विकास के मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।

मुख्य घटनाक्रम

राजभर ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी आजमगढ़ को अपना गढ़ मानती है। यहाँ सपा के 10 विधायक और 2 सांसद हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिकांश नगर पंचायतें, नगर पालिकाएँ और ब्लॉक प्रमुख भी सपा के पास हैं। अखिलेश यादव ने भी सैफई छोड़कर आजमगढ़ में अपना घर बना लिया है। फिर भी यहाँ आतंकवादी पकड़े जा रहे हैं।’

उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा, ‘जिसके घर में आतंकवादी पकड़ा जाए, उसे क्या कहेंगे? यह समाजवादियों का संरक्षण नहीं तो और क्या है? अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उनके गढ़ में आतंकवादी कैसे रहते हैं।’

शिक्षा और विकास पर हमला

कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि सपा अपने प्रभाव वाले जिले को एक विश्वविद्यालय तक नहीं दे सकी, जबकि भाजपा सरकार ने युवाओं के लिए विश्वविद्यालय की सौगात दी है। राजभर ने तर्क दिया कि शिक्षा के बुनियादी ढाँचे का यह अंतर सपा के ‘विकास मॉडल’ की पोल खोलता है।

कानून-व्यवस्था पर तुलना

राजभर के अनुसार, सपा के शासनकाल में दंगों से आमजन को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार में दंगों पर ‘पूर्ण विराम’ लगा है। उन्होंने कथित तौर पर कई जगहों पर दंगे भड़काने की कोशिशों का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रशासन ने उन्हें नाकाम कर दिया। मंत्री ने यह भी दावा किया कि कुछ घटनाओं में ‘सपाइयों के नाम सामने आ रहे हैं’ और इन पर अखिलेश यादव चुप्पी साधे हैं।

गो-रक्षा और सरकारी नीतियाँ

योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए राजभर ने मुख्यमंत्री के गो-रक्षा पर सख्त रुख को सराहनीय बताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार विकास और कानून-व्यवस्था दोनों मोर्चों पर ‘अच्छा काम’ कर रही है, जबकि विपक्षी दल केवल आरोप लगाने में लगे हैं। गौरतलब है कि सुभासपा एनडीए का हिस्सा है और राजभर पूर्वांचल में पिछड़ा-वर्ग की राजनीति का अहम चेहरा माने जाते हैं।

आगामी चुनाव और दावा

आगामी चुनावों के संदर्भ में राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को कमज़ोर बताते हुए कहा कि जनता अब विकास और सुरक्षा चाहती है, पुरानी राजनीति को नहीं। उन्होंने दावा किया कि युवाओं, किसानों और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए बनी नीतियों के कारण जनता भाजपा को समर्थन देगी। आजमगढ़ की गिरफ़्तारी से जुड़े आरोपों पर सपा की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और किसी आतंकी गिरफ़्तारी को इस ‘गढ़’ से जोड़ना 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक स्पष्ट ध्रुवीकरण रणनीति है। हालाँकि, ‘संरक्षण’ जैसे शब्द बिना ठोस जाँच निष्कर्ष के गंभीर आरोप हैं, और इन्हें राजनीतिक बयानबाज़ी से अलग रखना ज़रूरी है। एनडीए के भीतर राजभर की भूमिका पिछड़ा-वर्ग की उस आवाज़ की है जो सपा के सामाजिक गठजोड़ को सीधी चुनौती दे — यही वजह है कि उनके बयान भाजपा के मुख्य चेहरों से ज़्यादा तीखे होते हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या गिरफ़्तार व्यक्ति के सपा से कोई सत्यापन-योग्य संबंध सामने आते हैं या यह केवल भौगोलिक संयोग साबित होता है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से क्या जवाब माँगा है?
राजभर ने अखिलेश यादव से माँग की है कि वे बताएँ कि उनके गृह क्षेत्र आजमगढ़ — जहाँ सपा के 10 विधायक और 2 सांसद हैं — में आतंकवादी कैसे रह रहे हैं। उन्होंने इसे ‘समाजवादियों का संरक्षण’ करार दिया।
आजमगढ़ सपा के लिए राजनीतिक रूप से क्यों अहम है?
आजमगढ़ समाजवादी पार्टी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहाँ पार्टी के 10 विधायक, 2 सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अधिकांश स्थानीय निकाय हैं। अखिलेश यादव ने भी सैफई के अलावा यहाँ अपना घर बनाया है, जिससे यह जिला उनकी राजनीतिक पहचान से जुड़ा है।
राजभर ने योगी सरकार की किस उपलब्धि की प्रशंसा की?
राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गो-रक्षा पर सख्त रुख और कानून-व्यवस्था में सुधार की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि योगी राज में दंगों पर पूर्ण विराम लगा है और दंगे भड़काने की कोशिशों को प्रशासन ने नाकाम किया।
क्या सुभासपा भाजपा के साथ गठबंधन में है?
हाँ, सुभासपा भाजपा-नीत एनडीए का हिस्सा है और ओम प्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। पूर्वांचल में पिछड़ा-वर्ग की राजनीति में वे एक प्रमुख चेहरा माने जाते हैं।
आगामी चुनावों पर राजभर का क्या आकलन है?
राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को कमज़ोर बताया और दावा किया कि जनता विकास व सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा को समर्थन देगी। उनके अनुसार, युवाओं, किसानों और पिछड़े वर्गों के लिए बनी नीतियाँ भाजपा के पक्ष में निर्णायक रहेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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