19 अगस्त 2026
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आजम खान पर ED छापे के लिए अखिलेश-शिवपाल जिम्मेदार, रात में योगी से मिलते हैं: ओपी राजभर

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आजम खान पर ED छापे के लिए अखिलेश-शिवपाल जिम्मेदार, रात में योगी से मिलते हैं: ओपी राजभर

सारांश

ओम प्रकाश राजभर का विस्फोटक दावा — अखिलेश और शिवपाल यादव रात में CM योगी से मिलकर आजम खान के खिलाफ जांच कराते हैं और दिन में BJP की आलोचना करते हैं। ED की छापेमारी, ओबीसी आरक्षण और जापान निवेश सम्मेलन पर भी राजभर ने तीखे बयान दिए।

मुख्य बातें

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और शिवपाल यादव रात में CM योगी आदित्यनाथ से मिलते हैं और आजम खान के खिलाफ जांच कराते हैं।
ED ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की।
राजभर ने ओबीसी आरक्षण पर कहा कि 27% आरक्षण का लाभ केवल 12 जातियाँ उठा रही हैं; सर्वोच्च न्यायालय में नई याचिका दायर।
अखिलेश के गठबंधन पर तंज — 201 सीटें नहीं मिलीं तो साथ नहीं रहेंगे।
21 अगस्त को जापान प्रतिनिधिमंडल लखनऊ आएगा; 'अतिथि भोज' कार्यक्रम भी निर्धारित।
राजभर ने SBSP को राज्य स्तरीय पार्टी की मान्यता के लिए 13 सीटों की जरूरत बताई।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 19 अगस्त 2026 को लखनऊ में कड़े बयान देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अखिलेश यादव और शिवपाल यादव रात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलते हैं और दिन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना करते हैं। यह बयान प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा SP के वरिष्ठ नेता आजम खान के जौहर यूनिवर्सिटी समेत 10 ठिकानों पर की गई छापेमारी के संदर्भ में आया।

आजम खान पर ED छापे को लेकर राजभर का विस्फोटक आरोप

राजभर ने आजम खान के ठिकानों पर ED की कार्रवाई के लिए सीधे अखिलेश और शिवपाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'इसके लिए अखिलेश यादव और शिवपाल यादव जिम्मेदार हैं। ये लोग नहीं चाहते कि आजम खान जिंदा रहें। ये वही लोग हैं, जो रात में योगी आदित्यनाथ से मिलते हैं और दिन में भाजपा की आलोचना करते हैं। रात में वे उन्हें बताते हैं कि क्या हुआ है और इन चीजों की जांच कराने के लिए कहते हैं और फिर सुबह छापेमारी शुरू हो जाती है।' राजभर के ये आरोप कथित तौर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ सकते हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

यूपी-जापान निवेश सम्मेलन और विकास का एजेंडा

यूपी-जापान निवेश सम्मेलन पर राजभर ने कहा कि 21 अगस्त को जापान से एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ आ रहा है। उन्होंने कहा, 'चाहे योगी हों या मोदी, हम हमेशा राज्य और देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं। हम युवाओं को रोजगार देने और यह पक्का करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं कि किसानों को खाद, बीज, पानी और सभी जरूरी सुविधाएं मिलें।' उन्होंने 21 अगस्त को लखनऊ में आयोजित होने वाले 'अतिथि भोज' कार्यक्रम में सभी के शामिल होने की अपील की।

ओबीसी आरक्षण विवाद पर राजभर की राय

मंत्री संजय निषाद के ओबीसी आरक्षण संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का लाभ केवल 12 जातियाँ उठा रही थीं, जबकि शेष जातियाँ वंचित रह जाती थीं। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने उच्च न्यायालय के निर्देश की अनदेखी की। राजभर ने बताया कि हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें आरक्षण का लाभ 'क्रीमी लेयर' की बजाय सामाजिक-आर्थिक रूप से सबसे कमजोर वर्गों को देने की माँग की गई है।

गठबंधन की राजनीति और सीटों का समीकरण

अखिलेश यादव के गठबंधन संबंधी बयान पर राजभर ने तंज कसते हुए कहा, 'उनका गठबंधन ही कह रहा है कि अगर उन्हें 201 सीटें दी गईं, तो वे साथ रहेंगे, वरना नहीं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की कोशिश है कि उसे राज्य स्तरीय पार्टी के रूप में मान्यता मिले, जिसके लिए 13 सीटों की आवश्यकता होती है। राजभर ने कहा कि वे यह मामला नेतृत्व के सामने रखेंगे और नेतृत्व के फैसले के अनुसार काम करेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और गठबंधन के समीकरण लगातार बदल रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उत्तर प्रदेश की सत्ता-राजनीति की उस जटिल परत को उजागर करता है जहाँ सार्वजनिक विरोध और निजी समझौते साथ-साथ चलते हैं। गौरतलब है कि राजभर खुद NDA गठबंधन में हैं, इसलिए उनके आरोपों को विपक्ष को कमजोर करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा सकता है। आजम खान पर ED की कार्रवाई और ओबीसी आरक्षण की बहस — दोनों मुद्दे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरणों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि राजभर का SBSP को राज्य पार्टी का दर्जा दिलाने का दावा असल में NDA के भीतर सीट-बंटवारे की मोलभाव की प्रक्रिया का हिस्सा है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश और शिवपाल पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव और शिवपाल यादव रात में CM योगी आदित्यनाथ से मिलकर आजम खान के खिलाफ जांच कराते हैं और दिन में BJP की आलोचना करते हैं। उन्होंने इन दोनों नेताओं को आजम खान के ठिकानों पर ED छापे के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया।
आजम खान के किन ठिकानों पर ED ने छापेमारी की?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी समेत कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 19 अगस्त 2026 को की गई।
ओबीसी आरक्षण पर राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने कहा कि उच्च न्यायालय के अनुसार 27% ओबीसी आरक्षण का लाभ केवल 12 जातियाँ उठा रही हैं और बाकी वंचित हैं। उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने उच्च न्यायालय के निर्देश की अनदेखी की।
यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में क्या होगा?
21 अगस्त को जापान का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ आएगा। इसी दिन 'अतिथि भोज' कार्यक्रम भी आयोजित है जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों के शामिल होने की अपेक्षा है।
SBSP को राज्य पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए राजभर की क्या योजना है?
राजभर ने कहा कि राज्य स्तरीय पार्टी की मान्यता के लिए 13 सीटों की जरूरत होती है और वे यह मामला पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे। नेतृत्व के फैसले के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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