IRCTC घोटाला: लालू परिवार राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश, जदयू बोली — छवि को अपूरणीय नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मामले में नई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। इस सुनवाई के बाद बिहार की सियासत में प्रतिक्रियाओं का दौर तेज़ हो गया, जहाँ सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने लालू परिवार की साख पर सीधे निशाना साधा।
जदयू का दावा: छवि से उबरना आसान नहीं
पटना में जनता दल (यूनाइटेड) नेता राजीव रंजन ने कहा कि अदालत का फैसला जो भी हो, सभी पक्षों को स्वीकार होगा। उन्होंने दावा किया कि 'आईआरसीटीसी मामले समेत ऐसे मामलों ने सार्वजनिक जीवन में लालू और उनके परिवार के सदस्यों की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है और इससे उबरना उनके लिए आसान नहीं होगा।' रंजन ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में कानून-व्यवस्था मजबूत है और अपराध की किसी भी घटना पर 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश पुलिस को दिए गए हैं।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि 'न्याय होना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के इतिहास में पहली बार बिना अधिसूचना के नौकरियाँ दी गईं, बिना टेंडर के होटल रखरखाव का ठेका दिया गया और उसके बदले ज़मीनें लिखवाई गईं। पासवान ने कहा कि 'अपराध, भ्रष्टाचार, भय और परिवारवाद — यही राजद का असल मतलब है।' गौरतलब है कि ये आरोप राजनीतिक हैं और मामला अदालत में विचाराधीन है।
महागठबंधन पर श्याम रजक का वार
जदयू नेता श्याम रजक ने एमएलसी चुनावों में राजद के विरुद्ध कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने के मुद्दे पर कहा कि 'यह महागठबंधन कोई वास्तविक गठबंधन नहीं है — यह परिवारवाद, भ्रष्टाचार और व्यक्तिवाद का गठबंधन है।' उन्होंने आरोप लगाया कि इस गठबंधन ने हर चुनाव में अपने सहयोगियों के खिलाफ प्रत्याशी उतारे, यहाँ तक कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ भी।
रजक ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अपना व्यक्तिगत मत रखा: 'जब धर्म राजनीति में आता है तो राजनीति बेहतर होती है, लेकिन जब राजनीति धर्म में घुसती है तो गंदगी फैलती है।'
बाढ़ राहत पर सरकार की स्थिति
बिहार में बाढ़ की स्थिति पर रजक ने कहा कि यह एक गंभीर प्राकृतिक आपदा है और पूरे देश को एकजुट होकर प्रभावितों की मदद करनी चाहिए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और जिला-पुलिस प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग के इंजीनियर तटबंधों की सुरक्षा के लिए दिन-रात प्रयासरत हैं।
मामले का संदर्भ और आगे की राह
आईआरसीटीसी घोटाला मामला उस कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है जिसमें रेलवे होटलों के रखरखाव ठेके और नौकरियों के बदले ज़मीन लेने का आरोप है। यह मामला केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच के अधीन रहा है। राउज एवेन्यू कोर्ट में अगली सुनवाई की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन यह मामला बिहार की आगामी चुनावी राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना रहेगा।