26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या लालू यादव ने आईआरसीटीसी घोटाले में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या लालू यादव ने आईआरसीटीसी घोटाले में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया?

सारांश

आईआरसीटीसी घोटाले में आरोप तय होने के बाद लालू यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। यह मामला बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है। जानिए इसके पीछे की कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव को।

मुख्य बातें

लालू यादव ने आईआरसीटीसी घोटाले में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया।
निचली अदालत ने आरोप तय किए हैं।
यह मामला बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण हो सकता है।

पटना, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने आईआरसीटीसी घोटाले में आरोप तय होने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। निचली अदालत ने लालू यादव सहित अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं。

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच 5 जनवरी को इस मामले पर सुनवाई करेगी। बता दें कि 13 अक्टूबर को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिया था। कोर्ट ने इस मामले में आईपीसी की धारा 428, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।

सीबीआई की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला 5 जुलाई 2017 को दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए मेसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड (एसएचपीएल) के मालिक विजय कोचर और विनय कोचर सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित बीएनआर (बंगाल रेलवे नागपुर) होटलों की लीजिंग में अनियमितताएं कीं।

एजेंसी के अनुसार, लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आईआरसीटीसी के कई अधिकारियों की मिलीभगत से कोचर ब्रदर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया। इसके एवज में पटना स्थित एक कीमती भूमि को कोचर ब्रदर्स ने एक ऐसी कंपनी को बेच दिया जो लालू प्रसाद यादव के करीबी और राजद के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता से जुड़ी थी।

यह जमीन मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (डीएमसीपीएल) के नाम से खरीदी गई थी, जिसे बाद में लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी के नाम से परिवर्तित कर दिया गया। यह कंपनी लालू परिवार के हित में संचालित की जा रही थी और अंततः इस संपत्ति का नियंत्रण राबड़ी देवी और तेजस्वी प्रसाद यादव के हाथों में चला गया।

सीबीआई ने अपनी जांच पूरी करने के बाद लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, प्रेमचंद गुप्ता और अन्य 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।

सीबीआई की विशेष अदालत ने अब इस मामले में 27 अक्टूबर से 7 नवंबर तक प्रतिदिन सुनवाई करते हुए अभियोजन पक्ष के सबूतों की पेशी तय की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बिहार की राजनीति में भी बड़ा बदलाव ला सकती है। हमें इस मामले पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि हम जान सकें कि इससे राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरसीटीसी घोटाला क्या है?
आईआरसीटीसी घोटाला एक भ्रष्टाचार का मामला है जिसमें आरोप है कि लालू यादव और अन्य ने रेलवे होटल की लीजिंग में अनियमितताएं कीं।
दिल्ली हाईकोर्ट में कब सुनवाई होगी?
दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई 5 जनवरी को होगी।
लालू यादव पर क्या आरोप हैं?
लालू यादव पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले