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क्या राउज एवेन्यू कोर्ट 13 अक्टूबर को लालू परिवार के खिलाफ आईआरसीटीसी मामले में फैसला सुनाएगी?

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क्या राउज एवेन्यू कोर्ट 13 अक्टूबर को लालू परिवार के खिलाफ आईआरसीटीसी मामले में फैसला सुनाएगी?

सारांश

राउज एवेन्यू कोर्ट 13 अक्टूबर को आईआरसीटीसी होटल घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुनाएगी। क्या अदालत के इस फैसले से लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ेंगी? जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

लालू परिवार के खिलाफ आरोपों की सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
सीबीआई ने जुलाई 2017 में मामला दर्ज किया था।
14 आरोपी इस मामले में शामिल हैं।
अदालत का फैसला महत्वपूर्ण होगा।
भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर हैं।

नई दिल्ली, २४ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट १३ अक्टूबर को लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना निर्णय सुनाएगी। अदालत ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।

आईआरसीटीसी होटल घोटाले से संबंधित इस मामले में अदालत १३ अक्टूबर को आरोप तय करेगी। इसमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है।

यह मामला आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव संबंधी टेंडर में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। इस संदर्भ में लालू प्रसाद यादव के साथ उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं। अदालत के आदेश के परिणामस्वरूप यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में लालू परिवार के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा चलेगा या नहीं।

आरोप है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री (२००४ से २००९ तक) रहते हुए, आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव का कॉन्ट्रैक्ट एक फर्म को देने में कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ। ये होटल बीएनआर रांची और बीएनआर पुरी थे। रखरखाव का ठेका विजय और विनय कोचर की स्वामित्व वाली एक निजी फर्म सुजाता होटल को दिया गया था।

इस मामले में कुल १४ आरोपी हैं। लालू यादव, राबड़ी और तेजस्वी यादव पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने जुलाई २०१७ में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। सीबीआई ने दावा किया कि टेंडर के बदले में लालू प्रसाद यादव को एक बेनामी कंपनी के माध्यम से तीन एकड़ प्रमुख भूमि मिली। मामले में सीबीआई ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी।

हालांकि, लालू परिवार ने सीबीआई के आरोपों को खारिज कर दिया है। उनके द्वारा अदालत में यह दलील दी गई है कि सीबीआई के पास इस केस में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। अब १३ अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश से यह स्पष्ट होगा कि क्या लालू परिवार पर मुकदमा चलेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरसीटीसी घोटाला क्या है?
आईआरसीटीसी घोटाला उस भ्रष्टाचार का मामला है जिसमें लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर आरोप है कि उन्होंने रेलवे होटलों के रखरखाव के टेंडर में गड़बड़ी की।
कोर्ट का फैसला कब आएगा?
राउज एवेन्यू कोर्ट 13 अक्टूबर को इस मामले में आरोप तय करने पर अपना फैसला सुनाएगी।
इस मामले में कौन-कौन आरोपी हैं?
इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित कुल 14 आरोपी हैं।
सीबीआई ने कब एफआईआर दर्ज की?
सीबीआई ने जुलाई 2017 में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
क्या लालू परिवार ने आरोपों को स्वीकार किया?
लालू परिवार ने सीबीआई के आरोपों को खारिज किया है और अदालत में कहा है कि उनके पास सबूत नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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