दिल्ली हाईकोर्ट में नरेश बालियान की जमानत सुनवाई टली, अगली तारीख 9 मार्च
सारांश
Key Takeaways
- नरेश बालियान की जमानत याचिका पर सुनवाई टली।
- अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
- बालियान मकोका मामले में आरोपित हैं।
- विकास गहलोत की जमानत याचिका भी खारिज।
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को मकोका मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी (आप) के नेता नरेश बालियान की जमानत याचिका पर सुनवाई को स्थगित कर दिया है। अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
बालियान वर्तमान में मंडोली जेल में बंद हैं, और उनके खिलाफ संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इससे पहले, 2 फरवरी को राऊज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में उन्हें आंशिक राहत मिली थी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद बालियान को परिवार से सप्ताह में दो बार, पांच-पांच मिनट के लिए फोन पर बातचीत करने की अनुमति दी थी। यह अनुमति ई-मुलाकात के विकल्प के रूप में एक अतिरिक्त फोन कॉल के रूप में दी गई थी। पहले उन्हें सप्ताह में एक बार फोन कॉल और एक ई-मुलाकात की सुविधा मिलती थी।
अदालत में बालियान ने दलील दी थी कि तकनीकी कारणों के चलते ई-मुलाकात की व्यवस्था कई बार प्रभावी नहीं रहती। ऐसे में परिवार से संपर्क बनाए रखने के लिए एक अतिरिक्त फोन कॉल की अनुमति दी जानी चाहिए। जेल प्रशासन ने इस मांग का विरोध किया था, लेकिन अदालत ने पूर्व में दी गई सुविधाओं और परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त कॉल की अनुमति प्रदान की।
नरेश बालियान पर गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू द्वारा संचालित एक संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप है। उनके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसी मामले में सह आरोपी विकास गहलोत की अंतरिम जमानत याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी। गहलोत ने अपने पिता की हृदय संबंधी बीमारी और संभावित सर्जरी का हवाला देते हुए अस्थायी जमानत की मांग की थी।
हालांकि, अदालत ने कहा कि प्रस्तुत तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर अंतरिम जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं बनता। विकास गहलोत भी मकोका की धाराओं के तहत आरोपित हैं। अब सभी की नजरें 9 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।