मृदुल तिवारी ने 'यादव जी की लव स्टोरी' विवाद पर जताई नाराजगी, कहा- 'बात समझाना बेकार'
सारांश
Key Takeaways
- मृदुल तिवारी ने फिल्म विवाद में अपनी बेगुनाही का दावा किया।
- फिल्म का शीर्षक और कहानी पर यादव समाज का विरोध।
- सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने से रोकने की अपील।
- फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
- संभावित आंदोलन के लिए चेतावनी दी गई।
मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर चल रहा विवाद दिन-ब-दिन नया मोड़ ले रहा है। सड़क पर चल रहे विरोध, एफआईआर, राजनीतिक बयानों और सोशल मीडिया पर उठ रही आलोचनाओं के बीच, यूट्यूबर और 'बिग बॉस 19' के पूर्व प्रतिभागी मृदुल तिवारी ने एक बार फिर अपनी बात स्पष्ट की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से यह बताया कि इस फिल्म से उनका कोई संबंध नहीं है।
फिल्म में मुख्य अभिनेत्री प्रगति तिवारी हैं, जो मृदुल तिवारी की बहन हैं। इसी कारण, फिल्म का विरोध करने वाले सोशल मीडिया पर प्रगति के साथ-साथ मृदुल को भी निशाना बना रहे हैं। मृदुल का कहना है कि कई यूजर्स उन्हें गालियों और धमकियों तक दे रहे हैं। इस मुद्दे पर मृदुल तिवारी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि उनका फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, "मैंने न तो यह फिल्म बनाई है और न ही मैं इसके नाम को बदल सकता हूं। मैंने यह बात कई बार सार्वजनिक रूप से कही है और समझदार लोग इसे समझ चुके हैं। लेकिन जो लोग बिना जानकारी के आरोप लगा रहे हैं, उन्हें समझाना बेकार है।"
मृदुल ने आगे कहा, "किसी भी समाज की भावनाओं को आहत करना मेरा उद्देश्य नहीं है। मैं सभी की भावनाओं का सम्मान करता हूं और अगर किसी को फिल्म के नाम पर आपत्ति है, तो मैं आप सभी के साथ हूं। आप नाम बदलवाओ।" उन्होंने लोगों से गलत जानकारी न फैलाने की अपील की है।
हाल के दिनों में यूपी के संभल, गुन्नौर और आसपास के क्षेत्रों में यादव समाज के लोग इस फिल्म का लगातार विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फिल्म का शीर्षक और कहानी उनके समाज को गलत तरीके से प्रस्तुत करती है, जिससे उनकी सामाजिक छवि को नुकसान हो रहा है।
इस विरोध के चलते फिल्म के निर्माता संदीप तोमर, निर्देशक अंकित भड़ाना और कलाकारों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने सिनेमा हॉल संचालकों को चेतावनी दी है कि अगर फिल्म उनके क्षेत्रों में दिखाई गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कुछ स्थानों पर फिल्म के पोस्टर जलाए भी गए हैं।