बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यूनुस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, 'मेरा विदेश दौरा रोका गया'
सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- अंतरिम सरकार द्वारा संवैधानिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन हुआ है।
- यूनुस ने राष्ट्रपति के विदेश दौरे को रोका और जानकारी नहीं दी।
- बांग्लादेश की राजनीति में यह विवाद महत्वपूर्ण मोड़ दर्शाता है।
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के गठन के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के अंतरिम शासन की सच्चाई को उजागर किया है। राष्ट्रपति ने यूनुस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने देश के संवैधानिक राष्ट्रपति पद को नकारा।
बांग्लादेशी मीडिया के कालेर कंठो को दिए गए साक्षात्कार में राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने यूनुस के शासनकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा, "उन डेढ़ सालों में मैं किसी चर्चा में शामिल नहीं रहा, फिर भी मेरे खिलाफ साजिशें चलती रहीं। देश की शांति और व्यवस्था को खत्म करने की कई कोशिशें की गईं। मैं अपने निर्णय पर दृढ़ था, इसलिए उनकी कोई साजिश सफल नहीं हुई। खासकर गैर-संवैधानिक तरीकों से राष्ट्रपति को हटाने की कई कोशिशें नाकाम रहीं। इसीलिए, बंगभवन में बिताया गया डेढ़ साल अच्छा नहीं कहा जा सकता।"
उन्होंने आगे कहा, "आज मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने गैर-संवैधानिक तरीके से एक पुराने चीफ जस्टिस को लाने की साजिश की। मुझे इसके बारे में जानकारी मिली। सरकार के एक सलाहकार ने जज से संपर्क किया और एक घंटे तक बैठक की। लेकिन, जज ने साफ कहा कि 'वह राष्ट्रपति हैं और संवैधानिक रूप से सबसे ऊपर हैं। मैं गैर-संवैधानिक तरीके से उस स्थान पर नहीं बैठ सकता।' जज की मजबूती के कारण वह कोशिश भी असफल हो गई।"
राष्ट्रपति ने कहा कि बीते डेढ़ साल में बांग्लादेश में लिए गए सभी फैसले यूनुस की जिम्मेदारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सलाहकार ने संविधान के किसी भी नियम का पालन नहीं किया और यूनुस ने राष्ट्रपति को उनके विदेश दौरे या उन पर हुई चर्चाओं की जानकारी नहीं दी।
उन्होंने कहा, "यूनुस 14 से 15 बार विदेश गए, लेकिन उन्होंने कभी मुझसे चर्चा नहीं की।" बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने अमेरिका और बांग्लादेश के बीच समझौतों के बारे में भी जानकारी न देने का आरोप लगाया।
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा, "मुझे यूनुस के द्वारा पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। उन्होंने मेरे विदेश दौरे को दो बार रोक दिया और प्रेस विंग को पूरी तरह समाप्त कर दिया। अब हम यहां से कोई प्रेस रिलीज भी नहीं दे सकते। अगर बांग्लादेश क्रिकेट टीम जीतती है, तो मैं बधाई देने के लिए भी प्रेस रिलीज नहीं दे सकता। उन्होंने इसे पूरी तरह बंद कर दिया।"