आईआरसीटीसी घोटाला: लालू परिवार की पेशी के बाद भाजपा नेताओं का तीखा हमला, 30 अक्टूबर को अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव शनिवार को नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए, लेकिन सुनवाई आगे टाल दी गई। अदालत ने अगली तारीख 30 अक्टूबर तय की है। इस पेशी के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने लालू परिवार पर जोरदार निशाना साधा।
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी का हमला
पटना में मीडिया से बातचीत में भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि 'जो गलत करेगा, उसे सजा भुगतनी होगी।' उन्होंने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार की 'चाल, चरित्र और चेहरा' सभी जानते हैं। तिवारी के अनुसार, अदालत ने कई मामलों में आरोप तय किए हैं और लालू यादव को कई बार जेल भी जाना पड़ा है।
तिवारी ने स्पष्ट किया कि घोटालों का आरोप भाजपा का नहीं है और न ही भाजपा फैसला सुनाती है — 'कोर्ट में न्याय होता है। किसी को ठगा गया है तो हर चीज का जवाब देना होगा।'
इंडिया गठबंधन पर 'ठगबंधन' का तंज
तिवारी ने इंडिया गठबंधन को 'ठगबंधन' करार देते हुए कहा कि ये लोगों की आँखों में धूल झोंकने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है, इसीलिए विपक्ष चुनावी हार का ठीकरा ईवीएम और चुनाव आयुक्त पर फोड़ता है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हराने के लिए कांग्रेस के पहुँचने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
मुंबई में सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन पर तिवारी ने कहा कि पहले छात्रों के भविष्य के लिए प्रदर्शन करने वाले अब राजनीतिक रुचि दिखाने लगे हैं। उनके अनुसार, देश की जनता इन पर भरोसा नहीं करेगी।
भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान का आरोप
भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने आरोप लगाया कि 'पहली बार भारत के इतिहास में हुआ कि बिना नोटिफिकेशन के नौकरियाँ दे दी गईं, बिना टेंडर के होटल मेंटेनेंस का काम दे दिया गया और उसके एवज में ज़मीनें लिखवा ली गईं।' उन्होंने कहा कि अपराध, भ्रष्टाचार, भय और परिवारवाद — यही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का असल मतलब है।
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता अजय आलोक ने आईआरसीटीसी घोटाले को 'ओपन एंड शट केस' बताया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से बाहर निकले होने के बावजूद 'यह भ्रष्टाचार की अंतिम सीमा है।' आलोक ने यह भी आरोप लगाया कि इंडिया ब्लॉक की ओर से इस मामले में कोई बयान नहीं आया है।
उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना करते हुए कहा कि 'स्मित ने जो काम किया है, उससे 140 करोड़ देशवासी गौरवान्वित हैं — उन्होंने मानवता को बचाया है।' सीजेपी के प्रदर्शन पर आलोक ने तीखी टिप्पणी की कि 'छात्रों की आवाज बनते-बनते मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा माँगने लगे हैं।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब आईआरसीटीसी घोटाला मामला वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन है और लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाले सहित कई मामलों में पहले से दोष सिद्ध हो चुका है। अब सभी की निगाहें 30 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी हैं, जब राउज एवेन्यू कोर्ट इस मामले में अगला कदम तय करेगी।