क्या लालू परिवार को उनकी गलतियों का दंड मिलेगा?
सारांश
Key Takeaways
- लालू परिवार के खिलाफ सुनवाई महत्वपूर्ण है।
- जदयू ने भूखंडों की जब्ती की मांग की है।
- न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- सुनवाई 4 जनवरी को होगी।
- लालू परिवार ने अपील की है।
पटना, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आईआरसीटीसी घोटाला मामले में सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इससे पहले जदयू के नेताओं ने आग्रह किया है कि यदि लालू परिवार दोषी साबित होता है, तो उनके भूखंडों को जब्त कर अनाथालय और गरीब बच्चों के लिए हॉस्टल बनाए जाने चाहिए।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इस मामले में लालू परिवार की पेशी विशेष महत्व रखती है। तेजस्वी यादव ने राजद कार्यकर्ताओं के बुलावे पर उपस्थित नहीं होने का निर्णय लिया है। न्यायपालिका के समन के डर से उन्हें हाजिर होना पड़ेगा। नीरज कुमार ने आगे कहा कि सच यह है कि लालू प्रसाद यादव के परिवार ने महापाप किया है।
उन्होंने कहा, "लालू यादव न्यायपालिका में गुहार लगाएंगे कि हम बीमार हैं, हमें मुक्त कर दीजिए। लेकिन जब जनता की कमाई और नौकरी के नाम पर ज़मीन लूट ली, तो आप राजनीतिक लुटेरे नहीं, बल्कि ज़मीन के लुटेरे हैं।"
नीरज कुमार ने मांग की कि न्यायपालिका इस मामले में सक्षम कार्रवाई सुनिश्चित करे। यदि अदालत को लगता है कि लालू परिवार दोषी है, तो कानूनी प्रक्रिया पूरी करके भूखंडों को जब्त किया जाए और उस पर अनाथालय, विधवा आश्रम, अति पिछड़ा छात्रावास और अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास का निर्माण किया जाए।
वहीं, राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह एक न्यायिक प्रक्रिया है। राऊज एवेन्यू कोर्ट के निर्णय के बाद उनके पास अपील करने का कानूनी विकल्प है। उन्होंने आगे कहा, "एजेंसियों के पास इस प्रकरण में पुख्ता सबूत हैं। वह कितने भी विकल्पों का इस्तेमाल करें, उन्होंने जो गलतियां की हैं, उसका दंड उन्हें अवश्य मिलेगा।"
बता दें कि दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2025 को आईआरसीटीसी घोटाला मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय किए। इसके खिलाफ लालू परिवार ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। हाईकोर्ट सोमवार को लालू परिवार की याचिका पर सुनवाई करेगा।