29 सितंबर 2026
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ओपी राजभर का तंज: 'भगवान राम अखिलेश को इस जन्म में नहीं बुलाएंगे', सपा पर कई मोर्चों से हमला

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ओपी राजभर का तंज: 'भगवान राम अखिलेश को इस जन्म में नहीं बुलाएंगे', सपा पर कई मोर्चों से हमला

सारांश

यूपी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 29 सितंबर को अखिलेश यादव पर कई मोर्चों से हमला बोला — भगवान राम दर्शन पर कटाक्ष, सपा में शिवपाल की 'बेइज्जती' का मुद्दा, 68,500 शिक्षक भर्ती पर CM को फैसला और मतदाता सूची SIR विवाद। हर बयान आगामी चुनावी ध्रुवीकरण की दिशा तय करता दिखता है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि 'भगवान राम अखिलेश यादव को इस जन्म में नहीं बुलाएंगे।' एक्स पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव को सपा दफ्तर में प्रवेश के लिए अखिलेश की अनुमति चाहिए।
68,500 शिक्षक भर्ती पर अंतिम निर्णय अब मुख्यमंत्री लेंगे; 7 वर्ष से लंबित मामले में अभ्यर्थियों से पेपर माँगे गए।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) पर राजभर ने कहा कि उनके क्षेत्र में 16 हज़ार मृतक और 23 हज़ार स्थानांतरित वोट मिले।
राजभर ने तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी के धार्मिक बयान को 'गलत' बताया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 29 सितंबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला — भगवान राम के दर्शन पर अखिलेश की टिप्पणी, सपा के आंतरिक कलह और 68,500 शिक्षक भर्ती विवाद समेत कई मुद्दों पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। राजभर ने कहा कि 'भगवान राम अखिलेश को इस जन्म में तो नहीं बुलाएंगे — अखिलेश अगले जन्म में अयोध्या जाएंगे।'

एक्स पर पोस्ट: शिवपाल और धर्मेंद्र यादव का ज़िक्र

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश पर सपा के भीतर परिजनों के साथ व्यवहार को लेकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'अखिलेश जी! सुना है आपके समाजवादी पार्टी दफ्तर में चच्चू शिवपाल यादव और भाई धर्मेंद्र यादव को घुसने के लिए आपकी परमिशन चाहिए।'

राजभर ने आगे लिखा कि जिस शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव के साथ गाँव-गाँव घूमकर सपा को खड़ा किया, उन्हें आज पार्टी दफ्तर में प्रवेश के लिए भतीजे की अनुमति का इंतज़ार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'चच्चू से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन पार्टी खड़ी करने में उनका भी पसीना लगा है। तरस इस बात पर आता है कि चच्चू को बुढ़ापे में ये सब देखना पड़ रहा है।'

68,500 शिक्षक भर्ती: मुख्यमंत्री करेंगे अंतिम फैसला

68,500 शिक्षक भर्ती विवाद पर राजभर ने कहा कि उन्होंने अभ्यर्थियों से चार बार मुलाकात की और हर बार कार्रवाई हुई। उनके अनुसार, इस भर्ती में कुछ अधिकारियों की वजह से अनियमितताएँ हुईं। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री और दोनों विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि 7 वर्ष का समय बीत जाने के कारण अब मुख्यमंत्री ही अंतिम निर्णय करेंगे।

राजभर ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे अपने पेपर उपलब्ध कराएँ, ताकि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर आगे बात की जा सके।

रेवंत रेड्डी के बयान और धार्मिक मुद्दे पर प्रतिक्रिया

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भगवान राम और भगवान शिव संबंधी बयान पर राजभर ने कहा कि इस देश में समय-समय पर सभी देवी-देवताओं की पूजा होती है — कांवड़ यात्रा में शंकर भगवान को जल चढ़ता है, जन्माष्टमी पर कृष्ण भगवान की, और रामनवमी पर भगवान राम की। उन्होंने कहा, 'उनका कथन गलत है।'

सपा पर 'गिरगिट' वाली टिप्पणी और नगीना चुनाव विवाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सपा को 'गिरगिट' कहे जाने पर राजभर ने समर्थन करते हुए कहा, 'इनको देखकर गिरगिट भी शर्मा जाएगा।' उन्होंने अखिलेश पर आरोप लगाया कि वे जानते हैं उनकी पार्टी चुनाव नहीं जीत रही, इसलिए 'झूठ बोलने के ठेकेदार' बन गए हैं।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के 'चंद्रशेखर ने धांधली से नगीना चुनाव जीता' वाले बयान पर राजभर ने कहा कि कांग्रेस का पर्चा खारिज होने के बाद सपा और कांग्रेस ने मिलकर चंद्रशेखर का समर्थन किया, यही जीत का कारण है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की माँग पर पलटवार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफे की माँग पर राजभर ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) कोई नई प्रक्रिया नहीं है — यह 1952 से समय-समय पर होता आया है। उन्होंने कहा कि इसके ज़रिए मतदाता सूची से मृतकों के नाम हटाए जा रहे हैं, और विपक्ष को इसलिए डर है क्योंकि 'मृतकों का नाम हटने पर फर्जी मतदान नहीं हो पाएगा।' उन्होंने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 16 हज़ार मृतक और 23 हज़ार स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची में पाए गए। यह राजनीतिक बहस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पारिवारिक और प्रशासनिक मोर्चे पर घेरती है। शिवपाल यादव के 'बाहर किए जाने' का मुद्दा उठाकर राजभर सपा की आंतरिक दरारों को सार्वजनिक मंच पर ले आए हैं, जो अखिलेश की 'एकजुट परिवार' की छवि को कमज़ोर करता है। 68,500 शिक्षक भर्ती पर मुख्यमंत्री को निर्णय सौंपना एक ऐसा कदम है जो अभ्यर्थियों को उम्मीद तो देता है लेकिन जवाबदेही की सीधी रेखा खींचने से बचता है। SIR पर विपक्ष के आरोपों को 'फर्जी मतदान के डर' से जोड़ना चुनावी साल में एक आक्रामक काउंटर-नैरेटिव है, जिसे तथ्यात्मक सत्यापन की ज़रूरत है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या टिप्पणी की?
राजभर ने कहा कि 'भगवान राम अखिलेश यादव को इस जन्म में नहीं बुलाएंगे, वे अगले जन्म में अयोध्या जाएंगे।' यह टिप्पणी अखिलेश यादव के भगवान राम के दर्शन संबंधी एक बयान के जवाब में आई।
राजभर ने एक्स पर शिवपाल यादव के बारे में क्या लिखा?
राजभर ने एक्स पोस्ट में आरोप लगाया कि शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव को सपा दफ्तर में प्रवेश के लिए अखिलेश यादव की अनुमति लेनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि जिन शिवपाल ने पार्टी खड़ी करने में जीवन लगाया, उन्हें बुढ़ापे में यह दिन देखना पड़ रहा है।
68,500 शिक्षक भर्ती मामले में अब क्या होगा?
राजभर के अनुसार, माध्यमिक और बेसिक शिक्षा मंत्री तथा दोनों विभागों के अधिकारियों की बैठक के बाद तय हुआ कि 7 वर्ष बीत जाने के कारण अब मुख्यमंत्री ही अंतिम निर्णय करेंगे। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि वे अपने पेपर उपलब्ध कराएँ।
मतदाता सूची SIR विवाद पर राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) 1952 से चली आ रही प्रक्रिया है और इससे मृतकों के नाम हटाए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में 16 हज़ार मृतक और 23 हज़ार स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची में मिले, और विपक्ष का विरोध 'निराधार' है।
नगीना चुनाव पर मायावती के बयान पर राजभर ने क्या कहा?
मायावती के 'चंद्रशेखर ने धांधली से नगीना चुनाव जीता' वाले आरोप पर राजभर ने कहा कि कांग्रेस का पर्चा खारिज होने के बाद सपा और कांग्रेस ने मिलकर चंद्रशेखर का समर्थन किया, इसीलिए वे जीते। उन्होंने कहा कि कोई भी कुछ भी कह सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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