ओपी राजभर का अखिलेश पर तंज: रामलला दर्शन के लिए दिल्ली वाले 'बड़े भाई' को भी साथ ले जाएं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 8 नवंबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने की घोषणा पर तीखा तंज कसा। राजभर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अखिलेश को सलाह दी कि अयोध्या जाते समय अपने 'दिल्ली वाले बड़े भाई' को भी साथ ले जाएं — यह इशारा सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर था।
राजभर की पोस्ट में क्या लिखा
राजभर ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव को राहुल गांधी को अयोध्या ले जाकर रामजन्मभूमि और रामलला के दर्शन करवाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश, राहुल गांधी से कहें कि वे कांग्रेस की 'ऐतिहासिक गलतियों' का बोझ आगे न ढोएं और रामलला के सामने सिर झुकाकर पूर्वजों की गलतियों का प्रायश्चित करें।
राजभर ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं ने ही भगवान श्रीराम को 'काल्पनिक' बताया था। यह दावा विवादास्पद राजनीतिक प्रसंग का हिस्सा है, जिसे राजभर ने अपनी पोस्ट में प्रमुखता से उठाया।
कारसेवकों और सपा के इतिहास पर हमला
राजभर ने आगे कहा कि जब अखिलेश रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाएं तो उन कारसेवकों की आत्मा से भी क्षमा मांगें, जिन पर कथित तौर पर सपा सरकार के कार्यकाल में गोलियां चलवाई गई थीं। उन्होंने सपा पर 'मुस्लिम वोटों की राजनीति' करने का आरोप भी लगाया।
राजभर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'आखिरकार भगवान श्रीराम की शरण में ही आना था तो इतनी देर क्यों?' — हालांकि साथ ही उन्होंने अखिलेश के अयोध्या जाने के फैसले का स्वागत भी किया।
दीपोत्सव और आस्था पर राजभर का बयान
राजभर ने दीपोत्सव और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि अयोध्या का यह 'आखिरी दीपोत्सव' था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगले साल भी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव आयोजित होगा और लाखों दीप जलेंगे।
राजभर ने अखिलेश को इस साल के दीपोत्सव का वीडियो देखने और अगले साल स्वयं अयोध्या आकर राम की पैड़ी पर दीपोत्सव का अनुभव लेने का न्योता दिया। उन्होंने लिखा, 'राम को समझना है तो पहले लोक को समझिए। जिस दिन लोक समझ में आ गया, उस दिन राम भी समझ में आ जाएंगे।'
अखिलेश की अयोध्या यात्रा की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अखिलेश यादव आगामी 12 दिसंबर को अपने परिवार के साथ अयोध्या जाने वाले हैं। यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या और राम मंदिर का मुद्दा केंद्र में बना हुआ है। राजभर की यह प्रतिक्रिया इस यात्रा की घोषणा के तुरंत बाद सामने आई, जो सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है।
राजभर ने अपनी पोस्ट के अंत में 'जय भारत, जय श्री राम, जय श्रीकृष्ण और जय महाराजा सुहेलदेव' का नारा लिखा। आने वाले दिनों में अखिलेश की अयोध्या यात्रा और उसके राजनीतिक निहितार्थ उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बहस का केंद्र बने रहेंगे।