8 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ अफरीदी इथियोपिया से डिपोर्ट, पंजाब पुलिस के 'ऑपरेशन शहीद' को बड़ी कामयाबी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ अफरीदी इथियोपिया से डिपोर्ट, पंजाब पुलिस के 'ऑपरेशन शहीद' को बड़ी कामयाबी

सारांश

10 महीने की अंतरराष्ट्रीय खुफिया कार्रवाई के बाद पंजाब पुलिस ने एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका तक फैले नेटवर्क को खंगालते हुए डोनी बाल-प्रभ दासूवाल गैंग के सरगना गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से भारत वापस लाने में सफलता पाई — 'ऑपरेशन शहीद' पंजाब में सीमा-पार अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक।

मुख्य बातें

पंजाब पुलिस की एजीटीएफ ने 8 नवंबर 2026 को गैंगस्टर गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से डिपोर्ट कराया।
पिछले 10 महीनों से 'ऑपरेशन शहीद' के तहत एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में अंतरराष्ट्रीय निगरानी चलाई जा रही थी।
गुरविंदर डोनी बाल-प्रभ दासूवाल गैंग का मुख्य सरगना बताया गया है, जो विदेश से टारगेट किलिंग और रंगदारी संचालित करता था।
पंजाब सरकार ने उसकी सूचना देने वाले को ₹5 लाख का इनाम घोषित किया था।
3 नवंबर को पंजाब पुलिस ने तीन नेटवर्क का पर्दाफाश कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 12 पिस्टल, 2 हैंड ग्रेनेड, 310.10 ग्राम हेरोइन बरामद की थी।
विदेश मंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से यह ऑपरेशन सफल हुआ।

पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने 8 नवंबर 2026 को केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से डोनी बाल-प्रभ दासूवाल गैंग के मुख्य सरगना गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से भारत डिपोर्ट कराने में सफलता पाई है। पिछले 10 महीनों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चले गहन अभियान के बाद यह गिरफ्तारी संभव हो सकी है।

ऑपरेशन शहीद: कैसे बुना गया जाल

पंजाब पुलिस ने इस पूरे अंतरराष्ट्रीय अभियान को 'ऑपरेशन शहीद' नाम दिया था। एजीटीएफ के साथ काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल और केंद्रीय एजेंसियाँ इस ऑपरेशन में शामिल रहीं। एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में लगातार खुफिया जानकारी जुटाई गई, निगरानी की गई और आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई।

पंजाब पुलिस के डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस ऑपरेशन की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अभियान की सफलता के लिए विदेश मंत्रालय और केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग अहम रहा। पुलिस ने इन सभी एजेंसियों का आभार भी जताया है।

गुरविंदर की आपराधिक गतिविधियाँ

शुरुआती जाँच के अनुसार, गुरविंदर उर्फ अफरीदी विदेश में रहकर पंजाब में टारगेट किलिंग, रंगदारी वसूली के लिए फायरिंग और संगठित आपराधिक गतिविधियों को दूर से संचालित कर रहा था। उसके नेटवर्क के ज़रिए घरों और दुकानों पर फायरिंग कराई जाती थी, ताकि दहशत फैलाकर लोगों को रंगदारी देने पर मजबूर किया जा सके।

पंजाब सरकार ने उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए ₹5 लाख का इनाम घोषित किया था। यह इनाम इस बात का संकेत था कि राज्य सरकार इस गिरफ्तारी को कितनी प्राथमिकता दे रही थी।

संबंधित कार्रवाई: हथियार और नशे के नेटवर्क का पर्दाफाश

गौरतलब है कि 3 नवंबर 2026 को पंजाब पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले तीन अलग-अलग नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया था। उस कार्रवाई में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और उनके कब्ज़े से 12 अवैध पिस्टल, 2 हैंड ग्रेनेड, 310.10 ग्राम हेरोइन और 33 कारतूस बरामद किए गए थे।

प्रारंभिक जाँच में सामने आया था कि ये आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे और ड्रोन के ज़रिए अवैध हथियार तथा नशीले पदार्थ पंजाब में भेजे जा रहे थे। इन्हें बाद में आपराधिक नेटवर्क तक पहुँचाया जाता था।

आगे की राह: अभियान जारी रहेगा

पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने, संगठित अपराध रोकने और शांति-सुरक्षा बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमा-पार संगठित अपराध को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर दबाव है। विशेषज्ञों का कहना है कि गुरविंदर की वापसी से इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों तक पहुँचने में जाँच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि यह नेटवर्क इतने लंबे समय तक विदेश से कैसे संचालित होता रहा। ड्रोन के ज़रिए हथियारों और नशे की सप्लाई, सीमा-पार हैंडलिंग और एशिया-अफ्रीका तक फैला नेटवर्क — यह महज एक गिरफ्तारी से नहीं टूटेगा। असली परीक्षा यह है कि जाँच एजेंसियाँ गुरविंदर की निशानदेही से उन विदेशी हैंडलरों तक कितनी जल्दी पहुँचती हैं जो अभी भी खुले में हैं।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरविंदर उर्फ अफरीदी कौन है और उसे क्यों डिपोर्ट किया गया?
गुरविंदर उर्फ अफरीदी पंजाब के डोनी बाल-प्रभ दासूवाल गैंग का मुख्य सरगना है। वह विदेश में रहकर पंजाब में टारगेट किलिंग, रंगदारी और संगठित आपराधिक गतिविधियाँ संचालित कर रहा था, जिसके कारण पंजाब पुलिस ने उसे इथियोपिया से डिपोर्ट कराया।
'ऑपरेशन शहीद' क्या था?
'ऑपरेशन शहीद' पंजाब पुलिस की एजीटीएफ, काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल और केंद्रीय एजेंसियों का संयुक्त अंतरराष्ट्रीय अभियान था। इसके तहत एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में 10 महीने तक खुफिया जानकारी जुटाई गई और निगरानी की गई।
गुरविंदर की गिरफ्तारी में किन एजेंसियों ने सहयोग किया?
इस ऑपरेशन में पंजाब पुलिस की एजीटीएफ, काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब, विदेश मंत्रालय और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर काम किया। बहुस्तरीय अंतरराष्ट्रीय समन्वय के बाद ही इथियोपिया से डिपोर्टेशन संभव हो सका।
3 नवंबर की कार्रवाई में पंजाब पुलिस को क्या मिला था?
3 नवंबर 2026 को पंजाब पुलिस ने तीन अवैध हथियार और नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 12 अवैध पिस्टल, 2 हैंड ग्रेनेड, 310.10 ग्राम हेरोइन और 33 कारतूस बरामद हुए थे।
पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे कैसे चलेगा?
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने, संगठित अपराध रोकने और शांति-सुरक्षा बनाए रखने के लिए अभियान जारी रहेगा। गुरविंदर से पूछताछ में मिलने वाले सुराग नेटवर्क के बाकी सदस्यों तक पहुँचने में सहायक हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले