बठिंडा में AGTF की कार्रवाई: दो गैंगस्टर गिरफ्तार, .32 बोर की 2 देसी पिस्तौल और 5 कारतूस बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने 13 जून 2026 को बठिंडा में दो संदिग्ध गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से .32 बोर की दो देसी पिस्तौल तथा 5 कारतूस बरामद किए। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने एक्स पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की पुष्टि की।
गिरफ्तारी का विवरण
DGP गौरव यादव ने अपनी पोस्ट में बताया कि AGTF की टीम ने बठिंडा में दोनों आरोपियों को दबोचा। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, दोनों आरोपी फिरोजपुर क्षेत्र में सक्रिय एक जेल में बंद गैंगस्टर द्वारा संचालित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट उल्लंघन समेत कई मामलों में संलिप्त रहे हैं।
मामला सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन, बठिंडा में दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए जाँच जारी है।
पंजाब में हथियार-विरोधी अभियान की पृष्ठभूमि
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पंजाब पुलिस राज्य में संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। 8 जून को अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार अवैध हथियार तस्करी और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक अफगान नागरिक सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 8 अत्याधुनिक पिस्तौल और 7 कारतूस बरामद हुए थे। उन आरोपियों के खिलाफ इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन और गेट हकीमा पुलिस स्टेशन, अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई थी।
इससे पहले 3 जून को अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने एक अंतरराज्यीय हथियार और ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जिसमें 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 2.225 किलोग्राम हेरोइन, 6 अत्याधुनिक पिस्तौल और 12 कारतूस बरामद किए गए थे। गौरतलब है कि जून माह में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जो दर्शाती है कि सीमावर्ती पंजाब में हथियारों की अवैध आवक एक गंभीर और निरंतर चुनौती बनी हुई है।
जेल से संचालित नेटवर्क की चिंता
प्रारंभिक जाँच में यह तथ्य सामने आना कि आरोपी एक जेल में बंद गैंगस्टर के इशारे पर काम कर रहे थे, पंजाब में जेल-आधारित आपराधिक नेटवर्क की गहरी जड़ों की ओर इशारा करता है। आलोचकों का कहना है कि जब तक जेलों के भीतर संचार और समन्वय पर कड़ा नियंत्रण नहीं होगा, तब तक ऐसे नेटवर्क सक्रिय रहेंगे।
आगे की जाँच और पुलिस की प्रतिबद्धता
DGP गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस संगठित आपराधिक गिरोहों को जड़ से खत्म करने और राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल जाँच एजेंसियाँ नेटवर्क के आपूर्तिकर्ताओं और अन्य सहयोगियों की पहचान में जुटी हैं।