भारत ए ने पहली पारी 464/5 पर घोषित की, जायसवाल का लगातार दूसरा शतक; न्यूज़ीलैंड ए 36/2
सारांश
मुख्य बातें
लिंकन में खेले जा रहे भारत ए बनाम न्यूज़ीलैंड ए के तीसरे और अंतिम अनाधिकारिक टेस्ट के दूसरे दिन भारत ए ने अपनी पहली पारी 146 ओवर में 5 विकेट पर 464 रन बनाकर घोषित कर दी। जवाब में न्यूज़ीलैंड ए दिन का खेल समाप्त होने तक 36 रन पर 2 विकेट गँवा चुकी थी। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का लगातार दूसरा शतक और तिलक वर्मा की नाबाद अर्धशतकीय पारी इस प्रदर्शन की धुरी रही।
भारत ए की पारी: दिन का हाल
भारत ए ने दूसरे दिन का खेल 2 विकेट पर 227 रन से शुरू किया था। रात भर के बल्लेबाज साई सुदर्शन 77 रन पर नाबाद थे और कप्तान ध्रुव जुरेल 12 रन पर। सुबह का सत्र शुरू होते ही सुदर्शन ने अपनी पारी में 11 रन और जोड़े और 255 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 88 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
जुरेल ने ज़िम्मेदारी के साथ बल्लेबाज़ी करते हुए 95 गेंदों पर 9 चौके और 2 छक्के लगाकर 71 रन की पारी खेली। रवींद्र जडेजा ने 25 रन का योगदान दिया। इसके बाद तिलक वर्मा ने 164 गेंदों पर 5 चौके और 2 छक्कों की मदद से 81 रन नाबाद रहकर पारी को ठोस आधार दिया। उनके साथ वाशिंगटन सुंदर भी 107 गेंदों पर 50 रन नाबाद रहे।
जायसवाल का लगातार दूसरा शतक — टीम इंडिया को बड़ी राहत
टेस्ट के पहले दिन सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने 138 गेंदों पर 16 चौके और 2 छक्कों की मदद से 102 रन की शानदार पारी खेली थी। यह उनका इस सीरीज़ में लगातार दूसरा शतक था।
गौरतलब है कि पहले अनाधिकारिक टेस्ट में जायसवाल का बल्ला नहीं चला था, जिससे टीम इंडिया प्रबंधन की चिंताएँ बढ़ी थीं। अब लगातार दो शतकों के साथ उनका आत्मविश्वास चरम पर है। आगामी टेस्ट सीरीज़ में केएल राहुल के साथ वे भारतीय पारी की शुरुआत करेंगे, इसलिए यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संकेत है।
न्यूज़ीलैंड ए की मुश्किल शुरुआत
विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूज़ीलैंड ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही। प्रसिद्ध कृष्णा ने दिन का खेल समाप्त होने से पहले 2 विकेट झटके। दिन के अंत तक डीन फॉक्सक्रॉफ्ट 10 रन और जैक गिब्सन 1 रन बनाकर क्रीज़ पर टिके हुए थे। 428 रन से अधिक की खाई पाटना न्यूज़ीलैंड ए के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
आगे क्या — सीनियर सीरीज़ की पृष्ठभूमि
यह मैच समाप्त होते ही भारत और न्यूज़ीलैंड की सीनियर टीमों के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज़ का आगाज़ होगा। इस अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज़ का सबसे बड़ा उद्देश्य यही था कि खिलाड़ियों को न्यूज़ीलैंड की पिचों और परिस्थितियों से तालमेल बिठाने का मौक़ा मिले। तिलक वर्मा और वाशिंगटन सुंदर की नाबाद साझेदारी, जडेजा की उपस्थिति और प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदबाज़ी — ये सभी संकेत देते हैं कि भारत की सीनियर टीम बेहतरीन तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी।