दक्षिण कोरिया में 2027 में प्राथमिक स्कूल दाखिले पहली बार 3 लाख से नीचे जाने का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया में लगातार गिरती जन्मदर का असर अब सीधे शिक्षा व्यवस्था पर दिखने लगा है। कोरियाई सांख्यिकी सूचना सेवा (KOSIS) और कोरियाई शैक्षिक विकास संस्थान (KEDI) के आँकड़ों के अनुसार, 2027 के शैक्षणिक सत्र में प्राथमिक स्कूलों की पहली कक्षा में नए दाखिले पहली बार 3 लाख के आँकड़े से नीचे जाने का अनुमान है। यह वही बच्चे होंगे जिनका जन्म 2020 में हुआ था, और जिनकी संख्या दक्षिण कोरिया के डेटा एवं सांख्यिकी मंत्रालय के मुताबिक 2,72,337 रही — जो उससे पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत कम थी।
मौजूदा स्थिति और ऐतिहासिक संदर्भ
2026 के शैक्षणिक सत्र में प्राथमिक स्कूलों की पहली कक्षा में कुल 3,01,442 बच्चों ने दाखिला लिया — जो 1964 में आँकड़े संकलन शुरू होने के बाद से सबसे कम है। यह संख्या 3 लाख की सीमा से महज थोड़ी ऊपर रही। गौरतलब है कि नए दाखिलों की संख्या 4 लाख से नीचे आने के केवल तीन वर्षों के भीतर ही अब 3 लाख का स्तर भी टूटने के कगार पर है।
तुलना के लिए, 1968 में प्राथमिक स्कूलों में नए दाखिले 10.5 लाख थे। इस लिहाज से 2027 का अनुमानित आँकड़ा उस ऐतिहासिक उच्च स्तर का लगभग एक-चौथाई रह जाएगा — जो जनसांख्यिकीय संकट की गहराई को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
ग्रामीण स्कूलों पर सबसे बड़ा खतरा
स्कूली उम्र की आबादी में इस तेज गिरावट ने खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्कूलों के बंद होने की आशंका को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच शैक्षिक असमानता और गहरी हो सकती है, क्योंकि छोटे स्कूलों के लिए न्यूनतम नामांकन बनाए रखना कठिन होगा। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पहले से ही जनसंख्या पुनर्जीवन के लिए अनेक प्रोत्साहन योजनाएँ चला रही है।
आने वाले वर्षों में क्या होगा
आँकड़ों के अनुसार, प्राथमिक स्कूलों में नए दाखिले 2030 तक घटते रहने का अनुमान है। हालाँकि, 2024 और 2025 में जन्मदर में कुछ सुधार देखा गया है — 2024 में 2,38,317 और 2025 में 2,54,341 बच्चों का जन्म हुआ। इस मामूली बढ़त के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि 2030 के बाद दाखिले 2 लाख के ऊपर बने रह सकते हैं। लेकिन जन्मदर में हुए इस सुधार का असर स्कूल दाखिलों पर दिखने में अभी छह से सात वर्ष और लगेंगे।
बहुसांस्कृतिक विवाह और जनसांख्यिकी
इस बीच, दक्षिण कोरिया में 2025 में बहुसांस्कृतिक विवाहों की संख्या मामूली रूप से घटकर 21,399 रही, जो 2024 के 21,450 से 0.2 प्रतिशत (यानी 51 कम) है। ये विवाह कुल विवाहों का 8.9 प्रतिशत रहे। इनमें विदेशी पत्नियों वाले विवाहों की हिस्सेदारी 71.4 प्रतिशत, विदेशी पति वाले विवाह 18.9 प्रतिशत और नागरिकता प्राप्त लोगों से विवाह 9.7 प्रतिशत रहे।
बहुसांस्कृतिक विवाहों में वियतनामी पत्नियों की हिस्सेदारी सर्वाधिक 25.3 प्रतिशत रही, उसके बाद चीनी (15.1 प्रतिशत) और थाई (9.2 प्रतिशत) पत्नियाँ रहीं। पहली शादी के समय पतियों की औसत आयु 37.1 वर्ष और पत्नियों की 29.7 वर्ष रही। 36.1 प्रतिशत विवाहों में पति-पत्नी की उम्र का अंतर कम से कम 10 वर्ष था। वहीं, बहुसांस्कृतिक परिवारों में तलाक की संख्या 2025 में 1.4 प्रतिशत बढ़कर 8,104 हो गई, जबकि ऐसे परिवारों में जन्मे बच्चों की संख्या 0.5 प्रतिशत घटकर 13,347 रह गई।
आगे की राह
दक्षिण कोरिया की जनसांख्यिकीय चुनौती केवल स्कूली दाखिलों तक सीमित नहीं है — यह श्रमशक्ति, पेंशन व्यवस्था और समग्र आर्थिक विकास को भी प्रभावित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक नीति-निर्माता शिक्षा-ढाँचे को नई जनसंख्या वास्तविकताओं के अनुसार नहीं ढालते, तब तक ग्रामीण शैक्षिक असमानता और स्कूल बंदी की लहर थमना मुश्किल होगा।