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दक्षिण कोरिया में 46.7% कर्मचारी पैरेंटल लीव से वंचित, सर्वे ने सरकारी दावों पर उठाए सवाल

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दक्षिण कोरिया में 46.7% कर्मचारी पैरेंटल लीव से वंचित, सर्वे ने सरकारी दावों पर उठाए सवाल

सारांश

दक्षिण कोरिया में जन्मदर बढ़ने की सरकारी खुशी अधूरी निकली — नए सर्वे में सामने आया कि लगभग आधे कर्मचारी पैरेंटल लीव लेने में खुद को स्वतंत्र नहीं मानते। महिला संविदा कर्मचारियों में यह आंकड़ा 70.2% तक पहुँचता है, जो नीति और व्यवहार के बीच की गहरी खाई को उजागर करता है।

मुख्य बातें

46.7% दक्षिण कोरियाई कर्मचारी जरूरत पड़ने पर भी स्वतंत्र रूप से पैरेंटल लीव नहीं ले पाते।
संविदा कर्मचारियों में यह आंकड़ा 62.3% , जबकि स्थायी कर्मचारियों में 36.3% रहा।
5 से कम कर्मचारियों वाली छोटी कंपनियों में 68%+ कर्मचारियों को पैरेंटल लीव लेने में दिक्कत।
महिला संविदा कर्मचारियों में सबसे बुरी स्थिति — 70.2% ने लीव लेने में असमर्थता जताई।
41%+ कर्मचारी मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) भी स्वतंत्र रूप से नहीं ले पाते।
सर्वे गैपजिल 119 द्वारा 1–9 जून 2026 के बीच 1,000 कार्यालय कर्मचारियों पर किया गया।

दक्षिण कोरिया में पैरेंटल लीव को लेकर एक नए सर्वेक्षण ने चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। 1 जून से 9 जून 2026 के बीच किए गए इस सर्वे में पाया गया कि देश के करीब 46.7 प्रतिशत कामकाजी कर्मचारी जरूरत पड़ने पर भी स्वतंत्र रूप से पैरेंटल लीव या बच्चों की देखभाल के लिए कम कार्य घंटे की सुविधा का उपयोग नहीं कर पाते। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण कोरियाई सरकार ने 2024 में जन्मदर में 2023 के मुकाबले 3.6 प्रतिशत की वृद्धि का श्रेय अपनी नीतियों को दिया था।

सर्वे का दायरा और स्रोत

यह सर्वेक्षण नागरिक संगठन गैपजिल 119 की ओर से कराया गया, जो कार्यस्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शक्ति के दुरुपयोग को रोकने के लिए सक्रिय है। इसे ग्लोबल रिसर्च एजेंसी ने संचालित किया और इसमें 19 वर्ष या उससे अधिक आयु के 1,000 कार्यालय कर्मचारियों को शामिल किया गया। सर्वे के नतीजे दर्शाते हैं कि कानूनी प्रावधान होने के बावजूद व्यावहारिक धरातल पर स्थिति बेहद कमज़ोर है।

संविदा और छोटी कंपनियों के कर्मचारी सबसे अधिक प्रभावित

आंकड़ों के अनुसार, 62.3 प्रतिशत संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों ने कहा कि वे पैरेंटल लीव लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं, जबकि स्थायी कर्मचारियों में यह अनुपात 36.3 प्रतिशत रहा। कंपनी के आकार के आधार पर भी स्पष्ट विभाजन देखने को मिला — पाँच से कम कर्मचारियों वाली छोटी कंपनियों में 68 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने पैरेंटल लीव लेने में कठिनाई बताई, जबकि 300 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली बड़ी कंपनियों में यह आंकड़ा घटकर 30.5 प्रतिशत रह गया।

महिला संविदा कर्मचारियों की स्थिति सबसे चिंताजनक

सर्वे में सबसे गंभीर स्थिति महिला संविदा कर्मचारियों की सामने आई। इस वर्ग की 70.2 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि वे स्वतंत्र रूप से पैरेंटल लीव का उपयोग नहीं कर पातीं। इसके अतिरिक्त, 41 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि वे मातृत्व अवकाश (मैटरनिटी लीव) का भी खुलकर उपयोग नहीं कर सकते। इसके विपरीत, पुरुष कर्मचारी और वरिष्ठ प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत लोगों ने अपेक्षाकृत अधिक संख्या में कहा कि वे इन सुविधाओं का स्वतंत्र रूप से लाभ उठा सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय और आगे की राह

गैपजिल 119 ने अपनी रिपोर्ट में रेखांकित किया कि कार्यस्थल पर ये नीतियाँ काफी हद तक कंपनी के आकार, रोजगार की प्रकृति, वेतन स्तर और अन्य कार्य परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं। संगठन ने जोर देकर कहा, 'ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता है, जहाँ कर्मचारी बिना किसी दबाव या भेदभाव के मातृत्व और पैरेंटल लीव का उपयोग कर सकें।' विशेषज्ञों के हवाले से यह भी कहा गया कि यदि कर्मचारियों को परिवार और काम के बीच संतुलन बनाने के लिए पर्याप्त सहयोग नहीं मिला, तो इसका असर न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर, बल्कि देश की कार्य उत्पादकता और जन्म दर जैसी दीर्घकालिक सामाजिक चुनौतियों पर भी पड़ेगा। गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया दुनिया की सबसे कम जन्म दरों में से एक से जूझ रहा है, और पैरेंटल लीव तक असमान पहुँच इस संकट को और गहरा कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सर्वे दिखाता है कि कानून और कार्यस्थल की संस्कृति के बीच की खाई अभी भी बहुत गहरी है। विशेष रूप से छोटी कंपनियों और संविदा कर्मचारियों — जो श्रमबल का बड़ा हिस्सा हैं — के लिए पैरेंटल लीव कागज़ पर ही सीमित है। जब तक कार्यस्थल संस्कृति में बदलाव नहीं आता और छोटी कंपनियों पर अनुपालन का दबाव नहीं बढ़ता, तब तक जन्मदर के आंकड़े स्थायी सुधार की कहानी नहीं बताएंगे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरिया में पैरेंटल लीव सर्वे में क्या सामने आया?
सर्वे में पाया गया कि दक्षिण कोरिया के 46.7% कर्मचारी जरूरत पड़ने पर भी स्वतंत्र रूप से पैरेंटल लीव नहीं ले पाते। यह सर्वे जून 2026 में 1,000 कार्यालय कर्मचारियों पर गैपजिल 119 संगठन द्वारा कराया गया।
संविदा और स्थायी कर्मचारियों में पैरेंटल लीव को लेकर क्या अंतर है?
62.3% संविदा कर्मचारियों ने पैरेंटल लीव लेने में असमर्थता जताई, जबकि स्थायी कर्मचारियों में यह आंकड़ा 36.3% रहा। यह अंतर दर्शाता है कि रोजगार की प्रकृति सीधे तौर पर इन सुविधाओं की पहुँच को प्रभावित करती है।
महिला कर्मचारियों की स्थिति सबसे खराब क्यों है?
महिला संविदा कर्मचारियों में 70.2% ने बताया कि वे स्वतंत्र रूप से पैरेंटल लीव नहीं ले सकतीं। यह आंकड़ा किसी भी अन्य वर्ग से अधिक है, जो लैंगिक और रोजगार-प्रकार की दोहरी असमानता को उजागर करता है।
कंपनी के आकार का पैरेंटल लीव पर क्या असर पड़ता है?
5 से कम कर्मचारियों वाली छोटी कंपनियों में 68% से अधिक कर्मचारियों को पैरेंटल लीव लेने में कठिनाई होती है, जबकि 300 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली बड़ी कंपनियों में यह आंकड़ा 30.5% तक घट जाता है।
इस सर्वे का दक्षिण कोरिया की जन्मदर नीति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कर्मचारियों को परिवार और काम के बीच संतुलन के लिए पर्याप्त सहयोग नहीं मिला, तो देश की जन्म दर और कार्य उत्पादकता दोनों पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार ने 2024 में जन्मदर में 3.6% वृद्धि का श्रेय अपनी नीतियों को दिया था, लेकिन यह सर्वे उन दावों पर सवाल खड़े करता है।
राष्ट्र प्रेस
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