क्या मद्रास हाई कोर्ट ने तीसरी संतान के जन्म पर महिला कर्मचारियों को पेड मैटरनिटी लीव देने का निर्देश दिया?

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क्या मद्रास हाई कोर्ट ने तीसरी संतान के जन्म पर महिला कर्मचारियों को पेड मैटरनिटी लीव देने का निर्देश दिया?

सारांश

मद्रास हाई कोर्ट ने महिला कर्मचारियों को तीसरी संतान के जन्म पर पेड मैटरनिटी लीव देने का स्पष्ट निर्देश दिया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय ना केवल महिला अधिकारों की सुरक्षा में सहायक है, बल्कि भविष्य में समानता की दिशा में भी एक कदम है।

Key Takeaways

  • महिलाओं की अधिकारों की सुरक्षा
  • तीसरी संतान पर पेड लीव का प्रावधान
  • न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका
  • भविष्य के मामलों के लिए दिशा-निर्देश

मद्रास, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि महिला कर्मचारियों को तीसरी संतान के जन्म पर भी पेड मैटरनिटी लीव प्राप्त करनी चाहिए।

यह मामला मद्रास हाई कोर्ट में कार्यरत एक कर्मचारी बी. मंगैयारकरसी से संबंधित है, जिन्होंने तीसरी संतान के जन्म के लिए मैटरनिटी लीव की मांग की थी। जब उन्हें लीव नहीं मिली, तो उन्होंने अदालत में याचिका दायर की।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस आर. सुरेश कुमार और जस्टिस शमीम अहमद की डिवीजन बेंच ने की। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि तमिलनाडु सरकार के मैटरनिटी लीव से संबंधित नियमों में तीसरे बच्चे के लिए छुट्टी देने का कोई प्रावधान नहीं है।

इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार को आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को सभी पात्र आर्थिक लाभों के साथ एक साल की मैटरनिटी लीव प्रदान की जाए। अदालत ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में पुनः याचिकाएं दायर न हों, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह कह चुका है कि तीसरे बच्चे के जन्म पर भी महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी लीव मिलनी चाहिए। मद्रास हाई कोर्ट भी पहले ऐसे मामलों में यही निर्देश दे चुका है।

इस आदेश के तहत जजों ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि इस आदेश से संबंधित एक सर्कुलर सभी जिला न्यायालयों के रजिस्ट्रार और अधिकारियों को भेजा जाए। साथ ही, इस आदेश की एक प्रति तमिलनाडु के मुख्य सचिव को भेजने और सभी विभागों के सचिवों व विभागाध्यक्षों को सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों को लागू करने का निर्देश देने को भी कहा गया।

Point of View

बल्कि समाज में समानता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे निर्णयों से हमें यह दिखता है कि न्यायपालिका महिला अधिकारों की सुरक्षा के प्रति सजग है।
NationPress
09/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या तीसरी संतान के जन्म पर पेड मैटरनिटी लीव मिलती है?
हाँ, मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि महिला कर्मचारियों को तीसरी संतान के जन्म पर भी पेड मैटरनिटी लीव मिलनी चाहिए।
क्या यह निर्णय अन्य राज्यों में भी लागू होगा?
यह निर्णय तमिलनाडु में लागू है, लेकिन यह अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर कोई निर्देश दिए हैं?
हाँ, सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही यह स्पष्ट किया था कि तीसरे बच्चे के जन्म पर महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी लीव मिलनी चाहिए।
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