जापान के अविवाहित युवाओं में बच्चों को न चाहने की प्रवृत्ति: 62 प्रतिशत का कहना

Click to start listening
जापान के अविवाहित युवाओं में बच्चों को न चाहने की प्रवृत्ति: 62 प्रतिशत का कहना

सारांश

जापान में एक हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है कि 30 साल से कम उम्र के 62 प्रतिशत अविवाहित युवा माता-पिता बनने से कतराते हैं। यह प्रवृत्ति देश की घटती जन्मदर पर चिंता बढ़ा रही है। जानिए इसके पीछे के कारण।

Key Takeaways

  • 62.6%25 अविवाहित युवा बच्चे नहीं चाहते हैं।
  • महिलाओं में बच्चों के प्रति अनिच्छा 64.7%25 है।
  • आर्थिक दबाव और करियर पर असर मुख्य कारण हैं।
  • सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।
  • जन्मदर का गिरना एक मूक आपातकाल है।

टोक्यो, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जापान में जन्मदर में कमी के बीच एक नई सर्वेक्षण रिपोर्ट ने सरकार की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। हालिया सर्वे के अनुसार, देश के एक बड़े हिस्से के युवा अब माता-पिता बनने से कतराते हैं।

रोहतो फार्मास्यूटिकल द्वारा दिसंबर 2025 में कराए गए एक सर्वे में यह पाया गया कि 18 से 29 वर्ष के अविवाहित युवाओं में से 62.6 प्रतिशत ने कहा कि वे बच्चे नहीं चाहते। यह आंकड़ा 2024 के 56.6 प्रतिशत से अधिक है, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में "चाइल्ड-फ्री लाइफस्टाइल" की सोच के प्रति रुझान बढ़ रहा है।

सर्वे में शामिल 400 युवाओं ने इसके पीछे कई कारण बताए। सबसे प्रमुख हैं आर्थिक दबाव, करियर पर प्रभाव और बच्चों की परवरिश से जुड़ी जिम्मेदारियों की चिंता। कई प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर गर्भावस्था और बच्चों की परवरिश से जुड़े अनुभवों को देखकर उनकी चिंताएँ और बढ़ जाती हैं।

लिंग के आधार पर देखें तो महिलाओं में बच्चों के प्रति अनिच्छा अधिक पाई गई। सर्वे के अनुसार, 64.7 प्रतिशत महिलाएं बच्चों की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहतीं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 60.7 प्रतिशत रहा। 2020 में शुरू हुए इस सर्वे में पहली बार महिलाओं का प्रतिशत पुरुषों से अधिक दर्ज किया गया है।

यह प्रवृत्ति पिछले कुछ वर्षों में निरंतर बढ़ी है। 2020 में केवल 44 प्रतिशत युवाओं ने बच्चे नहीं चाहने की बात कही थी, वहीं 2023 में यह आंकड़ा पहली बार 50 प्रतिशत से अधिक होकर 55.2 प्रतिशत हो गया था।

जापान टुडे के अनुसार, सर्वे के बाद कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि परिणाम दर्शाते हैं कि समाज और कार्यस्थलों को युवाओं को बच्चे होने से पहले बेहतर समर्थन और जानकारी प्रदान करनी चाहिए, ताकि वे परिवार और करियर के बीच संतुलन को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस कर सकें।

जापान की सरकार ने घटती जन्मदर से निपटने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जैसे चाइल्डकेयर भत्ते में वृद्धि, मातृत्व-पितृत्व अवकाश के दौरान अतिरिक्त लाभ, और परिवारों को आर्थिक सहायता।

फिर भी, स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में जापान में केवल 705,809 बच्चों का जन्म हुआ, जो लगातार दसवें वर्ष का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने फरवरी में इस संकट को "मूक आपातकाल (साइलेंट इमरजेंसी)" बताया था। उनका कहना है कि यदि जन्मदर में गिरावट जारी रहती है, तो इससे देश की आर्थिक और सामाजिक शक्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जापान युवाओं की आर्थिक असुरक्षा, काम-जीवन संतुलन और परिवार से जुड़ी सामाजिक चुनौतियों को हल नहीं करता, तो आने वाले वर्षों में जनसंख्या में गिरावट और तेज हो सकती है।

Point of View

NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

जापान में युवा क्यों बच्चे नहीं चाहते?
जापान में युवा आर्थिक दबाव, करियर पर असर, और बच्चों की परवरिश से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर चिंतित हैं।
क्या महिलाओं में बच्चों के प्रति अनिच्छा अधिक है?
हां, सर्वे में पाया गया कि 64.7 प्रतिशत महिलाएं बच्चों की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहतीं।
जापान सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने चाइल्डकेयर भत्ते में वृद्धि, मातृत्व-पितृत्व अवकाश के दौरान अतिरिक्त लाभ, और आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं शुरू की हैं।
जापान में जन्मदर में कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?
जन्मदर में कमी से देश की आर्थिक और सामाजिक शक्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
क्या यह प्रवृत्ति बढ़ रही है?
हां, पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के बीच बच्चे नहीं चाहने की प्रवृत्ति में वृद्धि हुई है।
Nation Press