जापान की आबादी 42 साल बाद 120 मिलियन से नीचे, 1 जनवरी तक 11.97 करोड़ रह गई जनसंख्या
सारांश
मुख्य बातें
जापान की जापानी नागरिकों की कुल जनसंख्या 1 जनवरी 2026 तक घटकर 11,97,36,483 रह गई है — 42 वर्षों में पहली बार यह संख्या 12 करोड़ (120 मिलियन) की सीमा से नीचे आई है। जापान के मिनिस्ट्री ऑफ इंटरनल अफेयर्स एंड कम्युनिकेशंस के आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है।
ऐतिहासिक गिरावट के आंकड़े
सरकारी डेटा के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में जापानी नागरिकों की संख्या में 9,17,000 की कमी दर्ज की गई है। 1968 में इस तरह के आंकड़े दर्ज किए जाने की शुरुआत के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी एकल-वर्षीय गिरावट है। जापान के 47 प्रांतों में से केवल टोक्यो में जापानी नागरिकों की संख्या में 0.09 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी देखी गई, जबकि शेष सभी प्रांतों में गिरावट रही।
विदेशी नागरिकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
इसके विपरीत, जापान में निवासरत विदेशी नागरिकों की संख्या बढ़कर रिकॉर्ड 40,31,159 हो गई है — पिछले वर्ष की तुलना में 3,54,000 की वृद्धि। 2013 में इस श्रेणी की गणना शुरू होने के बाद यह सर्वाधिक आंकड़ा है। विदेशी नागरिकों को मिलाकर जापान की कुल जनसंख्या 12,37,67,642 रही, जो पिछले वर्ष से करीब 5,63,000 कम है। कुल जनसंख्या में केवल टोक्यो, चिबा और ओसाका प्रांतों में वृद्धि दर्ज हुई।
बच्चों की घटती संख्या: 45 साल की लगातार गिरावट
जनसंख्या संकट की एक और परत मई में सामने आई थी, जब सरकारी आंकड़ों से पता चला कि 1 अप्रैल तक 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों की अनुमानित संख्या 1.329 करोड़ रह गई — पिछले वर्ष से 3,50,000 कम। यह अब तक का सबसे निम्न स्तर है और लगातार 45वें वर्ष बच्चों की संख्या में गिरावट दर्ज हुई है। कुल जनसंख्या में 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों की हिस्सेदारी 0.3 प्रतिशत अंक घटकर 10.8 प्रतिशत रह गई है, जो 1950 के बाद का सबसे कम स्तर है। इन आंकड़ों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं और इन्हें हर पाँच वर्ष में होने वाली राष्ट्रीय जनगणना के आधार पर तैयार किया गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत कदम
जापान में जनसंख्या घटने का सिलसिला पिछले 45 वर्षों से जारी है। सरकार ने बच्चों की परवरिश करने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता बढ़ाने सहित अनेक उपाय किए हैं, किंतु जन्म दर में गिरावट नहीं थमी है। जापान सरकार ने 2030 तक के समय को इस जनसांख्यिकीय रुझान को पलटने का 'आखिरी मौका' घोषित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब वृद्ध आबादी के बढ़ते बोझ और कार्यबल की कमी ने जापान की अर्थव्यवस्था पर दबाव तेज कर दिया है।
आगे की राह
गौरतलब है कि विदेशी कामगारों की रिकॉर्ड संख्या जापान की श्रम कमी को आंशिक रूप से भर रही है, लेकिन दीर्घकालिक जनसांख्यिकीय असंतुलन को देखते हुए विशेषज्ञ इसे पर्याप्त नहीं मानते। यदि मौजूदा रुझान जारी रहा, तो आने वाले दशकों में जापान की जनसंख्या में और तेज गिरावट की आशंका है, जो सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आर्थिक उत्पादकता पर गहरा असर डाल सकती है।