जापान में बच्चों की आबादी 45 साल से घट रही, 1.329 करोड़ के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
जापान में 15 साल से कम उम्र के बच्चों की आबादी 1 अप्रैल 2025 तक घटकर अनुमानित 1.329 करोड़ (13.29 मिलियन) रह गई है — जो अब तक का सबसे निचला स्तर है और लगातार 45वें साल की गिरावट को दर्शाता है। जापान के आंतरिक मामलों और संचार मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 3.5 लाख कम है।
मुख्य आंकड़े और जनसंख्या विश्लेषण
मंत्रालय के डेटा के अनुसार, कुल आबादी में बच्चों की हिस्सेदारी 0.3 प्रतिशत घटकर 10.8 प्रतिशत रह गई है, जो 1950 के बाद का सबसे निम्न स्तर है। बच्चों में 6.81 मिलियन लड़के और 6.48 मिलियन लड़कियाँ हैं। आयु वर्ग के अनुसार देखें तो 12 से 14 साल के बच्चों की संख्या 3.09 मिलियन है, जबकि 0 से 2 साल के शिशुओं की संख्या महज 2.13 मिलियन रह गई है — जो यह स्पष्ट करती है कि नए जन्मों में लगातार तेज़ी से कमी आ रही है।
गौरतलब है कि ये आंकड़े हर पाँच साल में होने वाली जनगणना पर आधारित अनुमानित जनसंख्या डेटा से तैयार किए गए हैं, जिनमें विदेशी निवासी भी शामिल होते हैं। साथ ही, 1975 से अब तक कुल आबादी में बच्चों के अनुपात में लगातार 52वें साल गिरावट दर्ज की गई है।
जन्म दर में ऐतिहासिक गिरावट
जापान के स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्रालय के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में जापान में कुल 7,05,809 बच्चों का जन्म हुआ — जो 1899 के बाद का सबसे कम रिकॉर्ड है और लगातार 10वें साल गिरावट को दर्शाता है। यह 2.1 प्रतिशत यानी पिछले वर्ष से 15,179 कम जन्मों के बराबर है।
यह ऐसे समय में आया है जब जापान की आबादी 1954 में अपने चरम पर 2.989 करोड़ (29.89 मिलियन) बच्चों तक पहुँची थी। इसके बाद 1982 से बच्चों की आबादी में लगातार गिरावट शुरू हो गई।
सरकारी प्रयास और सीमाएँ
जापानी सरकार ने बच्चों की परवरिश करने वाले परिवारों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने सहित कई उपाय किए हैं, फिर भी गिरावट का सिलसिला थमा नहीं है। सरकार ने 2030 तक के समय को 'जनसांख्यिकीय ट्रेंड बदलने का आखिरी मौका' घोषित किया है — जो इस संकट की गंभीरता को रेखांकित करता है।
जापान इस समय बूढ़ी होती आबादी और बढ़ती महंगाई जैसी दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है, जिसके कारण बच्चों को पालना आर्थिक रूप से और भी कठिन होता जा रहा है।
आम जनता पर असर और आगे की चुनौतियाँ
घटती बाल आबादी का सीधा असर जापान की कार्यशील जनसंख्या, सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और दीर्घकालिक आर्थिक विकास पर पड़ेगा। यह ऐसी स्थिति है जहाँ कम युवा कामगार, बड़े पैमाने पर वृद्ध आबादी के लिए पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं का बोझ उठाएँगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जापान आप्रवासन नीति और कार्यस्थल संस्कृति में बड़े बदलाव नहीं करता, केवल वित्तीय प्रोत्साहन जन्म दर को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। 2030 की समयसीमा तेज़ी से नज़दीक आ रही है।