9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अखिलेश यादव ने अयोध्या में रामलला के दर्शन नहीं किए, धार्मिक मंच पर राजनीति की: महंत राजू दास

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अखिलेश यादव ने अयोध्या में रामलला के दर्शन नहीं किए, धार्मिक मंच पर राजनीति की: महंत राजू दास

सारांश

अयोध्या में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव पर महंत राजू दास ने निशाना साधा — आरोप है कि उन्होंने मंच का राजनीतिक इस्तेमाल किया और रामलला के दर्शन नहीं किए। 2027 यूपी चुनाव से पहले अयोध्या की प्रतीक-राजनीति एक बार फिर उफान पर है।

मुख्य बातें

महंत राजू दास ने 9 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अयोध्या के धार्मिक कार्यक्रम के मंच का उपयोग सपा प्रचार के लिए किया।
राजू दास के अनुसार, अखिलेश यादव अयोध्या आए लेकिन रामलला के दर्शन नहीं किए।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी रामलला दर्शन न करने पर सवाल उठाए थे।
राजू दास ने योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की अखिलेश की चुनौती को 'बचकाना' बताया।
बसपा की कारसेवकों वाली टिप्पणी का राजू दास ने समर्थन किया; सपा पर सनातन धर्म के प्रति निष्ठाहीन होने का आरोप लगाया।

महंत राजू दास ने 9 अक्टूबर 2026 को आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया अयोध्या दौरे पर तीखी आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि अखिलेश यादव ने एक धार्मिक प्रवचन के मंच का उपयोग सपा के राजनीतिक प्रचार के लिए किया, जबकि उन्होंने रामलला के दर्शन तक नहीं किए।

धार्मिक मंच पर राजनीतिक बयानबाज़ी का आरोप

महंत राजू दास ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में सभी राजनीतिक दलों के लोगों का स्वागत होता है, क्योंकि वहाँ व्यक्ति की आस्था को प्राथमिकता दी जाती है, न कि उसकी राजनीतिक पहचान को। उनके अनुसार, यदि अखिलेश यादव धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, तो अपेक्षा यह थी कि वे सनातन धर्म, संतों और धार्मिक परंपराओं पर विचार साझा करते। इसके बजाय, राजू दास के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चुनावी राजनीति से जुड़े बयान दिए और मंच का उपयोग सपा-प्रचार के लिए किया।

रामलला दर्शन न करने पर सवाल

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा अखिलेश यादव के रामलला दर्शन न करने पर उठाए सवालों के संदर्भ में राजू दास ने कहा कि अखिलेश यादव की राम मंदिर के प्रति कभी सच्ची श्रद्धा नहीं रही। उन्होंने सपा के अन्य नेताओं पर भी राम मंदिर के प्रति निष्ठा को लेकर सवाल उठाए।

अखिलेश यादव द्वारा यह कहे जाने पर कि वे अपने सांसदों और विधायकों के साथ राम मंदिर के दर्शन करने जाएँगे, राजू दास ने कहा कि श्रद्धा मन से होती है, किसी के कहने या राजनीतिक दबाव से नहीं।

योगी को चुनौती पर 'बचकाना' टिप्पणी

अखिलेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने पर राजू दास ने इसे 'बचकाना बयान' करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि अखिलेश यादव स्वयं एक प्रमुख दल के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में चुनाव लड़ते हैं, इसलिए इस प्रकार की चुनौती का कोई औचित्य नहीं है।

बसपा की टिप्पणी पर समर्थन

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) द्वारा अखिलेश यादव और सपा पर कारसेवकों के रक्त से हाथ रंगे होने संबंधी बयान के बारे में पूछे जाने पर राजू दास ने उस बयान का समर्थन किया। उन्होंने सपा पर सनातन धर्म के अनुयायियों के प्रति वफ़ादार न होने का आरोप लगाया।

धर्म को राजनीतिक हथियार बनाने पर आपत्ति

राजू दास ने स्पष्ट कहा कि राम मंदिर के प्रति श्रद्धा किसी राजनीतिक अपील या दबाव से उत्पन्न नहीं हो सकती। उनके अनुसार, अखिलेश यादव हिंदू मतदाताओं का समर्थन पाने के लिए धार्मिक प्रतीकों और नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो धार्मिक आस्था के साथ अन्याय है। गौरतलब है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में राम मंदिर और अयोध्या का राजनीतिक महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ऐसे बयान और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इन्हें अपनाने पर वे भाजपा की शर्तों पर लड़ते दिखते हैं। बसपा की टिप्पणी को राजू दास का समर्थन यह भी संकेत देता है कि यूपी में विपक्षी एकता से अधिक, भाजपा-सहानुभूत साधु-संत वर्ग सपा को एकजुट करने वाले नहीं, बल्कि कमज़ोर करने वाले तत्व के रूप में काम कर रहे हैं।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महंत राजू दास ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर क्या आरोप लगाए?
महंत राजू दास ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अयोध्या में धार्मिक प्रवचन के मंच का इस्तेमाल सपा के प्रचार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर राजनीतिक हमले के लिए किया। उनके अनुसार, अखिलेश यादव ने रामलला के दर्शन भी नहीं किए।
अखिलेश यादव के रामलला दर्शन न करने पर किन नेताओं ने सवाल उठाए?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और महंत राजू दास दोनों ने यह सवाल उठाया। राजू दास ने कहा कि अखिलेश यादव की राम मंदिर के प्रति कभी सच्ची श्रद्धा नहीं रही।
अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ को क्या चुनौती दी और राजू दास की क्या प्रतिक्रिया रही?
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। महंत राजू दास ने इसे 'बचकाना बयान' कहते हुए कहा कि ऐसी चुनौती का कोई औचित्य नहीं क्योंकि अखिलेश स्वयं एक प्रमुख दल के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में चुनाव लड़ते हैं।
बसपा ने सपा पर क्या टिप्पणी की और राजू दास ने उसे समर्थन क्यों दिया?
बसपा ने अखिलेश यादव और सपा पर कारसेवकों के रक्त से हाथ रंगे होने का आरोप लगाया। महंत राजू दास ने इस टिप्पणी का समर्थन करते हुए सपा पर सनातन धर्म के अनुयायियों के प्रति वफ़ादार न होने का भी आरोप जोड़ा।
इस विवाद का 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों पर क्या असर हो सकता है?
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अयोध्या और राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक केंद्र बिंदु बन रहे हैं। हिंदू मतदाताओं तक पहुँचने की होड़ में विपक्षी दलों की धार्मिक साख पर हमले तेज़ होने की संभावना है, जिससे सपा के लिए अपनी छवि को लेकर चुनौती बढ़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 5 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले