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मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: पिछले 10 में से 8 दीपावली सत्रों में बढ़त, संवत 2083 का आगाज़ आज

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मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: पिछले 10 में से 8 दीपावली सत्रों में बढ़त, संवत 2083 का आगाज़ आज

सारांश

संवत 2083 की शुरुआत के साथ आज दीपावली पर एक घंटे का मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित होगा। ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताता है कि पिछले 10 में से 8 बार बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए — हालांकि तेजी आमतौर पर 1% से कम रही। परंपरा और आंकड़े दोनों निवेशकों को सतर्क आशावाद की ओर इशारा करते हैं।

मुख्य बातें

BSE और NSE पर 8 नवंबर 2026 को दोपहर 2:20 से 3:30 बजे IST तक विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र आयोजित होगा।
पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में से 8 बार निफ्टी और सेंसेक्स दोनों बढ़त के साथ बंद हुए हैं।
2016 और 2017 में गिरावट आई थी; इसके बाद 2018 से 2025 तक लगातार आठ वर्ष बढ़त दर्ज हुई।
मुहूर्त सत्र में तेजी आमतौर पर 1 प्रतिशत से कम रही है; 2022 में निफ्टी की 1% बढ़त सबसे अधिक थी।
2025 के सत्र में सेंसेक्स 84,426 और निफ्टी 25,868 पर मामूली बढ़त के साथ बंद हुए थे।
यह सत्र नए हिंदू वित्तीय वर्ष संवत 2083 के आगाज़ का प्रतीक है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) रविवार, 8 नवंबर 2026 को दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे IST तक एक घंटे के विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र का आयोजन करेंगे, जिससे नए हिंदू वित्तीय वर्ष संवत 2083 की शुरुआत होगी। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में से 8 बार निफ्टी और सेंसेक्स दोनों बढ़त के साथ बंद हुए हैं।

मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व

मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र दीपावली पर आयोजित एक पारंपरिक और प्रतीकात्मक ट्रेडिंग सत्र है, जो नए हिंदू संवत वर्ष के आगाज़ का प्रतीक है। निवेशक इस सत्र में शेयर खरीदना शुभ मानते हैं। यह सत्र महज एक घंटे का होता है, लेकिन इसकी भावनात्मक और सांस्कृतिक अहमियत बाज़ार में विशेष उत्साह का माहौल बनाती है।

गौरतलब है कि इस सत्र के दौरान होने वाली तेजी आमतौर पर 1 प्रतिशत से कम रही है, यानी यह मुनाफाखोरी का नहीं बल्कि परंपरा और सकारात्मक भावना के प्रदर्शन का अवसर अधिक है।

निफ्टी का ऐतिहासिक प्रदर्शन

आंकड़ों के अनुसार, 2016 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में निफ्टी में 0.14 प्रतिशत और 2017 में 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद 2018 से लेकर 2025 तक लगातार आठ वर्षों में निफ्टी ने बढ़त के साथ सत्र समाप्त किया।

2018 में 0.7%, 2019 में 0.37%, 2020 में 0.47% और 2021 में 0.5% की तेजी रही। 2022 में निफ्टी ने सबसे मज़बूत प्रदर्शन करते हुए 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। 2023 में 0.5%, 2024 में 0.4% और 2025 के सत्र में करीब 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ निफ्टी 25,868 पर बंद हुआ था।

सेंसेक्स का ऐतिहासिक प्रदर्शन

सेंसेक्स का ट्रैक रिकॉर्ड भी लगभग निफ्टी जैसा ही रहा है। 2016 में 0.04% और 2017 में 0.59% की गिरावट के बाद सेंसेक्स ने 2018 से 2025 तक लगातार आठ सत्रों में सकारात्मक रिटर्न दिया।

2018 में 0.7%, 2019 में 0.49%, 2020 में 0.45% और 2021 में 0.5% की बढ़त रही। 2022 में सेंसेक्स 0.87% चढ़ा, 2023 में 0.54% और 2024 में 0.42% की तेजी दर्ज की गई। 2025 के सत्र में सेंसेक्स 63 अंक यानी करीब 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,426 पर बंद हुआ था।

2025 के सत्र से सबक

पिछले वर्ष 2025 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआत में तेज़ उछाल के साथ कारोबार किया था और दोनों सूचकांक अपने तत्कालीन 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर तक पहुँचे थे। हालांकि, कारोबार आगे बढ़ने के साथ शुरुआती बढ़त का अधिकांश हिस्सा गंवा दिया और अंत में मामूली तेजी के साथ बंद हुए। यह इस बात का संकेत है कि मुहूर्त सत्र में भावनात्मक उत्साह तो होता है, लेकिन टिकाऊ रैली के लिए बाज़ार के व्यापक संकेत अधिक निर्णायक होते हैं।

संवत 2083 में बाज़ार की राह

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता बनी हुई है और घरेलू स्तर पर मैक्रोइकोनॉमिक संकेत मिले-जुले हैं। विश्लेषकों के अनुसार, संवत 2083 में बाज़ार का प्रदर्शन काफी हद तक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति, कंपनियों की तिमाही आय और वैश्विक पूंजी प्रवाह पर निर्भर करेगा। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के उत्साह को दीर्घकालिक निवेश योजना से अलग रखें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक महत्वपूर्ण संदर्भ छिपा है — इन बढ़तों का औसत 1 प्रतिशत से भी कम रहा है, जो किसी भी निवेश थीसिस को आधार देने के लिए पर्याप्त नहीं है। असली सवाल यह है कि क्या यह परंपरा-प्रेरित भावना संवत 2083 की पहली तिमाही में टिकाऊ बाज़ार रैली में तब्दील होगी, जबकि वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मैक्रो संकेत मिले-जुले हैं। मुहूर्त सत्र का उत्साह बाज़ार की दीर्घकालिक दिशा का पर्याय नहीं है — मुख्यधारा की कवरेज यह फ़र्क अक्सर धुंधला कर देती है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 कब और कितने बजे होगी?
मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 रविवार, 8 नवंबर को दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे IST तक BSE और NSE पर आयोजित होगी। यह एक घंटे का विशेष सत्र नए हिंदू वित्तीय वर्ष संवत 2083 की शुरुआत को चिह्नित करता है।
पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में बाज़ार का प्रदर्शन कैसा रहा?
आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 में से 8 सत्रों में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों बढ़त के साथ बंद हुए हैं। केवल 2016 और 2017 में गिरावट दर्ज हुई थी; 2018 से 2025 तक लगातार आठ वर्षों में दोनों सूचकांकों ने सकारात्मक रिटर्न दिया।
मुहूर्त ट्रेडिंग में अब तक की सबसे बड़ी बढ़त कब आई?
निफ्टी की दृष्टि से 2022 का मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र सबसे मज़बूत रहा, जब सूचकांक 1 प्रतिशत चढ़ा। सेंसेक्स का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी 2022 में ही रहा, जब वह 0.87 प्रतिशत बढ़ा। अधिकांश अन्य वर्षों में बढ़त 1 प्रतिशत से कम रही।
संवत 2083 क्या है और इसका शेयर बाज़ार से क्या संबंध है?
संवत 2083 नया हिंदू वित्तीय वर्ष है, जो दीपावली के अवसर पर शुरू होता है। भारतीय शेयर बाज़ार इसे मुहूर्त ट्रेडिंग के माध्यम से मनाता है — एक घंटे के इस विशेष सत्र में शेयर खरीदना पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है।
2025 के मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में क्या हुआ था?
2025 के सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआत में तेज़ उछाल दिखाया और दोनों अपने तत्कालीन 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर तक पहुँचे। हालांकि, कारोबार के अंत तक अधिकांश बढ़त गंवा दी; सेंसेक्स 84,426 पर 0.07% और निफ्टी 25,868 पर 0.1% की मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।
राष्ट्र प्रेस
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