दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग: NSE-BSE पर रविवार को दोपहर 2:20 से 3:30 बजे तक विशेष सत्र, जानें पूरा शेड्यूल
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 8 नवंबर को दिवाली लक्ष्मी पूजन के अवसर पर पारंपरिक मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया जा रहा है। यह दिन नियमित साप्ताहिक अवकाश (रविवार) होने के बावजूद, दोनों एक्सचेंज एक घंटे के विशेष सत्र के लिए खुलेंगे। एक्सचेंजों द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नियमित ट्रेडिंग सत्र दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा।
मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा शेड्यूल
एक्सचेंजों द्वारा घोषित विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार, ब्लॉक डील विंडो सबसे पहले दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक खुलेगी। इसके बाद प्री-ओपनिंग सत्र दोपहर 2:05 बजे से 2:20 बजे तक संचालित होगा। मुख्य मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा, जिसके बाद निर्धारित समयानुसार क्लोजिंग और पोस्ट-क्लोजिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व
भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है और इसे बेहद शुभ माना जाता है। यह सत्र केवल एक कारोबारी अवसर नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक भी है। मान्यता है कि लक्ष्मी पूजन के दिन किया गया निवेश आने वाले वर्ष में समृद्धि और शुभ फल लेकर आता है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व केवल धार्मिक और सांस्कृतिक नहीं है — यह निवेशकों के मनोबल और बाजार की सकारात्मक भावना से भी गहरा जुड़ाव रखता है। बड़ी संख्या में दीर्घकालिक निवेशक इस सत्र में अपने पोर्टफोलियो में नए शेयर जोड़ते हैं, जबकि कुछ निवेशक केवल शुभ शुरुआत के प्रतीक के रूप में सांकेतिक खरीदारी करते हैं।
नवंबर में बाजार अवकाश का कैलेंडर
मुहूर्त ट्रेडिंग के अलावा नवंबर 2026 में शेयर बाजार कई अन्य अवसरों पर भी बंद रहेगा। दिवाली-बलिप्रतिपदा के उपलक्ष्य में 10 नवंबर को बाजार में अवकाश रहेगा। इसके अतिरिक्त 24 नवंबर को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर भी कारोबार बंद रहेगा। नियमित शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश इससे अलग रहेंगे।
विशेषज्ञों की सलाह
बाजार विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश का निर्णय केवल शुभ मुहूर्त की भावना से प्रेरित होकर नहीं लिया जाना चाहिए। निवेश से पहले संबंधित कंपनी के मूलभूत प्रदर्शन, दीर्घकालिक संभावनाओं और अपने निवेश लक्ष्य का आकलन अनिवार्य है। गौरतलब है कि यह परंपरा दशकों से चली आ रही है और आज भी निवेशकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय बनी हुई है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय शेयर बाजार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी स्थिरता बनाए हुए है, और मुहूर्त ट्रेडिंग जैसे सत्र बाजार में सकारात्मक भावना को और मजबूत करने का काम करते हैं।