हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकर बारूदी सुरंगों से क्षतिग्रस्त, आईआरजीसी ने किया दावा
सारांश
मुख्य बातें
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में 8 नवंबर 2026 को उस समय तनाव और बढ़ गया जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया कि अनधिकृत मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए, जिसके बाद दोनों जहाजों में आग लग गई। आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया आउटलेट 'सिपाह न्यूज़' पर जारी इस बयान ने वैश्विक तेल व्यापार की सबसे महत्वपूर्ण जलपट्टी में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएँ खड़ी कर दी हैं।
घटनाक्रम का विवरण
आईआरजीसी के बयान के अनुसार, एक टैंकर जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में बारूदी सुरंग से टकराया, जबकि दूसरा जलमार्ग पार करने के दौरान विस्फोट की चपेट में आया। नौसेना ने बताया कि दोनों जहाजों ने अपने नेविगेशन और जीपीएस सिस्टम बंद कर रखे थे। आईआरजीसी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी जहाज अमेरिकी सेना के साथ सहयोग करेगा और ईरानी नियमों की अनदेखी करते हुए जलडमरूमध्य के 'अनधिकृत' क्षेत्र में प्रवेश करेगा, वह 'निश्चित रूप से' समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आ जाएगा।
अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि ओमान की खाड़ी में उसके बलों ने एक व्यावसायिक जहाज को निष्क्रिय कर दिया। सेंटकॉम के अनुसार, जहाज के चालक दल ने 'बार-बार दी गई चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया' और ईरान के खिलाफ लागू नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन करने का प्रयास किया। एक सैन्य विमान ने सेंट किट्स के ध्वज वाले मालवाहक जहाज एम/वी हुडा के पिछले हिस्से को सटीक हथियारों से निशाना बनाकर निष्क्रिय कर दिया। कार्रवाई से पहले चालक दल को लक्षित क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया गया था।
नाकेबंदी की व्यापक तस्वीर
सेंटकॉम के आँकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 से अब तक अमेरिकी सेना ने 147 व्यावसायिक जहाजों को वापस लौटने के लिए मजबूर किया है और नाकेबंदी मानने से इनकार करने वाले पाँच व्यापारिक जहाजों को निष्क्रिय किया है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 व्यावसायिक तेल टैंकर पहले ही नष्ट कर दिए थे। अमेरिका का आरोप है कि ये टैंकर आईआरजीसी द्वारा संचालित अरबों डॉलर के एक गुप्त तेल नेटवर्क का हिस्सा थे। यह ऐसे समय में सामने आया है जब ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हमलों के बाद तेहरान ने इज़रायल तथा अमेरिका से संबंधित जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर रोक लगा दी है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर
गौरतलब है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुज़रती है, जो इसे वैश्विक ऊर्जा बाज़ार की सबसे संवेदनशील कड़ी बनाती है। इस जलपट्टी में बढ़ते सैन्य टकराव से अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बनने की आशंका जताई जा रही है। यह इस क्षेत्र में अमेरिका-ईरान तनाव का नवीनतम विस्फोट है, जो ईरान पर हुए संयुक्त हमलों के बाद और तीव्र हो गया है।
आगे क्या होगा
दोनों क्षतिग्रस्त टैंकरों पर सवार चालक दल की स्थिति और जहाजों की पहचान के बारे में अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय की नज़रें अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर टिकी हैं कि क्या यह मामला वहाँ उठाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक नाकेबंदी और जवाबी कार्रवाइयों का यह सिलसिला जारी रहेगा, वैश्विक शिपिंग मार्गों पर दबाव बना रहेगा।