2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो तेल टैंकरों में विस्फोट, आईआरजीसी का दावा — बारूदी सुरंगों से टकराए 'नियम उल्लंघनकारी' जहाज़

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो तेल टैंकरों में विस्फोट, आईआरजीसी का दावा — बारूदी सुरंगों से टकराए 'नियम उल्लंघनकारी' जहाज़

सारांश

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो तेल टैंकर बारूदी सुरंगों की चपेट में आए — आईआरजीसी का दावा है कि जहाज़ 'अनधिकृत' मार्ग से गुज़र रहे थे। यह घटना ऐसे समय में हुई जब ईरान के सर्वोच्च नेता ने 'बिना भौगोलिक सीमा' के जवाब देने का आदेश दिया है और अमेरिका खाड़ी देशों को संभावित सैन्य अभियान के लिए तैयार रहने को कह रहा है।

मुख्य बातें

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 2 नवंबर 2026 को एक सुपरटैंकर सहित दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ।
आईआरजीसी का दावा है कि दोनों जहाज़ नेवल माइन्स (बारूदी सुरंगों) से टकराए और उन्होंने अपनी पहचान प्रणालियाँ बंद कर रखी थीं।
ईरान ने 28 फरवरी को इज़रायल और अमेरिका से जुड़े जहाज़ों के होर्मुज से सुरक्षित आवागमन पर रोक लगाई थी।
सर्वोच्च नेता खामेनेई ने आदेश दिया है कि दुश्मन के खतरों का 'बिना किसी भौगोलिक सीमा' के तत्काल जवाब दिया जाए।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी देशों को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान के लिए तैयार रहने को कहा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 2 नवंबर 2026 को एक सुपरटैंकर सहित दो तेल टैंकरों में विस्फोट हो गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया है कि ये दोनों जहाज़ नेवल माइन्स (बारूदी सुरंगों) से टकराने के बाद घटनास्थल पर ही रुक गए। आईआरजीसी ने इन टैंकरों पर जलडमरूमध्य में 'अनधिकृत' मार्ग से प्रवेश करने का आरोप लगाया है।

मुख्य घटनाक्रम

आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया आउटलेट 'सिपाह न्यूज' पर जारी बयान में नौसेना ने कहा कि दोनों टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक ऐसे मार्ग से गुजर रहे थे जिसकी अनुमति नहीं थी। बयान के अनुसार, सुपरटैंकर में 'एक जोरदार विस्फोट हुआ और वह धू-धू कर जल रहा है।' दोनों जहाज़ों ने कथित तौर पर अपने नेविगेशन और पहचान प्रणालियाँ (आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) बंद कर रखी थीं।

गौरतलब है कि ईरान ने 28 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण और कड़ा कर लिया था, और इज़रायल तथा अमेरिका से जुड़े जहाज़ों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी थी। यह प्रतिबंध ईरानी क्षेत्र पर उनके संयुक्त हमलों के बाद लागू किया गया था।

आईआरजीसी प्रवक्ता का बयान

आईआरजीसी के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने ईरान के दक्षिण-पूर्वी केरमान प्रांत में एक सम्मेलन के दौरान कहा कि ईरानी बल 'दुश्मन को निर्णायक जवाब देने के लिए' पहले से कहीं अधिक तत्पर हैं। उन्होंने सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के हालिया आदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन निर्देशों ने 'युद्ध का एक नया अध्याय' शुरू कर दिया है।

मोहेब्बी ने खामेनेई के उस कथन का विशेष रूप से ज़िक्र किया जिसमें कहा गया कि 'अमेरिका के साथ युद्ध में कोई भौगोलिक सीमा नहीं है।' उन्होंने बताया कि आईआरजीसी ने दुश्मन के नए ठिकानों की पहचान और नए भौगोलिक क्षेत्रों में अभियानों की योजना बनाना अपने एजेंडे में शामिल किया है।

सर्वोच्च नेता का आदेश

शनिवार को जारी एक बयान में बताया गया कि ईरान के सर्वोच्च नेता ने सशस्त्र बलों के वरिष्ठ कमांडरों को निर्देश दिया है कि 'दुश्मनों' से आने वाले किसी भी स्तर और प्रकार के खतरे का 'तत्काल और प्रभावी' जवाब दिया जाए — बिना किसी भौगोलिक सीमा के। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के विरुद्ध अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की धमकियाँ तेज़ हो गई हैं।

अमेरिका की सैन्य तैयारी

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, गुरुवार को अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान से जुड़े विकल्पों पर जानकारी दी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका ने खाड़ी के कई देशों को सूचित किया है कि वे अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ एक संभावित, संक्षिप्त लेकिन तीव्र सैन्य अभियान के लिए तैयार रहें।

यह ऐसे समय में है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज — जिससे दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है — पहले से ही भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। इस जलडमरूमध्य पर किसी भी व्यवधान का वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा

दोनों टैंकरों की राष्ट्रीयता, मालिक और क्षति की सटीक सीमा अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुई है। यह घटना ऐसे नाज़ुक क्षण में हुई है जब अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है और वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और किसी भी स्थायी व्यवधान का असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर तत्काल पड़ेगा। आईआरजीसी का 'नियम उल्लंघन' का तर्क अपने आप में विवादास्पद है — क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत जलडमरूमध्य में 'निर्दोष पारगमन' का अधिकार मान्य है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या ईरान एकतरफा 'नियम' थोपकर अंतरराष्ट्रीय नौवहन को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है — और क्या अमेरिकी सैन्य प्रतिक्रिया इस आग में घी डालेगी।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों में विस्फोट कैसे हुआ?
आईआरजीसी की नौसेना के अनुसार, दोनों तेल टैंकर बारूदी सुरंगों (नेवल माइन्स) से टकराने के बाद विस्फोट के शिकार हुए। कहा गया है कि ये जहाज़ जलडमरूमध्य में एक 'अनधिकृत' मार्ग से गुज़र रहे थे और उनकी पहचान व नेविगेशन प्रणालियाँ बंद थीं।
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर प्रतिबंध कब और क्यों लगाया?
ईरान ने 28 फरवरी को इज़रायल और अमेरिका से जुड़े जहाज़ों के होर्मुज से सुरक्षित गुज़रने पर रोक लगाई थी। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर उनके संयुक्त हमलों के जवाब में उठाया गया था।
आईआरजीसी प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने क्या कहा?
मोहेब्बी ने केरमान प्रांत में एक सम्मेलन में कहा कि ईरानी बल दुश्मन को 'निर्णायक जवाब' देने के लिए पहले से अधिक तैयार हैं। उन्होंने सर्वोच्च नेता खामेनेई के उस आदेश का ज़िक्र किया जिसमें कहा गया कि 'अमेरिका के साथ युद्ध में कोई भौगोलिक सीमा नहीं है।'
अमेरिका ईरान के खिलाफ क्या कदम उठाने की तैयारी में है?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान से जुड़े विकल्पों पर जानकारी दी है। साथ ही अमेरिका ने खाड़ी के कई देशों को मध्यावधि चुनावों के बाद एक संभावित संक्षिप्त लेकिन तीव्र सैन्य अभियान के लिए तैयार रहने को कहा है।
इस घटना का वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर हो सकता है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। इस जलडमरूमध्य में किसी भी गंभीर व्यवधान का असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और तेल की कीमतों पर तत्काल रूप से पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले