यमन: होदेइदाह में रास इस्सा बंदरगाह और तेल केंद्र पर हवाई हमले, 7 नागरिक घायल — हूती दावा
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती गुट ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को दावा किया कि सऊदी गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने होदेइदाह प्रांत में लाल सागर के महत्वपूर्ण रास इस्सा बंदरगाह और बाजिल जिले के एक तेल भंडारण केंद्र पर हवाई हमले किए, जिनमें सात नागरिक घायल हो गए। यह दावा हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल अस्बाही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए किया।
हमलों का ब्योरा
अल अस्बाही के अनुसार, रविवार को रास इस्सा बंदरगाह पर हुई एयरस्ट्राइक में चार आम नागरिक घायल हुए, जबकि बाजिल में स्थित एक ऑयल कंपनी स्टेशन पर किए गए हमले में तीन अन्य नागरिक घायल बताए गए। उनकी पोस्ट के अनुसार, "सऊदी के आक्रामक विमानों द्वारा अल होदेइदाह प्रांत के रास इस्सा पोर्ट पर किए गए हवाई हमले में चार नागरिक घायल हो गए। इसके अलावा, अल होदेइदाह के बाजिल में ऑयल कंपनी स्टेशन को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की गई, जिसमें तीन और नागरिक घायल हो गए।"
हूती संचालित मीडिया चैनल अल मसीराह टीवी ने भी रविवार शाम रास इस्सा बंदरगाह पर हुए हमलों के लिए सऊदी गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया था।
हूती का अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन का आरोप
अल अस्बाही ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सीधा उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा, "तेल भंडारण केंद्रों और महत्वपूर्ण बंदरगाहों पर हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। ये यमन में उन युद्ध अपराधों की श्रृंखला को और बढ़ाते हैं, जिनमें नागरिकों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया जाता है।" गौरतलब है कि यमन युद्ध में नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमलों को लेकर दोनों पक्षों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं।
व्यापक हमलों का दावा
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने भी रविवार को एक्स पर बयान जारी कर दावा किया कि पिछले 24 घंटों में सादा, ताइज, अमरान, इब्ब, धमार, लाहज, होदेइदाह और अल जौफ प्रांतों में 75 हवाई और मिसाइल हमले हुए। उनका दावा है कि हालिया तनाव शुरू होने के बाद से कुल 3,830 हवाई और मिसाइल हमले हो चुके हैं, जिनमें आम नागरिक हताहत हुए हैं।
यमन संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब यमन में गृहयुद्ध फिर से भड़क उठा है। ईरान समर्थित हूती गुट और सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन — जो यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है — आमने सामने हैं। दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक माने जाने वाले यमन में यह संघर्ष वर्षों से जारी है, और होदेइदाह का बंदरगाह मानवीय सहायता और खाद्य आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
आगे की स्थिति
सऊदी गठबंधन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विश्लेषकों का कहना है कि होदेइदाह पर हमले यमन में खाद्य संकट को और गहरा कर सकते हैं, क्योंकि यह बंदरगाह देश की एक बड़ी आबादी के लिए आपूर्ति का मुख्य द्वार है।