2 नवंबर 2026
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एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की पहली मुलाकात, वायुसेना की नई कमान पर चर्चा

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एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की पहली मुलाकात, वायुसेना की नई कमान पर चर्चा

सारांश

भारतीय वायुसेना के नए 29वें प्रमुख एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने पद संभालने के अगले दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। राजनाथ ने उन्हें 'विशिष्ट वायु योद्धा' बताया। उसी दिन रक्षा मंत्रालय ने ₹53,866.50 करोड़ के 8 युद्धपोत करार कर स्वदेशी रक्षा निर्माण को नई ताक़त दी।

मुख्य बातें

एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने 2 नवंबर 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पदभार के बाद पहली मुलाकात की।
दीक्षित ने 1 नवंबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कमान संभाली और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
वे एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद वायुसेना प्रमुख बने; इससे पहले वे उप प्रमुख के पद पर थे।
रक्षा मंत्री ने दीक्षित को 'विशिष्ट वायु योद्धा' बताते हुए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ दीं।
रक्षा मंत्रालय ने 8 युद्धपोतों के निर्माण और खरीद हेतु ₹53,866.50 करोड़ के करार किए।
'नेक्स्ट जनरेशन कोरवेट्स' परियोजना सरकारी उपक्रमों, निजी शिपयार्डों और एमएसएमई को जोड़ेगी।

भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। वायुसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद यह उनकी रक्षा मंत्री के साथ पहली औपचारिक मुलाकात थी। इस भेंट में नई नेतृत्व टीम ने भारतीय वायुसेना की परिचालन तैयारियों और भविष्य की रणनीतिक दिशा पर विचार-विमर्श किया।

रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुलाकात के बाद एयर चीफ मार्शल दीक्षित को एक 'विशिष्ट वायु योद्धा' बताया और कहा कि वे अपने उत्कृष्ट नेतृत्व कौशल के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने नवनियुक्त वायुसेना प्रमुख को नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ देते हुए उम्मीद जताई कि उनका कार्यकाल भारतीय वायुसेना के लिए सफल और ऐतिहासिक साबित होगा।

दीक्षित की नियुक्ति की पृष्ठभूमि

एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने 1 नवंबर 2026 को पदभार संभाला, जब उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इससे पहले वे भारतीय वायुसेना में उप प्रमुख के पद पर कार्यरत थे। उनके पूर्ववर्ती एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने कमान संभाली। पदभार ग्रहण करते समय दीक्षित ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया था।

ऑपरेशन सिंदूर की विरासत

एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने अपने पूर्ववर्ती की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के नेतृत्व में वायुसेना ने यह साबित कर दिया कि 'सटीक और निर्णायक हवाई शक्ति क्या कर सकती है।' उन्होंने कहा कि उन्हें एक 'पूरी तरह तैयार वायुसेना' की कमान मिली है, जो भविष्य की चुनौतियों के लिए सुसज्जित है।

₹53,866 करोड़ के नौसेना करार

इसी क्रम में रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को 8 युद्धपोतों के निर्माण और खरीद के लिए कुल ₹53,866.50 करोड़ के करार किए। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह 'भारत के स्वदेशी जहाज निर्माण इकोसिस्टम के लिए बहुत अच्छी खबर है।' भारतीय नौसेना के लिए 'नेक्स्ट जनरेशन कोरवेट्स' परियोजना सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों, निजी शिपयार्डों और एमएसएमई के बीच सहयोग को मज़बूत करेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को तेज़ी से स्वदेशी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना और नौसेना दोनों की परिचालन तैयारियों पर राष्ट्रीय ध्यान बढ़ा है। नए वायुसेना प्रमुख के समक्ष इस विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब वायुशक्ति की विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय ध्यान चरम पर है। उसी दिन ₹53,866 करोड़ के युद्धपोत करार यह संकेत देते हैं कि रक्षा मंत्रालय तीनों सेनाओं में एक साथ आधुनिकीकरण की रफ़्तार बनाए रखना चाहता है। असली परीक्षा यह होगी कि नए वायुसेना प्रमुख ऑपरेशन सिंदूर से मिली परिचालन सीखों को दीर्घकालिक क्षमता-निर्माण में कैसे बदलते हैं। स्वदेशी जहाज निर्माण करारों का शोर स्वागत-योग्य है, लेकिन समयसीमा और गुणवत्ता पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित कौन हैं?
अशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख हैं, जिन्होंने 1 नवंबर 2026 को कमान संभाली। इससे पहले वे वायुसेना के उप प्रमुख के पद पर कार्यरत थे और उनके पूर्ववर्ती एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सेवानिवृत्त हुए।
राजनाथ सिंह और एयर चीफ मार्शल दीक्षित की मुलाकात क्यों हुई?
यह वायुसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद रक्षा मंत्री के साथ उनकी पहली औपचारिक मुलाकात थी। इसमें भारतीय वायुसेना की परिचालन तैयारियों और भविष्य की रणनीतिक दिशा पर चर्चा हुई।
रक्षा मंत्रालय के ₹53,866 करोड़ के युद्धपोत करार क्या हैं?
रक्षा मंत्रालय ने 8 युद्धपोतों के निर्माण और खरीद के लिए ₹53,866.50 करोड़ के करार किए हैं। 'नेक्स्ट जनरेशन कोरवेट्स' परियोजना सरकारी रक्षा उपक्रमों, निजी शिपयार्डों और एमएसएमई के बीच सहयोग को मज़बूत करेगी।
ऑपरेशन सिंदूर का वायुसेना नेतृत्व से क्या संबंध है?
एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके पूर्ववर्ती एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के नेतृत्व में वायुसेना ने 'सटीक और निर्णायक हवाई शक्ति' का प्रदर्शन किया। दीक्षित ने इसे एक पूरी तरह तैयार वायुसेना की विरासत बताया, जो उन्हें सौंपी गई है।
नए वायुसेना प्रमुख के सामने मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?
एयर चीफ मार्शल दीक्षित ऑपरेशन सिंदूर के बाद उच्च-परिचालन अपेक्षाओं के बीच कमान संभाल रहे हैं। उन्हें स्वदेशी आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और बहु-क्षेत्रीय परिचालन तैयारी को एक साथ आगे बढ़ाना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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